पैरा-शटलर प्रेमा विश्वास का आरोप: एशियन पैरा गेम्स 2026 चयन में भेदभाव, PM मोदी से न्याय की गुहार
सारांश
मुख्य बातें
पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास ने 13 सितंबर 2026 को एक भावनात्मक सार्वजनिक अपील जारी कर आरोप लगाया कि आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स (जापान) के लिए उनकी आधिकारिक एंट्री जानबूझकर देर से भेजी गई, जिसके कारण उसे अस्वीकार कर दिया गया। WH1 श्रेणी की इस अंतरराष्ट्रीय पैरा-बैडमिंटन शटलर ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की माँग की है।
क्या है प्रेमा विश्वास का आरोप
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की रहने वाली प्रेमा ने फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट में लिखा कि उनकी एशियन एकल रैंकिंग 8 है और वे महिला डबल्स में टॉप 6 में शामिल हैं। इसके बावजूद, उनसे कम रैंक — यानी एकल में 11वीं रैंक तक के खिलाड़ियों — की एंट्री पहले दर्ज की गई, जबकि उनकी एंट्री इतनी देर से भेजी गई कि आयोजकों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
प्रेमा ने पोस्ट में लिखा, 'मेरी एकल एशियन रैंकिंग 8 है और मैं महिला डबल्स में टॉप 6 में हूँ। फिर भी आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स के लिए मेरी एंट्री शुरू में नहीं भेजी गई। जब इसे आखिरकार भेजा गया, तो इसमें इतनी देर हो गई कि अब इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसमें मेरी क्या गलती है?'
खिलाड़ी की व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियाँ
प्रेमा ने अपनी संघर्षमय पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे एक वंचित परिवार से आती हैं, उनके पिता का निधन हो चुका है और उनके पास न कोई नियमित रोज़गार है, न किसी प्रकार का संस्थागत सहयोग। उन्होंने कहा, 'मैं लोगों से मदद माँगकर, बेहद कठिन परिस्थितियों में ट्रेनिंग करके इस स्तर तक पहुँची हूँ।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स उनके लिए महज एक और प्रतियोगिता नहीं, बल्कि संभवतः उनके करियर का पहला और आखिरी एशियन पैरा गेम्स है। उन्होंने कहा, 'मेरे पास इतने संसाधन नहीं कि मैं सालों तक यही रैंकिंग दोबारा बना सकूँ।'
PM मोदी से न्याय की माँग
प्रेमा ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा, 'मैं कोई फ़ेवर नहीं माँग रही। मैं बस इंसाफ माँग रही हूँ। मुझे केवल अपने देश के लिए खेलने का एक मौका चाहिए।' यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारतीय पैरा-खेल समुदाय में चयन पारदर्शिता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
खेल उपलब्धियाँ और चयन का आधार
प्रेमा विश्वास ने इजिप्ट पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में दो कांस्य पदक जीते थे, जो एशियन पैरा गेम्स चयन रैंकिंग का हिस्सा था। इसके साथ ही एशियन एकल में रैंक 8 और महिला डबल्स में टॉप 6 की उपस्थिति उन्हें चयन की दृष्टि से स्पष्ट रूप से योग्य बनाती है। गौरतलब है कि आधिकारिक प्रक्रिया में इतनी स्पष्ट रैंकिंग के बावजूद एंट्री की चूक, सवाल उठाती है कि चयन तंत्र में कहाँ चूक हुई।
आगे क्या होगा
अब तक भारतीय पैरालंपिक समिति या संबंधित खेल संघ की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रेमा की यह अपील सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रही है और खेल प्रेमियों व दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। यदि सरकार या खेल निकाय तत्काल संज्ञान लेते हैं, तो देखना होगा कि क्या देर से भेजी गई एंट्री को पुनः विचार के लिए आयोजकों के पास भेजा जा सकता है।