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बीसीसीआई ने सीडी गोपीनाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया, योगदान को सदा याद रखा जाएगा

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बीसीसीआई ने सीडी गोपीनाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया, योगदान को सदा याद रखा जाएगा

सारांश

बीसीसीआई ने पूर्व क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। गोपीनाथ ने भारत को पहले टेस्ट जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

मुख्य बातें

सीडी गोपीनाथ का निधन भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति है।
उन्होंने भारत को पहला टेस्ट जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोपीनाथ ने 1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया।
उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
बीसीसीआई ने उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत के पूर्व क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका निधन गुरुवार को 96 वर्ष की आयु में हुआ। गोपीनाथ, जो भारत को पहला टेस्ट जीताने वाली टीम का हिस्सा थे, ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1 मार्च 1930 को चेन्नई (तब इसे मद्रास कहा जाता था) में जन्मे गोपीनाथ क्रिकेट के एक सुनहरे युग का प्रतिनिधित्व करते थे। इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में मद्रास के लिए शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई, जिससे उनका चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ।

गोपीनाथ ने 1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में नाबाद अर्धशतक बनाकर अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने उस सीरीज में ब्रेबोर्न स्टेडियम में भी एक बेहतरीन पारी खेली। उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1960 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन्स में हुआ था।

चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट जीत में भी गोपीनाथ का योगदान महत्वपूर्ण था। उन्होंने 35 रनों का योगदान दिया और एक शानदार कैच लपका। यह कैच वीनू मांकड़ की गेंद पर लिया गया था, जिन्होंने इस मैच में 12 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में मदद की।

घरेलू क्रिकेट में, गोपीनाथ मद्रास क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने टीम की कप्तानी की और 1954-55 में रणजी ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें उन्होंने फाइनल में शतक जड़ा।

खेल से संन्यास के बाद, गोपीनाथ ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में भारतीय क्रिकेट की सेवा की, जैसे कि राष्ट्रीय चयनकर्ता और चयन समिति के अध्यक्ष। उन्होंने 1979 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर की भूमिका भी निभाई।

बीसीसीआई के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, "सीडी गोपीनाथ उस समय का प्रतिनिधित्व करते थे जब भारतीय क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा था। उनका योगदान और खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अविस्मरणीय है। हम उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हैं।"

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "गोपीनाथ उस पीढ़ी से हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को आकार दिया। उनकी टेस्ट जीत का हिस्सा होना हमेशा याद रहेगा।"

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में गोपीनाथ ने आठ टेस्ट मैच खेले और 242 रन बनाए, जिनमें एक नाबाद अर्धशतक शामिल है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में, उन्होंने 83 मैचों में 4,259 रन बनाए, जिसमें नौ शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें एक प्रेरणास्त्रोत भी बनाया। उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीडी गोपीनाथ का जन्म कब हुआ?
सीडी गोपीनाथ का जन्म 1 मार्च 1930 को चेन्नई में हुआ था।
गोपीनाथ ने कब अपना पहला टेस्ट मैच खेला?
गोपीनाथ ने 1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला।
गोपीनाथ के योगदान को किस रूप में देखा जाता है?
गोपीनाथ का योगदान भारतीय क्रिकेट के प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण रहा।
बीसीसीआई ने गोपीनाथ के निधन पर क्या कहा?
बीसीसीआई ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया।
गोपीनाथ का अंतरराष्ट्रीय करियर कैसा रहा?
गोपीनाथ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 8 टेस्ट मैच खेले और 242 रन बनाए।
राष्ट्र प्रेस
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