कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 ग्लासगो: 10 खेल शामिल, क्रिकेट-हॉकी-बैडमिंटन बाहर
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 23वाँ संस्करण 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होगा। 12 वर्षों के अंतराल के बाद ग्लासगो एक बार फिर इन प्रतिष्ठित बहु-खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर रहा है — और इस बार खेलों की संख्या, स्थल और स्वरूप सभी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बर्मिंघम 2022 के 20 खेलों की तुलना में इस संस्करण में केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं।
कौन-से खेल हैं इस बार शामिल
ग्लासगो 2026 में निम्नलिखित 10 खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी: एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक, ट्रैक साइकिलिंग और पैरा ट्रैक साइकिलिंग, नेटबॉल, वेटलिफ्टिंग और पैरा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, जूडो, बॉल्स और पैरा बॉल्स, तथा 3x3 बास्केटबॉल और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल।
किन खेलों को रखा गया बाहर
इस बार क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती, स्क्वैश, रिदमिक जिम्नास्टिक, टेबल टेनिस, डाइविंग, रग्बी सेवेंस, बीचबॉल और माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं होंगे। यह उन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बड़ी निराशा है जो क्रिकेट और बैडमिंटन में पदकों की उम्मीद लगाए बैठे थे।
चार स्थल, 8 मील का कॉरिडोर
2014 में ग्लासगो ने 14 स्थलों पर 17 खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की थीं। इस बार पूरा आयोजन 8 मील के कॉरिडोर में मात्र चार प्रमुख स्थलों पर केंद्रित है — जो एक सघन और किफायती आयोजन मॉडल की ओर स्पष्ट बदलाव दर्शाता है।
ग्लासगो इंटरनेशनल एरिना में कुल 60 मेडल इवेंट होंगे, जिनमें जिम्नास्टिक्स (14), ट्रैक साइकिलिंग (18) और पैरा ट्रैक साइकिलिंग (8) शामिल हैं। इसी परिसर में स्थित सर क्रिस होय वेलोड्रोम में 30 जुलाई से 2 अगस्त तक साइकिलिंग प्रतियोगिताएँ होंगी, जबकि जिम्नास्टिक प्रतियोगिताएँ 24 से 28 जुलाई के बीच आयोजित होंगी।
स्कॉटिश इवेंट कैंपस (SEC) के तीन हिस्सों में 6 प्रतियोगिताओं के 60 मेडल इवेंट खेले जाएंगे। द हाइड्रो नेटबॉल (1 इवेंट) की मेजबानी करेगा; एसईसी आर्माडिलो वेटलिफ्टिंग (16) और पैरा पावरलिफ्टिंग (4) की। एसईसी सेंटर में 3x3 बास्केटबॉल (2), बॉक्सिंग (14), जूडो (14), बॉल्स (4), 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल (2) और पैरा बॉल्स (3) का आयोजन होगा।
टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर में स्विमिंग (42) और पैरा स्विमिंग (14) मिलाकर कुल 56 मेडल इवेंट होंगे। वहीं, स्कॉटस्टाउन स्टेडियम एथलेटिक्स (43) और पैरा एथलेटिक्स (16) के कुल 59 मेडल इवेंट की मेजबानी करेगा।
भारत पर क्या असर
गौरतलब है कि भारत के लिए पारंपरिक रूप से पदक दिलाने वाले खेल — बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश — इस बार कार्यक्रम से बाहर हैं। हालाँकि एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो और वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी में जुटा है और अपने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।