7 जून 1975: पहले पुरुष वनडे वर्ल्ड कप में गावस्कर की 36 रन की शर्मनाक पारी, भारत 202 रनों से हारा
सारांश
मुख्य बातें
7 जून, 1975 को लॉर्ड्स के मैदान पर पुरुष एकदिवसीय क्रिकेट के पहले वर्ल्ड कप का उद्घाटन मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इस ऐतिहासिक मैच में सुनील गावस्कर ने 174 गेंदों में महज 36 रन बनाए — एक ऐसी पारी जो आज भी वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे धीमी पारी के रूप में दर्ज है। 202 रनों की करारी हार के साथ भारत का विश्व कप में यह पहला कदम बेहद निराशाजनक रहा।
मुकाबले का घटनाक्रम
1975 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 8 टीमें शामिल थीं। भारत को पहले ग्रुप में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ईस्ट अफ्रीका के साथ रखा गया था। उस दौर में वनडे मुकाबले 60 ओवर के होते थे। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 60 ओवर में 4 विकेट खोकर 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इंग्लैंड की पारी का आधार डेनिस एमिस की शानदार बल्लेबाजी थी। उन्होंने 147 गेंदों में 18 चौकों की मदद से 137 रन बनाए — यह वनडे विश्व कप का पहला शतक था। उनके अलावा कीथ फ्लेचर ने 68 रन और क्रिस ओल्ड ने नाबाद 51 रन जोड़े।
भारत की बल्लेबाजी और गावस्कर का विवादित प्रदर्शन
335 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत लड़खड़ाई। एकनाथ सोलकर महज 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अंशुमान गायकवाड़ 22 रन पर आउट हुए, जबकि गुंडप्पा विश्वनाथ ने 59 गेंदों में 37 रन बनाए।
सुनील गावस्कर पूरी पारी में एक छोर पर डटे रहे, लेकिन उनका बल्ला लगभग मौन रहा। 174 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने केवल 36 रन बनाए और पूरी पारी में सिर्फ एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 20.68 रहा — जो किसी भी मानक से अस्वीकार्य था, खासकर तब जब टीम को विशाल लक्ष्य का पीछा करना था। भारत 60 ओवर में 3 विकेट खोकर केवल 132 रन ही बना सका और 202 रनों से मैच हार गया।
गावस्कर की इस पारी की उस समय व्यापक आलोचना हुई थी और उनकी बैटिंग अप्रोच पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। यह पारी आज भी वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे धीमी पारी के रूप में दर्ज है।
भारत का समग्र विश्व कप प्रदर्शन
इस विश्व कप में श्रीनिवास वेंकटराघवन ने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। टीम पूरे टूर्नामेंट में केवल एक जीत दर्ज कर सकी — ईस्ट अफ्रीका को 10 विकेट से हराकर।
एक ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि पुरुष वनडे वर्ल्ड कप से दो साल पहले ही महिलाओं का वनडे विश्व कप आयोजित हो चुका था। 20 जून, 1973 को इंग्लैंड और इंटरनेशनल इलेवन के बीच पहला महिला वनडे विश्व कप मुकाबला खेला गया था — यानी महिला क्रिकेट ने इस मोर्चे पर पुरुष क्रिकेट से बाजी मारी थी। 7 जून, 1975 की तारीख वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर बनी रही, चाहे भारत के लिए उस दिन की यादें कड़वी ही क्यों न हों।