आईओसी की ऑनलाइन अब्यूज रिपोर्ट: पेरिस 2024 और मिलानो 2026 में 24,700 अपमानजनक पोस्ट सत्यापित
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने 7 अगस्त 2026 को पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स और मिलानो कॉर्टिना 2026 ओलंपिक विंटर गेम्स के दौरान एथलीटों के विरुद्ध हुए ऑनलाइन दुर्व्यवहार पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट में दोनों आयोजनों में कुल 4.3 मिलियन पोस्ट की निगरानी की गई और लगभग 24,700 अपमानजनक पोस्ट व कमेंट्स को सत्यापित किया गया — जो एथलीटों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर वैश्विक खेल जगत में एक गंभीर चेतावनी है।
मुख्य घटनाक्रम
8 अगस्त को मनाए जाने वाले सेफ स्पोर्ट डे के अवसर पर आईओसी ने अपनी साइबर-अब्यूज प्रोटेक्शन सर्विस (CAPS) के निष्कर्ष सार्वजनिक किए। पेरिस 2024 के दौरान लगभग 20,000 अकाउंट्स और 45 भाषाओं में निगरानी की गई, जबकि मिलानो कॉर्टिना 2026 में 6,000 से अधिक अकाउंट्स और 56 भाषाओं को कवर किया गया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कुल मिलाकर लगभग 2,42,000 पोस्ट और कमेंट्स को संभावित रूप से आपत्तिजनक मानते हुए मानवीय समीक्षा के लिए चिह्नित किया — जिसमें पेरिस 2024 के 1,52,000 और मिलानो कॉर्टिना 2026 के लगभग 90,000 शामिल हैं।
सत्यापित आँकड़े
विश्लेषकों ने AI द्वारा फ्लैग की गई सामग्री की मानवीय समीक्षा के बाद कुल 24,700 अपमानजनक पोस्ट को सत्यापित किया। इनमें पेरिस 2024 में 10,200 और मिलानो कॉर्टिना 2026 में 14,500 पोस्ट शामिल हैं। इस प्रक्रिया में 18,900 यूनिक अकाउंट्स की पहचान की गई जो इस दुर्व्यवहार के स्रोत थे।
आईओसी की चेतावनी
आईओसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा, 'ऑनलाइन दुर्व्यवहार पूरे खेल जगत में सुरक्षा का एक बड़ा मुद्दा है और, हालाँकि यह ऑनलाइन होता है, लेकिन यह सिर्फ डिजिटल दायरे तक सीमित नहीं रहता। इससे असली और दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, प्रतिष्ठा और आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह सामग्री प्लेटफॉर्म हटाने या आपराधिक मामला दर्ज करने की सीमा को भले न छुए, फिर भी ये हानिकारक ऑनलाइन व्यवहार गंभीर रूप से नुकसानदेह हैं।'
सुरक्षा की माँग और सिफारिशें
रिपोर्ट में रोकथाम की रणनीतियों, डिजिटल साक्षरता और शिक्षा को मजबूत करने, तथा ऐसी प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर ज़ोर दिया गया है जो ऑनलाइन दुर्व्यवहार के व्यापक प्रभाव को पहचाने। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एथलीटों — विशेषकर महिला और रंगीन त्वचा वाले खिलाड़ियों — को लक्षित करने की घटनाएँ वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं।
आगे क्या
आईओसी की यह रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों, राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों और सरकारों से ठोस कदम उठाने का आह्वान करती है। गौरतलब है कि CAPS प्रणाली अब आगामी ओलंपिक आयोजनों में और अधिक भाषाओं व अकाउंट्स को कवर करने के लिए विस्तारित की जाएगी, ताकि एथलीटों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित माहौल मिल सके।