ईरान की फुटबॉल स्टार मोहद्देसे जोल्फी ने विदेशी शरण का प्रस्ताव ठुकराया, वापस लौटना चाहती हैं
सारांश
Key Takeaways
- मोहद्देसे जोल्फी का निर्णय उनके वतन की ओर लौटने की भावना को दर्शाता है।
- ईरानी महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान गाने से मना किया, जो एक साहसिक कदम था।
- ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया है, जो उनके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है।
तेहरान, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की स्टार खिलाड़ी मोहद्देसे जोल्फी ने विदेशी शरण का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और अब वह अपने देश वापस लौटने की इच्छा रखती हैं। पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगी थी, लेकिन अब उन्होंने अपने निर्णय को बदलते हुए अपने वतन लौटने का मन बना लिया है।
मोहद्देसे जोल्फी ने पहले ऑस्ट्रेलिया में शरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब उन्होंने अपने शरण आवेदन को वापस ले लिया है।
ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मंत्री टोनी बर्क ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को जानकारी दी है कि शरण का अनुरोध करने वाली दो ईरानी खिलाड़ियों में से एक ने अपना मन बदल लिया है।
टोनी बर्क ने कहा, "ईरानी महिला फुटबॉल टीम की जिन दो सदस्यों को शरण दी गई थी, उनमें से एक ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया है। अपनी टीम के साथियों से सलाह करने के बाद, उन्होंने ईरानी दूतावास से संपर्क किया। ऑस्ट्रेलिया में, लोग अपने फैसले बदलने के लिए स्वतंत्र हैं। हम उनके निर्णय का सम्मान करते हैं।" अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में खिलाड़ी की पहचान मोहद्देसे जोल्फी के रूप में की गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले हफ्ते एएफसी एशियन कप २०२६ के उद्घाटन मैच में ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इस्लामिक शासन का राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया था। राष्ट्रगान के दौरान खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं। यह कदम ईरान में मिलिट्री तनाव और आंतरिक अशांति के संदर्भ में उठाया गया था।
इस कदम के बाद कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और खिलाड़ियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी, जिसके बाद ईरानी महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
इसके बाद, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कुछ खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की अनुमति दी थी। इस वीजा के तहत ये ईरानी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में नौकरी के साथ पढ़ाई भी कर सकती थीं।