खेल महाकुंभ में लंगड़ी-सतोलिया जैसे पारंपरिक खेल शामिल, टैलेंट हंट योजना से 5-15 वर्षीय बच्चों पर फोकस: अंजू शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर अंजू शर्मा ने 19 सितंबर 2026 को मोरबी, गुजरात में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल महाकुंभ के लिए पंजीकरण की अपील की और बताया कि इस बार के आयोजन में 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि खेल महाकुंभ में लंगड़ी और सतोलिया जैसे पारंपरिक खेलों को भी स्थान दिया गया है, जिन्हें नई पीढ़ी लगभग भूल चुकी है।
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि और अपील
भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजू शर्मा ने कहा, 'खेल महाकुंभ का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और 22 सितंबर को यह बंद हो जाएगा। मेरा आग्रह है कि मोरबी के अधिक से अधिक विद्यार्थी एवं सामान्य नागरिक इसमें पंजीकरण करें।' उन्होंने बताया कि इस जागरूकता अभियान के तहत कई गाँवों और स्कूलों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं।
अंजू के अनुसार खेल महाकुंभ को लेकर बच्चों में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा, 'मैंने सौराष्ट्र में देखा है कि जैसी उत्सुकता सातम-आठम के त्योहारों पर होती है, वैसा ही उत्साह आज सामान्य बच्चों में खेल महाकुंभ को लेकर है।'
पारंपरिक खेलों को मिली जगह
खेल महाकुंभ की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसमें लंगड़ी और सतोलिया जैसे उन खेलों को भी शामिल किया गया है जो पिछली पीढ़ियों की पहचान थे, लेकिन अब लगभग अप्रचलित हो चुके हैं। अंजू शर्मा ने कहा, 'ये खेल हमने खेले हैं, लेकिन हमारे बाद आने वाली पीढ़ी इन्हें भूल चुकी है। इन्हें शामिल करने का उद्देश्य यही है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी रहे।' गौरतलब है कि पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्जीवित करने की माँग खेल विशेषज्ञ लंबे समय से उठाते आए हैं।
टैलेंट हंट योजना और PM मोदी का विज़न
अंजू शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2026 को शुरू की गई टैलेंट हंट योजना के अंतर्गत खेल महाकुंभ में 5 से 15 वर्ष के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने PM के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी उल्लेख करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री ने कहा था कि ओलंपिक में करीब 350 इवेंट होते हैं, लेकिन भारत अभी बहुत कम खेलों में हिस्सा ले पाता है और कई में क्वालिफाई भी नहीं कर पाता।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत ओलंपिक में अपना प्रदर्शन बेहतर करने की दिशा में व्यापक नीतिगत प्रयास कर रहा है।
अंजू ने कहा कि टैलेंट हंट योजना के ज़रिये देश की युवा शक्ति को प्राथमिकता दी गई है, ताकि जमीनी स्तर से प्रतिभाएँ उभरकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच सकें।
विजेताओं को पुरस्कार और सरकारी लाभ
अंजू शर्मा के अनुसार खेल महाकुंभ में विजेता प्रतिभागियों को गुजरात सरकार की ओर से पुरस्कार और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विजेता बच्चों की शिक्षा सहित अन्य ज़रूरतों का खर्च राज्य सरकार वहन करती है और पदक जीतने पर अलग से पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं। यह प्रावधान जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को दीर्घकालिक प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खेल महाकुंभ का यह संस्करण न केवल खेल प्रतिस्पर्धा, बल्कि भारत की खेल संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नज़दीक आने के साथ यह देखना होगा कि मोरबी और सौराष्ट्र से कितने युवा इस अवसर का लाभ उठाते हैं।