19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खेल महाकुंभ में लंगड़ी-सतोलिया जैसे पारंपरिक खेल शामिल, टैलेंट हंट योजना से 5-15 वर्षीय बच्चों पर फोकस: अंजू शर्मा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खेल महाकुंभ में लंगड़ी-सतोलिया जैसे पारंपरिक खेल शामिल, टैलेंट हंट योजना से 5-15 वर्षीय बच्चों पर फोकस: अंजू शर्मा

सारांश

खेल महाकुंभ इस बार सिर्फ प्रतियोगिता नहीं — यह भूली-बिसरी खेल विरासत की वापसी भी है। लंगड़ी-सतोलिया की वापसी और 5 से 15 वर्षीय बच्चों पर केंद्रित टैलेंट हंट योजना के साथ, यह आयोजन जमीनी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की महत्वाकांक्षी कोशिश है।

मुख्य बातें

अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर अंजू शर्मा ने 19 सितंबर 2026 को मोरबी, गुजरात में खेल महाकुंभ के लिए पंजीकरण की अपील की।
खेल महाकुंभ रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 22 सितंबर 2026 है।
लंगड़ी और सतोलिया जैसे पारंपरिक खेलों को खेल महाकुंभ में शामिल किया गया है।
PM नरेंद्र मोदी की टैलेंट हंट योजना ( 15 अगस्त 2026 से) के तहत 5 से 15 वर्षीय बच्चों पर विशेष ध्यान।
विजेता बच्चों की शिक्षा सहित अन्य खर्च गुजरात सरकार वहन करेगी; पदक पर अलग पुरस्कार भी।
PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में बताया कि ओलंपिक में करीब 350 इवेंट होते हैं, जिनमें भारत की भागीदारी बढ़ाना लक्ष्य है।

अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर अंजू शर्मा ने 19 सितंबर 2026 को मोरबी, गुजरात में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल महाकुंभ के लिए पंजीकरण की अपील की और बताया कि इस बार के आयोजन में 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि खेल महाकुंभ में लंगड़ी और सतोलिया जैसे पारंपरिक खेलों को भी स्थान दिया गया है, जिन्हें नई पीढ़ी लगभग भूल चुकी है।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि और अपील

भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजू शर्मा ने कहा, 'खेल महाकुंभ का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और 22 सितंबर को यह बंद हो जाएगा। मेरा आग्रह है कि मोरबी के अधिक से अधिक विद्यार्थी एवं सामान्य नागरिक इसमें पंजीकरण करें।' उन्होंने बताया कि इस जागरूकता अभियान के तहत कई गाँवों और स्कूलों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं।

अंजू के अनुसार खेल महाकुंभ को लेकर बच्चों में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा, 'मैंने सौराष्ट्र में देखा है कि जैसी उत्सुकता सातम-आठम के त्योहारों पर होती है, वैसा ही उत्साह आज सामान्य बच्चों में खेल महाकुंभ को लेकर है।'

पारंपरिक खेलों को मिली जगह

खेल महाकुंभ की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसमें लंगड़ी और सतोलिया जैसे उन खेलों को भी शामिल किया गया है जो पिछली पीढ़ियों की पहचान थे, लेकिन अब लगभग अप्रचलित हो चुके हैं। अंजू शर्मा ने कहा, 'ये खेल हमने खेले हैं, लेकिन हमारे बाद आने वाली पीढ़ी इन्हें भूल चुकी है। इन्हें शामिल करने का उद्देश्य यही है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत बनी रहे।' गौरतलब है कि पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्जीवित करने की माँग खेल विशेषज्ञ लंबे समय से उठाते आए हैं।

टैलेंट हंट योजना और PM मोदी का विज़न

अंजू शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2026 को शुरू की गई टैलेंट हंट योजना के अंतर्गत खेल महाकुंभ में 5 से 15 वर्ष के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने PM के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी उल्लेख करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री ने कहा था कि ओलंपिक में करीब 350 इवेंट होते हैं, लेकिन भारत अभी बहुत कम खेलों में हिस्सा ले पाता है और कई में क्वालिफाई भी नहीं कर पाता।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत ओलंपिक में अपना प्रदर्शन बेहतर करने की दिशा में व्यापक नीतिगत प्रयास कर रहा है।

अंजू ने कहा कि टैलेंट हंट योजना के ज़रिये देश की युवा शक्ति को प्राथमिकता दी गई है, ताकि जमीनी स्तर से प्रतिभाएँ उभरकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच सकें।

विजेताओं को पुरस्कार और सरकारी लाभ

अंजू शर्मा के अनुसार खेल महाकुंभ में विजेता प्रतिभागियों को गुजरात सरकार की ओर से पुरस्कार और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विजेता बच्चों की शिक्षा सहित अन्य ज़रूरतों का खर्च राज्य सरकार वहन करती है और पदक जीतने पर अलग से पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं। यह प्रावधान जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को दीर्घकालिक प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खेल महाकुंभ का यह संस्करण न केवल खेल प्रतिस्पर्धा, बल्कि भारत की खेल संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नज़दीक आने के साथ यह देखना होगा कि मोरबी और सौराष्ट्र से कितने युवा इस अवसर का लाभ उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जमीनी ढाँचे और दीर्घकालिक निवेश की कमी को भी दर्शाता है — और यही वह बिंदु है जिस पर आने वाले वर्षों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेल महाकुंभ 2026 का रजिस्ट्रेशन कब तक होगा?
खेल महाकुंभ के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 22 सितंबर 2026 है। अंजू शर्मा ने मोरबी के विद्यार्थियों और नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
टैलेंट हंट योजना क्या है और यह खेल महाकुंभ से कैसे जुड़ी है?
टैलेंट हंट योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2026 को शुरू की गई है, जिसके तहत 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें बेहतर अवसर दिए जाएंगे। खेल महाकुंभ इस योजना के कार्यान्वयन का एक प्रमुख मंच है।
खेल महाकुंभ में कौन-से पारंपरिक खेल शामिल किए गए हैं?
खेल महाकुंभ में लंगड़ी और सतोलिया जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों को शामिल किया गया है। इन खेलों को शामिल करने का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है।
खेल महाकुंभ में जीतने वाले बच्चों को क्या लाभ मिलेगा?
विजेता बच्चों की शिक्षा सहित अन्य जरूरतों का खर्च गुजरात सरकार वहन करेगी। इसके अलावा पदक जीतने पर अलग पुरस्कार भी दिए जाएंगे और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
खेल महाकुंभ के बारे में जागरूकता कैसे फैलाई जा रही है?
अंजू शर्मा के अनुसार, खेल महाकुंभ की जानकारी देने के लिए कई गाँवों और स्कूलों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले