'खेलो इंडिया मिशन' से देश की कॉमनवेल्थ और ओलंपिक तैयारी: मनसुख मंडाविया
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया मिशन से देश की कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की तैयारी।
- सरकार खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल खेलों में पारदर्शिता लाने के लिए है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि 'खेलो इंडिया मिशन' का उद्देश्य आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक की तैयारी करना है। उन्होंने संसद के प्रश्नकाल में कहा कि सरकार विभिन्न मिशनों के माध्यम से खेलों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने की योजना बना रही है।
मंडाविया ने कहा, "एक समय था जब खेलों की तैयारी सही समय पर नहीं होती थी और बजट भी नहीं होता था। 'खेलो इंडिया मिशन' इसलिए लाया गया है, ताकि आने वाले दिनों में देश कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की तैयारी कर सके, और मेडल टैली में भी वृद्धि हो सके। देश में पारंपरिक खेलों की राजनीति से बाहर आकर एकजुटता के साथ खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमने स्पोर्ट्स पॉलिसी लागू की।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल भी पेश किया है। यह मोदी सरकार की पहल है, जिसने खेल क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक योजनाएँ बनाई हैं। पहले खेलो इंडिया, फिर फिट इंडिया, उसके बाद खेलो भारत नीति और अब खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से देश को खेलों में नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने की योजना है।"
खेल मंत्री ने विपक्ष के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार खिलाड़ियों को विदेशी टूर्नामेंट्स में आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा, "जब कोई टीम विदेश में टूर्नामेंट में भाग लेती है, तो उसका पूरा खर्च सरकार उठाती है। कई प्रतियोगिताएं होती हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर नहीं होतीं, लेकिन हमारे खिलाड़ी विदेश में भाग लेने के लिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में, हम खिलाड़ियों की मदद करते हैं, जैसे कि उनके टिकट की व्यवस्था करना, ताकि उन्हें खेलने में कोई परेशानी न हो।"