3 नवंबर 2026
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मनीषा भानवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, सीएम सैनी ने चंडीगढ़ में किया सम्मान

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मनीषा भानवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, सीएम सैनी ने चंडीगढ़ में किया सम्मान

सारांश

हरियाणा के जींद की 25 वर्षीया मनीषा भानवाला 0-6 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अस्ताना में सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का गोल्ड जीत गईं — भारतीय महिला कुश्ती में यह पहली बार हुआ। सीएम सैनी ने उन्हें 'देश को दिवाली का तोहफा' बताया।

मुख्य बातें

मनीषा भानवाला सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।
फाइनल में अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट को 8-6 से हराया; मैच में 0-6 से पीछे थीं।
प्रतियोगिता 30 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में हुई; भार वर्ग 59 किलोग्राम ।
भारत ने इस चैंपियनशिप में 4 पदक — 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज — जीते।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में मनीषा को सम्मानित किया।
विक्की हुड्डा पुरुष 97 किग्रा वर्ग के रेपेचेज में 0-10 से हारकर बाहर हुए।

हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गाँव की पहलवान मनीषा भानवाला ने 30 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया — वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में मनीषा को विशेष समारोह में सम्मानित किया।

रोमांचक फाइनल में ऐतिहासिक वापसी

25 वर्षीया मनीषा का फाइनल मुकाबला अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट से था, और शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। वे 0-6 से पीछे थीं, लेकिन अदम्य हौसले और तकनीकी कुशलता के दम पर उन्होंने जबरदस्त वापसी की और अंततः 8-6 के स्कोर से मैच अपने नाम कर लिया। यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती का एक नया अध्याय है।

भारत का दशकों पुराना इंतज़ार खत्म

गौरतलब है कि सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिला वर्ग में भारत को गोल्ड मेडल का इंतज़ार बेहद लंबा था। इससे पहले साल 2021 में अंशु मलिक खिताबी जीत से मात्र एक कदम दूर रह गई थीं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। मनीषा की इस जीत ने वह रिक्तता भर दी। इसी संस्करण में काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने भी सिल्वर मेडल जीते। भारत ने इस चैंपियनशिप का समापन कुल 4 पदकों — 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज — के साथ किया।

सीएम सैनी की प्रतिक्रिया और सम्मान समारोह

सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'चंडीगढ़ में हरियाणा की वर्ल्ड चैंपियन बेटी मनीषा भानवाला के साथ एक ऊर्जावान मुलाकात हुई। उन्होंने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश को दिवाली का तोहफा दिया है।' उन्होंने मनीषा के विनम्र स्वभाव और बड़ों के प्रति सम्मान की सराहना करते हुए कहा, 'जीत के बाद आपका विनम्र व्यवहार और बड़ों के प्रति सम्मान, हरियाणा के मूल्यों और परंपराओं को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है।'

पुरुष वर्ग में विक्की हुड्डा का सफर

पुरुषों की फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में, हरियाणा के पहलवान विक्की हुड्डा का 97 किलोग्राम भार वर्ग का सफर रेपेचेज राउंड में समाप्त हो गया। ईरानी दिग्गज हसन यजदानी के खिलाफ उन्हें 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 0-10 से हार झेलनी पड़ी।

हरियाणा की कुश्ती विरासत को नया आयाम

मनीषा की यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब हरियाणा खेल नीति और प्रतिभा विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। जींद जैसे छोटे जिले की एक युवा पहलवान का विश्व शिखर तक का सफर राज्य के ग्रामीण खेल बुनियादी ढाँचे और परिवारों के त्याग की कहानी भी है। यह जीत आने वाली पीढ़ी की महिला पहलवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य की खेल नीति इस सफलता को व्यवस्थित रूप से दोहरा सकती है या यह अभी भी व्यक्तिगत जुनून पर टिकी है। 0-6 से पिछड़कर जीत हासिल करना मानसिक दृढ़ता का उदाहरण है, जो कोचिंग और मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण दोनों की गुणवत्ता को रेखांकित करता है। भारत के चार पदकों का प्रदर्शन उत्साहजनक है, लेकिन पुरुष फ्रीस्टाइल में 0-10 की हार यह याद दिलाती है कि शीर्ष वैश्विक स्तर पर अभी भी काफी काम बाकी है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा भानवाला कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
मनीषा भानवाला हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गाँव की 25 वर्षीया पहलवान हैं, जिन्होंने 30 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। वे यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
मनीषा भानवाला ने फाइनल मुकाबला कैसे जीता?
मनीषा फाइनल में अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट के खिलाफ 0-6 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 8-6 से जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में उनकी मानसिक दृढ़ता और तकनीकी कौशल ने निर्णायक भूमिका निभाई।
इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
भारत ने इस सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कुल 4 पदक जीते — 1 गोल्ड (मनीषा भानवाला), 2 सिल्वर (काजल ढोचक और नीलम सिरोही), और 1 ब्रॉन्ज। यह भारत के लिए इस प्रतियोगिता के हालिया संस्करणों में सबसे सफल अभियानों में से एक रहा।
हरियाणा सरकार ने मनीषा को कैसे सम्मानित किया?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में एक विशेष समारोह में मनीषा को सम्मानित किया। सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा कि मनीषा ने गोल्ड मेडल जीतकर देश को दिवाली का तोहफा दिया है।
इससे पहले भारत की महिला पहलवान सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कहाँ तक पहुँची थीं?
2021 में अंशु मलिक सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुँची थीं, लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। मनीषा भानवाला ने 2026 में उस अधूरे सपने को पूरा करते हुए भारत को पहला महिला गोल्ड मेडल दिलाया।
राष्ट्र प्रेस
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