मनीषा भानवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, सीएम सैनी ने चंडीगढ़ में किया सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गाँव की पहलवान मनीषा भानवाला ने 30 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया — वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में मनीषा को विशेष समारोह में सम्मानित किया।
रोमांचक फाइनल में ऐतिहासिक वापसी
25 वर्षीया मनीषा का फाइनल मुकाबला अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेट से था, और शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। वे 0-6 से पीछे थीं, लेकिन अदम्य हौसले और तकनीकी कुशलता के दम पर उन्होंने जबरदस्त वापसी की और अंततः 8-6 के स्कोर से मैच अपने नाम कर लिया। यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती का एक नया अध्याय है।
भारत का दशकों पुराना इंतज़ार खत्म
गौरतलब है कि सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिला वर्ग में भारत को गोल्ड मेडल का इंतज़ार बेहद लंबा था। इससे पहले साल 2021 में अंशु मलिक खिताबी जीत से मात्र एक कदम दूर रह गई थीं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। मनीषा की इस जीत ने वह रिक्तता भर दी। इसी संस्करण में काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने भी सिल्वर मेडल जीते। भारत ने इस चैंपियनशिप का समापन कुल 4 पदकों — 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज — के साथ किया।
सीएम सैनी की प्रतिक्रिया और सम्मान समारोह
सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'चंडीगढ़ में हरियाणा की वर्ल्ड चैंपियन बेटी मनीषा भानवाला के साथ एक ऊर्जावान मुलाकात हुई। उन्होंने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश को दिवाली का तोहफा दिया है।' उन्होंने मनीषा के विनम्र स्वभाव और बड़ों के प्रति सम्मान की सराहना करते हुए कहा, 'जीत के बाद आपका विनम्र व्यवहार और बड़ों के प्रति सम्मान, हरियाणा के मूल्यों और परंपराओं को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है।'
पुरुष वर्ग में विक्की हुड्डा का सफर
पुरुषों की फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में, हरियाणा के पहलवान विक्की हुड्डा का 97 किलोग्राम भार वर्ग का सफर रेपेचेज राउंड में समाप्त हो गया। ईरानी दिग्गज हसन यजदानी के खिलाफ उन्हें 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 0-10 से हार झेलनी पड़ी।
हरियाणा की कुश्ती विरासत को नया आयाम
मनीषा की यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब हरियाणा खेल नीति और प्रतिभा विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। जींद जैसे छोटे जिले की एक युवा पहलवान का विश्व शिखर तक का सफर राज्य के ग्रामीण खेल बुनियादी ढाँचे और परिवारों के त्याग की कहानी भी है। यह जीत आने वाली पीढ़ी की महिला पहलवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।