मोहम्मद शमी चेक बाउंस मामले में बरी, अलीपुर कोर्ट ने सभी आरोपों से मुक्त किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोहम्मद शमी चेक बाउंस मामले में बरी, अलीपुर कोर्ट ने सभी आरोपों से मुक्त किया

सारांश

कोलकाता की अलीपुर अदालत ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को 2018 के ₹1 लाख के चेक बाउंस मामले में बरी कर दिया। शमी ने कहा — 'मैंने एक-एक रुपया चुकाया है।' हालाँकि भरण-पोषण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई अभी जारी है।

मुख्य बातें

अलीपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 20 मई को मोहम्मद शमी को चेक बाउंस मामले में सभी आरोपों से बरी किया।
मामला 2018 में पत्नी हसीन जहां द्वारा ₹1 लाख के बाउंस चेक को लेकर दर्ज किया गया था।
शमी के वकील सलीम रहमान ने पुष्टि की कि यह चार साल पुराना मामला अब पूरी तरह खारिज हो गया है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर शमी हसीन जहां को प्रतिमाह ₹1.5 लाख और बेटी के लिए ₹2.5 लाख दे रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने भरण-पोषण राशि बढ़ाने की माँग पर शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किए हैं।

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार, 20 मई को चेक बाउंस के एक पुराने मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां ने दायर किया था, जिसमें ₹1 लाख के चेक के बाउंस होने का आरोप था। शमी के वकील सलीम रहमान ने पुष्टि की कि यह चार साल पुराना मामला अब पूरी तरह खारिज हो गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

2018 में हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि शमी ने उन्हें घरेलू खर्चों के लिए ₹1 लाख का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और शमी के विरुद्ध यह मामला दर्ज कराया। गौरतलब है कि इसी दौरान हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ घरेलू हिंसा और अन्य आरोपों से जुड़ी कई शिकायतें भी दर्ज कराई थीं।

शमी का बयान

फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए शमी ने कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि न्याय उनके पक्ष में होगा, क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुझे जितने भी पैसे देने थे, मैंने उसका एक-एक रुपया चुका दिया है। चाहे मैदान के अंदर की बात हो या बाहर की, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूं।'

चल रहे कानूनी विवाद

चेक बाउंस मामले में राहत के बावजूद, शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, शमी फिलहाल हसीन जहां को प्रतिमाह ₹1.5 लाख और अपनी बेटी की देखभाल के लिए ₹2.5 लाख का भुगतान कर रहे हैं। हसीन जहां ने सर्वोच्च न्यायालय में यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है, जिस पर शीर्ष अदालत ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या माँ और बेटी के लिए प्रतिमाह ₹4 लाख की कुल राशि अपर्याप्त है।

मैदान पर शमी की स्थिति

शमी इस समय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से व्यक्तिगत कानूनी विवादों के बावजूद वे भारतीय क्रिकेट के अग्रणी तेज गेंदबाजों में से एक बने हुए हैं। अदालती फैसले के साथ, उनके कानूनी बोझ का एक अध्याय समाप्त हुआ है, हालाँकि भरण-पोषण विवाद का अंतिम निपटारा अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उनके व्यापक वैवाहिक विवाद का अंत नहीं है — सर्वोच्च न्यायालय में भरण-पोषण की लड़ाई अभी बाकी है। यह मामला एक बड़े सवाल की ओर भी इशारा करता है: जब कोई सार्वजनिक खिलाड़ी लंबे समय तक अदालती चक्कर में फँसा रहता है, तो मीडिया कवरेज अक्सर आरोपों को फैसले से ज़्यादा उछालती है। अदालत ने जो तथ्य स्थापित किया — कि शमी ने देय राशि चुकाई — वह उतनी प्रमुखता से नहीं आया जितना मूल आरोप आया था। भरण-पोषण विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख अब इस पूरे मामले की असली परिणति तय करेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद शमी को किस मामले में बरी किया गया है?
शमी को 2018 में दर्ज ₹1 लाख के चेक बाउंस मामले में अलीपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 20 मई को सभी आरोपों से बरी किया। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां ने दायर किया था।
हसीन जहां ने शमी के खिलाफ चेक बाउंस का मामला क्यों दर्ज कराया था?
हसीन जहां का आरोप था कि शमी ने 2018 में घरेलू खर्चों के लिए ₹1 लाख का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने अदालत में शिकायत दर्ज कराई।
क्या शमी और हसीन जहां के बीच सभी कानूनी विवाद समाप्त हो गए हैं?
नहीं, चेक बाउंस मामले में राहत के बावजूद भरण-पोषण को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। हसीन जहां ने सर्वोच्च न्यायालय में राशि बढ़ाने की माँग की है, जिस पर शीर्ष अदालत ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किए हैं।
शमी फिलहाल हसीन जहां को कितना भरण-पोषण देते हैं?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, शमी हसीन जहां को प्रतिमाह ₹1.5 लाख और अपनी बेटी की देखभाल के लिए ₹2.5 लाख, यानी कुल ₹4 लाख प्रतिमाह का भुगतान कर रहे हैं।
मोहम्मद शमी इस समय क्रिकेट में कहाँ खेल रहे हैं?
शमी इस समय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और भारतीय क्रिकेट के प्रमुख तेज गेंदबाजों में उनकी गिनती होती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले