मोहम्मद शमी चेक बाउंस मामले में बरी, अलीपुर कोर्ट ने सभी आरोपों से मुक्त किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार, 20 मई को चेक बाउंस के एक पुराने मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां ने दायर किया था, जिसमें ₹1 लाख के चेक के बाउंस होने का आरोप था। शमी के वकील सलीम रहमान ने पुष्टि की कि यह चार साल पुराना मामला अब पूरी तरह खारिज हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
2018 में हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि शमी ने उन्हें घरेलू खर्चों के लिए ₹1 लाख का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और शमी के विरुद्ध यह मामला दर्ज कराया। गौरतलब है कि इसी दौरान हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ घरेलू हिंसा और अन्य आरोपों से जुड़ी कई शिकायतें भी दर्ज कराई थीं।
शमी का बयान
फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए शमी ने कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि न्याय उनके पक्ष में होगा, क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुझे जितने भी पैसे देने थे, मैंने उसका एक-एक रुपया चुका दिया है। चाहे मैदान के अंदर की बात हो या बाहर की, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूं।'
चल रहे कानूनी विवाद
चेक बाउंस मामले में राहत के बावजूद, शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, शमी फिलहाल हसीन जहां को प्रतिमाह ₹1.5 लाख और अपनी बेटी की देखभाल के लिए ₹2.5 लाख का भुगतान कर रहे हैं। हसीन जहां ने सर्वोच्च न्यायालय में यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है, जिस पर शीर्ष अदालत ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या माँ और बेटी के लिए प्रतिमाह ₹4 लाख की कुल राशि अपर्याप्त है।
मैदान पर शमी की स्थिति
शमी इस समय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से व्यक्तिगत कानूनी विवादों के बावजूद वे भारतीय क्रिकेट के अग्रणी तेज गेंदबाजों में से एक बने हुए हैं। अदालती फैसले के साथ, उनके कानूनी बोझ का एक अध्याय समाप्त हुआ है, हालाँकि भरण-पोषण विवाद का अंतिम निपटारा अभी बाकी है।