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एनजीटी का बड़ा फैसला: रायपुर, जयपुर और मुंबई के क्रिकेट स्टेडियमों पर खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक, 17 अगस्त को अगली सुनवाई

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एनजीटी का बड़ा फैसला: रायपुर, जयपुर और मुंबई के क्रिकेट स्टेडियमों पर खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक, 17 अगस्त को अगली सुनवाई

सारांश

एनजीटी ने जल संरक्षण नियमों की अनदेखी पर रायपुर, जयपुर और मुंबई के तीन बड़े क्रिकेट स्टेडियमों पर खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। बार-बार नोटिस और जुर्माने के बावजूद जवाब न देने पर यह सख्त कदम उठाया गया। 17 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।

मुख्य बातें

एनजीटी ने 2 जुलाई 2026 को रायपुर, जयपुर और मुंबई के तीन क्रिकेट स्टेडियमों में सभी खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाई।
प्रतिबंधित स्टेडियम: शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम (रायपुर) , सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) और डॉ.
पाटिल स्टेडियम (मुंबई) ।
कारण: सीजीडब्ल्यूए के बार-बार नोटिस और जुर्माने के बावजूद भूजल उपयोग का जवाब न देना।
अरुण जेटली (दिल्ली) और इकाना (लखनऊ) ने जवाब दाखिल किया; बाराबती (कटक) ने अतिरिक्त समय माँगा।
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 2 जुलाई 2026 को एक कड़े अंतरिम आदेश में रायपुर, जयपुर और मुंबई के तीन प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में सभी खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई भूजल उपयोग और जल संरक्षण नियमों के उल्लंघन तथा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के बार-बार भेजे गए नोटिसों की अनदेखी के कारण की गई है। ट्रिब्यूनल की अनुमति के बिना इन स्टेडियमों में अब कोई भी क्रिकेट या अन्य खेल आयोजन नहीं हो सकेगा।

कौन से स्टेडियम हैं प्रतिबंध की जद में

एनजीटी के आदेश से प्रभावित तीन स्टेडियम हैं — शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) और डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम (मुंबई)। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने ट्रिब्यूनल को बताया कि इन तीनों स्टेडियमों ने एकाधिक नोटिस मिलने और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कोई जवाब दाखिल नहीं किया। सीजीडब्ल्यूए के वकील ने भी इस तथ्य की पुष्टि की।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद क्रिकेट मैदानों की पिच और आउटफील्ड के रखरखाव के लिए भूजल या ताजे पानी के अत्यधिक उपयोग से जुड़ा है। एनजीटी का स्पष्ट निर्देश है कि स्टेडियमों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित जल का उपयोग करना चाहिए और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से स्थापित करनी चाहिए। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में ट्रिब्यूनल ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी कर पूछा था कि वे किस जल स्रोत का उपयोग कर रहे हैं और इसकी जानकारी सीजीडब्ल्यूए को क्यों नहीं दी गई।

अन्य स्टेडियमों की स्थिति

नोटिस पाने वाले अन्य तीन स्टेडियमों में अरुण जेटली स्टेडियम (नई दिल्ली), इकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक) शामिल थे। इनमें से इकाना और अरुण जेटली स्टेडियम ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम से सीजीडब्ल्यूए ने कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगी है। बाराबती स्टेडियम ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

एनजीटी की टिप्पणी

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट को देखते हुए स्टेडियमों से जिम्मेदार रवैये की अपेक्षा थी। इसके बावजूद लगातार नोटिसों की अनदेखी की गई, जिससे अंतरिम प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो गया। यह आदेश इस बात का संकेत है कि पर्यावरण नियमों के प्रति उदासीनता अब बड़े खेल संस्थानों के लिए भी गंभीर परिणाम ला सकती है।

आगे क्या होगा

मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित है। तब तक रायपुर, जयपुर और मुंबई के इन तीनों स्टेडियमों में एनजीटी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। यदि स्टेडियम अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब और जल प्रबंधन का ब्यौरा दाखिल करते हैं, तो प्रतिबंध में राहत मिलने की संभावना हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़े खेल संस्थान भूजल नियमों की बुनियादी अनुपालना में भी पिछड़े हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों को इस मामले में स्वयं पहल करनी चाहिए थी, न कि ट्रिब्यूनल के हस्तक्षेप का इंतजार करना चाहिए था। 17 अगस्त की सुनवाई यह तय करेगी कि यह अंतरिम रोक दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव की नींव बनती है या महज एक कागजी कार्रवाई बनकर रह जाती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनजीटी ने किन तीन क्रिकेट स्टेडियमों पर रोक लगाई है?
एनजीटी ने शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) और डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम (मुंबई) में सभी खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाई है। यह रोक एनजीटी की अनुमति मिलने तक प्रभावी रहेगी।
एनजीटी ने यह प्रतिबंध क्यों लगाया?
इन तीनों स्टेडियमों ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और एनजीटी के बार-बार भेजे गए नोटिसों का जवाब नहीं दिया और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद भूजल उपयोग की जानकारी नहीं दी। एनजीटी का निर्देश है कि स्टेडियमों को मैदान रखरखाव के लिए उपचारित जल और वर्षा जल संचयन का उपयोग करना चाहिए।
अगली सुनवाई कब होगी और तब तक क्या होगा?
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित है। तब तक रायपुर, जयपुर और मुंबई के तीनों स्टेडियमों में एनजीटी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी खेल आयोजन नहीं हो सकेगा।
अन्य तीन स्टेडियमों — दिल्ली, लखनऊ और कटक — की क्या स्थिति है?
अरुण जेटली स्टेडियम (नई दिल्ली) और इकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम से सीजीडब्ल्यूए ने अतिरिक्त जानकारी भी मांगी है। बाराबती स्टेडियम (कटक) ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
एनजीटी ने स्टेडियमों को जल प्रबंधन के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि क्रिकेट स्टेडियमों को पिच और मैदान के रखरखाव के लिए भूजल या ताजे पानी की जगह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित जल का उपयोग करना होगा। इसके अलावा, वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करना भी अनिवार्य बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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