एनजीटी का बड़ा फैसला: रायपुर, जयपुर और मुंबई के क्रिकेट स्टेडियमों पर खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक, 17 अगस्त को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 2 जुलाई 2026 को एक कड़े अंतरिम आदेश में रायपुर, जयपुर और मुंबई के तीन प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में सभी खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई भूजल उपयोग और जल संरक्षण नियमों के उल्लंघन तथा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के बार-बार भेजे गए नोटिसों की अनदेखी के कारण की गई है। ट्रिब्यूनल की अनुमति के बिना इन स्टेडियमों में अब कोई भी क्रिकेट या अन्य खेल आयोजन नहीं हो सकेगा।
कौन से स्टेडियम हैं प्रतिबंध की जद में
एनजीटी के आदेश से प्रभावित तीन स्टेडियम हैं — शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) और डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम (मुंबई)। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने ट्रिब्यूनल को बताया कि इन तीनों स्टेडियमों ने एकाधिक नोटिस मिलने और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कोई जवाब दाखिल नहीं किया। सीजीडब्ल्यूए के वकील ने भी इस तथ्य की पुष्टि की।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद क्रिकेट मैदानों की पिच और आउटफील्ड के रखरखाव के लिए भूजल या ताजे पानी के अत्यधिक उपयोग से जुड़ा है। एनजीटी का स्पष्ट निर्देश है कि स्टेडियमों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित जल का उपयोग करना चाहिए और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से स्थापित करनी चाहिए। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में ट्रिब्यूनल ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी कर पूछा था कि वे किस जल स्रोत का उपयोग कर रहे हैं और इसकी जानकारी सीजीडब्ल्यूए को क्यों नहीं दी गई।
अन्य स्टेडियमों की स्थिति
नोटिस पाने वाले अन्य तीन स्टेडियमों में अरुण जेटली स्टेडियम (नई दिल्ली), इकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक) शामिल थे। इनमें से इकाना और अरुण जेटली स्टेडियम ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम से सीजीडब्ल्यूए ने कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगी है। बाराबती स्टेडियम ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
एनजीटी की टिप्पणी
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट को देखते हुए स्टेडियमों से जिम्मेदार रवैये की अपेक्षा थी। इसके बावजूद लगातार नोटिसों की अनदेखी की गई, जिससे अंतरिम प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो गया। यह आदेश इस बात का संकेत है कि पर्यावरण नियमों के प्रति उदासीनता अब बड़े खेल संस्थानों के लिए भी गंभीर परिणाम ला सकती है।
आगे क्या होगा
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित है। तब तक रायपुर, जयपुर और मुंबई के इन तीनों स्टेडियमों में एनजीटी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। यदि स्टेडियम अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब और जल प्रबंधन का ब्यौरा दाखिल करते हैं, तो प्रतिबंध में राहत मिलने की संभावना हो सकती है।