27 सितंबर 2026
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मन की बात में PM मोदी ने राजिंदर सिंह सीनियर को सराहा, 1980 ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी कोच की अनोखी कहानी

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मन की बात में PM मोदी ने राजिंदर सिंह सीनियर को सराहा, 1980 ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी कोच की अनोखी कहानी

सारांश

1980 ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और अब ग्रामीण पंजाब में हॉकी की अगली पीढ़ी गढ़ने वाले राजिंदर सिंह सीनियर को PM मोदी ने 'मन की बात' में सराहा। खिलाड़ी से कोच और फिर अकादमी संचालक तक का उनका सफर भारतीय खेल संस्कृति की एक प्रेरक मिसाल है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को 'मन की बात' की 138वीं कड़ी में राजिंदर सिंह सीनियर की सराहना की।
राजिंदर सिंह 1980 मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे।
1981-82 विश्व कप में उन्होंने 12 गोल किए; 2001 जूनियर विश्व कप और 2003 सीनियर एशिया कप में कोच रहे।
वर्तमान में राउंडग्लास हॉकी अकादमी के ज़रिए पंजाब के गाँवों में नई एस्ट्रो टर्फ और कोचिंग सुविधाएँ स्थापित कर रहे हैं।
PM मोदी ने लाल किले से 'स्पोर्ट्स टैलेंट हंट' अभियान का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को प्रसारित 'मन की बात' कार्यक्रम की 138वीं कड़ी में पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी और कोच राजिंदर सिंह सीनियर की विशेष रूप से सराहना की। मोदी ने उन्हें उन समर्पित लोगों की श्रेणी में रखा जो गाँवों और कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और तराशने में जुटे हैं।

मन की बात में क्या बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'मैंने इस बार लाल किले से स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान का ऐलान किया है। भारत खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करता रहे, इसके लिए गाँवों और कस्बों तक पहुँचकर खेल प्रतिभाओं को ढूँढना ज़रूरी है।' उन्होंने कहा कि 'हमारे पंजाब में यही काम राजिंदर सिंह सीनियर कर रहे हैं।' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 'उनके समर्पण की जितनी भी सराहना की जाए, वह कम है।'

राजिंदर सिंह सीनियर कौन हैं

राजिंदर सिंह सीनियर का जन्म 7 जनवरी 1958 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। बतौर डिफेंडर और पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ उन्होंने भारतीय हॉकी में अपनी अलग पहचान बनाई। वे 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के अभिन्न सदस्य थे।

1981-82 हॉकी विश्व कप में उन्होंने 12 गोल किए और अपनी आक्रामक खेल शैली से प्रतिस्पर्धियों को चुनौती दी। गौरतलब है कि खिलाड़ी के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उन्होंने कोचिंग में भी उतनी ही सफलता हासिल की।

कोच के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि 2001 में जब भारत ने पहली बार पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप का खिताब जीता, तब राजिंदर सिंह कोच की भूमिका में थे। इसके दो वर्ष बाद, 2003 में भारत ने सीनियर एशिया कप खिताब जीता — और उस मौके पर भी वे टीम के कोच थे। यह ऐसे समय में आया है जब देश में खेल कोचिंग की संरचना को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है।

राउंडग्लास हॉकी अकादमी और ज़मीनी काम

सक्रिय हॉकी से संन्यास लेने के बाद राजिंदर सिंह ने राउंडग्लास हॉकी अकादमी के माध्यम से अपने जुनून को नई दिशा दी है। उनके प्रयासों से पंजाब के गाँवों में नई हॉकी एस्ट्रो टर्फ बिछाई जा रही है। उनका मुख्य लक्ष्य उन इलाकों में प्रतिभाओं की पहचान करना है जहाँ पेशेवर कोचिंग की सुविधा दुर्लभ है।

रिपोर्टों के अनुसार, उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी जूनियर और सीनियर स्तर की राष्ट्रीय टीमों में जगह बनाने में सफल रहे हैं। यह पहल उस खाई को पाटने की कोशिश है जो शहरी और ग्रामीण खेल अवसरों के बीच दशकों से बनी हुई है।

आगे की राह

PM मोदी के 'मन की बात' में उल्लेख के बाद राजिंदर सिंह सीनियर की अकादमी और उनके ज़मीनी प्रयासों पर राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान के साथ यदि उनके मॉडल को व्यापक समर्थन मिला, तो यह ग्रामीण भारत में हॉकी पुनरुत्थान की एक नई इबारत लिख सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए राजिंदर सिंह सीनियर का उल्लेख महज़ तारीफ नहीं — यह सरकार के स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान को एक ज़मीनी चेहरा देने की रणनीति भी है। सवाल यह है कि क्या इस तरह की सार्वजनिक सराहना उन सैकड़ों अनाम कोचों और अकादमियों तक संसाधन और नीतिगत समर्थन पहुँचाएगी, जो बिना किसी सुर्खी के काम कर रहे हैं। राजिंदर सिंह का मॉडल सराहनीय है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर दोहराने के लिए व्यक्तिगत जज़्बे से आगे एक संस्थागत ढाँचे की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजिंदर सिंह सीनियर कौन हैं?
राजिंदर सिंह सीनियर पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी और कोच हैं, जिनका जन्म 7 जनवरी 1958 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। वे 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे हैं और डिफेंडर व पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्ध हैं।
PM मोदी ने मन की बात में राजिंदर सिंह की चर्चा क्यों की?
PM मोदी ने लाल किले से घोषित स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान के संदर्भ में राजिंदर सिंह को ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचानने और तराशने का आदर्श उदाहरण बताया। 27 सितंबर 2026 को प्रसारित मन की बात की 138वीं कड़ी में उन्होंने राजिंदर सिंह के समर्पण की विशेष प्रशंसा की।
राजिंदर सिंह सीनियर की कोचिंग उपलब्धियाँ क्या हैं?
राजिंदर सिंह ने 2001 में भारत को पहली बार पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप जिताया और 2003 में सीनियर एशिया कप दिलाया — दोनों बार वे मुख्य कोच की भूमिका में थे। इसके अलावा 1981-82 विश्व कप में खिलाड़ी के रूप में उन्होंने 12 गोल किए थे।
राउंडग्लास हॉकी अकादमी क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
राउंडग्लास हॉकी अकादमी राजिंदर सिंह सीनियर की पहल है, जिसके तहत पंजाब के गाँवों में हॉकी एस्ट्रो टर्फ बिछाई जा रही है और कम सुविधा वाले इलाकों में प्रतिभाओं को कोचिंग दी जा रही है। इस अकादमी से निकले कई खिलाड़ी जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय टीमों तक पहुँचने में सफल हुए हैं।
स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान क्या है?
यह PM मोदी द्वारा लाल किले से घोषित एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य गाँवों और कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मंच देना है। इस अभियान का संदर्भ देते हुए ही PM ने मन की बात में राजिंदर सिंह के कार्य का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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