रवि शास्त्री ने PM मोदी को दी बधाई: '4,399 दिन में भारतीयता पर गर्व की नई भावना आई'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए, जब उन्होंने निर्वाचित पद पर 4,399 दिन पूरे किए और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत के पूर्व क्रिकेटर एवं राष्ट्रीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई संदेश साझा किया।
रवि शास्त्री का बधाई संदेश
शास्त्री ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बहुत-बहुत बधाई। पिछले एक दशक में, भारत ने ग्लोबल मंच पर पहले से कहीं ज़्यादा कद और आत्मविश्वास हासिल किया है। दुनिया भर में बहुत घूमने के बाद, मैं अपने निजी अनुभव से कह सकता हूँ कि आज भारत को जो सम्मान और पहचान मिलती है, वह वाकई कमाल की है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'भारतीय होने पर गर्व की एक नई भावना है। आप जहाँ भी जाएँ, भारत को ताकत, महत्वाकांक्षा और लीडरशिप वाले देश के रूप में देखा जाता है। यह बदलाव हमारे प्रधानमंत्री के विज़न और लीडरशिप की वजह से हुआ है। देश को और भी ऊँचाइयों की ओर ले जाने के लिए आपको लगातार सफलता की शुभकामनाएँ।'
ऐतिहासिक उपलब्धि: नेहरू का रिकॉर्ड पीछे
यह तुलना 1952 के पहले आम चुनाव के बाद से नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल को आधार मानकर की गई है। 1947 में स्वतंत्रता के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में नेहरू के कार्यकाल को इस गणना में शामिल नहीं किया गया है। गौरतलब है कि मोदी 2014 से लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद पर आसीन हैं।
मोदी कार्यकाल में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएँ
पिछले एक दशक से अधिक के कार्यकाल में कई बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाएँ पूरी हुईं। इनमें नई संसद भवन का उद्घाटन, सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट, कर्तव्य पथ, वंदे भारत ट्रेनों का रोलआउट, आईएनएस विक्रांत का चालू होना, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नमो भारत आरआरटीएस शामिल हैं।
देश-विदेश से बधाइयों का तांता
रवि शास्त्री के अलावा भी विभिन्न क्षेत्रों की著名 हस्तियों ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को बधाई दी है। खेल जगत से यह प्रतिक्रिया उल्लेखनीय है, क्योंकि शास्त्री ने भारतीय क्रिकेट टीम को उसके सबसे सफल दौरों में से एक में नेतृत्व प्रदान किया था और वैश्विक स्तर पर भारत की बदलती छवि के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं।
आगे क्या
यह मील का पत्थर ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक कूटनीति, आर्थिक विकास और रक्षा आधुनिकीकरण के मोर्चे पर सक्रिय है। आने वाले महीनों में मोदी सरकार के सामने आर्थिक सुधारों और रोज़गार सृजन की चुनौतियाँ बनी रहेंगी, जिन पर देश की नज़रें टिकी हैं।