क्या भारत के टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने लिया संन्यास?

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क्या भारत के टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने लिया संन्यास?

सारांश

भारतीय टेनिस के महान खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने अपने पेशेवर करियर से संन्यास की घोषणा कर दी है। दो दशकों के लंबे करियर में उन्होंने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इस लेख में जानिए उनके करियर की उपलब्धियाँ और उनकी भावनाएँ।

मुख्य बातें

रोहन बोपन्ना का संन्यास भारतीय टेनिस में एक नया अध्याय है।
उन्होंने 20 वर्षों में कई उपलब्धियाँ हासिल की।
बोपन्ना ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया है।
उनकी कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है।
टेनिस उनके लिए केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा था।

नई दिल्ली, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय टेनिस के प्रतिष्ठित खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने शनिवार को अपने पेशेवर करियर से संन्यास लेने की घोषणा की। इसके साथ ही उनका दो दशकों से अधिक का खेल सफर समाप्त हो गया है।

रोहन बोपन्ना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, "अलविदा... लेकिन यह अंत नहीं है। किसी ऐसी चीज को अलविदा कैसे कहें, जिसने आपके जीवन को अर्थ दिया? 20 अविस्मरणीय वर्षों के बाद, अब समय आ गया है। मैं आधिकारिक रूप से संन्यास ले रहा हूं।"

उन्होंने आगे लिखा, "जब मैं यह लिख रहा हूं, मेरा दिल भारी और आभारी दोनों है। मैंने भारत के कूर्ग जैसे छोटे से शहर से अपनी यात्रा शुरू की। मैंने सर्व को मजबूत करने के लिए लकड़ी के लट्ठे काटे और स्टैमिना बढ़ाने के लिए कॉफी के बागानों में दौड़ा। आज, दुनिया के सबसे बड़े एरीना की रोशनी में खड़ा होना किसी सपने जैसा लगता है।"

स्टार खिलाड़ी ने लिखा, "टेनिस मेरे लिए सिर्फ एक खेल नहीं रहा। इस खेल ने मुझे दिशा दी जब मैं भटका हुआ था, हिम्मत दी जब मैं टूटा था, और विश्वास दिलाया जब दुनिया ने मुझ पर शक किया। हर बार जब मैं कोर्ट पर उतरा, इस खेल ने मुझे धैर्य सिखाया, गिरकर उठने की ताकत दी और तब लड़ना सिखाया जब हार मानने का मन हुआ। सबसे महत्वपूर्ण, इसने मुझे हमेशा याद दिलाया कि मैंने क्यों शुरुआत की थी और मैं कौन हूं।"

यूएस ओपन के फाइनल के अलावा, बोपन्ना ने तीन और ग्रैंड स्लैम के फाइनल में भी भाग लिया। उन्होंने 2012 और 2015 में महेश भूपति और फ्लोरिन मर्जिया के साथ एटीपी फाइनल्स में भी हिस्सा लिया था।

साल 2017 में फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल जीतने वाले 45 वर्षीय बोपन्ना ने कई डेविस कप मुकाबलों और ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 43 वर्ष की आयु में उन्होंने विश्व नंबर 1 की रैंकिंग हासिल की। पुरुष युगल के अलावा, बोपन्ना ने 2017 में फ्रेंच ओपन में मिश्रित युगल भी जीता। रोहन बोपन्ना ने आखिरी बार पेरिस मास्टर्स 1000 में खेला था, जहां उन्होंने एलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ मिलकर खेला था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहन बोपन्ना ने कब संन्यास लिया?
उन्होंने 1 नवंबर 2023 को संन्यास की घोषणा की।
बोपन्ना के करियर की أبرز उपलब्धियाँ क्या हैं?
उन्होंने 2017 में फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल जीता और कई ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे।
बोपन्ना ने किस उम्र में विश्व नंबर 1 रैंकिंग हासिल की?
उन्होंने 43 वर्ष की आयु में विश्व नंबर 1 रैंकिंग हासिल की।
क्या बोपन्ना ने ओलंपिक में भी भाग लिया है?
जी हां, उन्होंने ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
रोहन बोपन्ना का जन्मस्थान क्या है?
उनका जन्मस्थान भारत का कूर्ग है।
राष्ट्र प्रेस
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