एसओ-12 गड़बड़ी की जांच तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे रणजोद सिंह, 10वें दिन भी डटे रहे
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती में कथित धांधली के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे रणजोद सिंह ने 16 अगस्त को स्पष्ट किया कि जब तक एसओ-12 सूची में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जम्मू में जारी यह भूख हड़ताल रविवार को अपने 10वें दिन में प्रवेश कर गई।
मुख्य मांगें और आरोप
रणजोद सिंह की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से एक ही पद पर बनी हुई हैं, जबकि उनकी देखरेख में आए कई आईएएस अधिकारियों के इस दौरान तीन से चार बार तक तबादले हो चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि खेल विभाग में भर्ती प्रक्रिया में व्यापक धांधली हुई है और ओलंपिक खेलों की बजाय ऐसे खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तक मान्यता नहीं देता — जिनमें 'पैंसिसलाड' जैसे खेल शामिल हैं।
रणजोद सिंह का पक्ष
रणजोद सिंह ने कहा कि उनकी यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक खिलाड़ियों को अंधकार में रखने वाली नीति का खात्मा नहीं होता और एसओ-12 में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगी।
युवा कांग्रेस का समर्थन
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से रणजोद की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन करने की अपील की। चिब ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच से कोई सार्थक निष्कर्ष नहीं निकलेगा।
उदय भानु चिब ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लगातार दबाव डाला जा रहा है — जिसमें एफआईआर दर्ज करना और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाना शामिल है।
आगे क्या होगा
रणजोद सिंह का आंदोलन जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती प्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक महत्वपूर्ण जन-दबाव बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की मांग पहले से ही जोर पकड़ रही है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।