17 अगस्त 2026
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एसओ-12 गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच तक भूख हड़ताल जारी रहेगी: रणजोद सिंह, 10वाँ दिन

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एसओ-12 गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच तक भूख हड़ताल जारी रहेगी: रणजोद सिंह, 10वाँ दिन

सारांश

जम्मू में रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी है — माँग है एसओ-12 सूची की निष्पक्ष जांच और छह साल से एक ही पद पर बैठी खेल परिषद सचिव नुजहत गुल का तबादला। युवा कांग्रेस के समर्थन के बाद आंदोलन ने राजनीतिक रंग लिया।

मुख्य बातें

रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 16 अगस्त 2026 को 10वें दिन में प्रवेश कर गई।
माँग: एसओ-12 भर्ती सूची में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच और जम्मू-कश्मीर खेल परिषद सचिव नुजहत गुल का तत्काल स्थानांतरण।
आरोप: नुजहत गुल 6 वर्षों से एक ही पद पर; उनके अधीन कई आईएएस अधिकारियों के 3-4 बार तबादले हो चुके हैं।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा मान्यता-प्राप्त खेलों की बजाय पैंसिसलाड जैसे खेलों को बढ़ावा देने का आरोप।
भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने समर्थन में पहुँचकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से हस्तक्षेप की माँग की।
कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने का दबाव डाला जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती में कथित धांधली के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे रणजोद सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि एसओ-12 सूची में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शुरू होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 16 अगस्त 2026 को उनकी भूख हड़ताल का 10वाँ दिन था और प्रदर्शनकारियों का हौसला बरकरार रहा।

मुख्य माँगें और आरोप

रणजोद सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल के तत्काल स्थानांतरण की माँग की है। आरोप है कि नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से इसी पद पर बनी हुई हैं, जबकि उनकी देखरेख में आए कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के इस दौरान तीन से चार बार तक तबादले हो चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि खेल मंत्रालय की भर्ती प्रक्रिया में व्यापक धांधली हुई है और ओलंपिक खेलों की बजाय पैंसिसलाड जैसे खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है — एक ऐसा खेल जिसे कथित तौर पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) भी मान्यता नहीं देता।

रणजोद सिंह का बयान

रणजोद सिंह ने कहा कि उनकी भूख हड़ताल तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक खिलाड़ियों को 'अंधकार में डालने वाली' नीति का खात्मा नहीं होता और एसओ-12 में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगी।

युवा कांग्रेस का समर्थन

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुँचे। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से रणजोद की माँगों पर ध्यान देने और निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की अपील की। उदय भानु चिब ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच से कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलेगा।

उन्होंने नुजहत गुल के स्थानांतरण की माँग का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि इस भूख हड़ताल को दबाने के लिए रणजोद और प्रदर्शनकारी युवाओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा है — जिसमें कथित तौर पर एफआईआर दर्ज करना और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाना भी शामिल है।

क्या होगा आगे

यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र शासित प्रदेश में खेल प्रशासन सुधार की माँगें पहले से उठती रही हैं। सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और आंदोलन के अगले कदम की नज़र प्रशासन के रुख पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जवाबदेही का सवाल स्वाभाविक है। विभागीय जांच की बजाय स्वतंत्र जांच की माँग इसलिए भी वाजिब लगती है क्योंकि आरोप उसी विभाग के भीतर के हैं। सरकार की अब तक की चुप्पी और कथित दबाव की रणनीति — एफआईआर और पोस्ट हटवाना — आंदोलन को दबाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जो उलटे इसे और मज़बूत कर सकती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणजोद सिंह की भूख हड़ताल किस माँग को लेकर है?
रणजोद सिंह जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती में कथित धांधली और एसओ-12 सूची में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। साथ ही वे खेल परिषद सचिव नुजहत गुल के तत्काल स्थानांतरण की भी माँग कर रहे हैं।
एसओ-12 क्या है और इसमें क्या गड़बड़ी का आरोप है?
एसओ-12 जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे के तहत नौकरियों से संबंधित एक सरकारी आदेश/सूची है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस सूची में भर्ती प्रक्रिया के दौरान धांधली हुई है और SAI द्वारा मान्यता-प्राप्त खेलों की बजाय अन्य खेलों को प्राथमिकता दी गई।
नुजहत गुल के स्थानांतरण की माँग क्यों हो रही है?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव पद पर बनी हुई हैं, जबकि उनके अधीन कई आईएएस अधिकारियों के तीन से चार बार तबादले हो चुके हैं। यह असामान्य स्थिरता ही पक्षपात के आरोपों की जड़ बताई जा रही है।
युवा कांग्रेस ने इस आंदोलन में क्या भूमिका निभाई?
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व खेल मंत्री सतीश शर्मा से निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने विभागीय जांच को अपर्याप्त बताते हुए स्वतंत्र जांच की वकालत की।
क्या प्रदर्शनकारियों पर कोई दबाव डाला जा रहा है?
उदय भानु चिब के अनुसार, रणजोद सिंह और अन्य प्रदर्शनकारी युवाओं पर आंदोलन समाप्त करने के लिए कथित तौर पर एफआईआर दर्ज करने और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने जैसे दबाव डाले जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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