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जम्मू-कश्मीर: एसओ-12 गड़बड़ी की जांच तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे रणजोद सिंह, 10वां दिन

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जम्मू-कश्मीर: एसओ-12 गड़बड़ी की जांच तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे रणजोद सिंह, 10वां दिन

सारांश

जम्मू में खेल कोटे की भर्ती में कथित धांधली और एसओ-12 सूची की अनियमितताओं के विरोध में रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। युवा कांग्रेस ने समर्थन दिया; सरकार पर निष्पक्ष जांच और नुजहत गुल के तबादले का दबाव बढ़ा।

मुख्य बातें

रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी; माँग — एसओ-12 गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच।
जम्मू-कश्मीर खेल परिषद सचिव नुजहत गुल के तबादले की माँग; वे छह वर्षों से एक ही पद पर हैं।
आरोप: ओलंपिक खेलों की जगह SAI -असमर्थित खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है।
भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन में शामिल होकर CM उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से निष्पक्ष जांच की अपील की।
आरोप: आंदोलन दबाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का दबाव।

जम्मू में खेल कोटे की नौकरियों में कथित धांधली और एसओ-12 सूची में अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे रणजोद सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। रविवार, 17 अगस्त 2025 को उनकी भूख हड़ताल का 10वाँ दिन था।

मुख्य मांगें और आरोप

रणजोद सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल के तत्काल स्थानांतरण की माँग की है। आरोप है कि नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से एक ही पद पर बनी हुई हैं, जबकि उनकी देखरेख में आए कई वरिष्ठ अधिकारियों के तीन से चार बार तक तबादले हो चुके हैं।

रणजोद ने कहा, 'यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक खिलाड़ियों को अंधकार में डालने वाली नीति का खात्मा नहीं होता और एसओ-12 में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं होती।' उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई।

खेल भर्ती में धांधली के आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खेल मंत्रालय की भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं। उनका कहना है कि ओलंपिक खेलों की बजाय ऐसे खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तक मान्यता नहीं देता — जैसे कथित तौर पर 'पैंसिसलाड' जैसे खेल। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर अवसर दिलाने की माँग लगातार उठती रही है।

युवा कांग्रेस का समर्थन

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की अपील की। उदय भानु ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच से कोई सार्थक निष्कर्ष नहीं निकलेगा और स्वतंत्र जांच ज़रूरी है।

उन्होंने नुजहत गुल के स्थानांतरण की माँग का भी समर्थन करते हुए कहा कि छह साल तक एक ही पद पर बने रहना प्रशासनिक पारदर्शिता के विरुद्ध है।

दबाव और एफआईआर के आरोप

उदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन को दबाने के लिए रणजोद सिंह और प्रदर्शनकारी युवाओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। कथित तौर पर इसमें एफआईआर दर्ज करना और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाना शामिल है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्तियों पर सवाल उठाए गए हों।

आगे क्या होगा

रणजोद सिंह ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर हैं कि वह इस माँग पर कब और कैसे प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जवाबदेही की संरचनागत अनुपस्थिति का संकेत है। विभागीय जांच की सीमाओं पर युवा कांग्रेस की आपत्ति वाजिब है, लेकिन असली सवाल यह है कि नई निर्वाचित सरकार इस दबाव को राजनीतिक अवसर मानती है या प्रशासनिक जिम्मेदारी — यही उसकी विश्वसनीयता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसओ-12 विवाद क्या है और रणजोद सिंह क्यों भूख हड़ताल पर हैं?
एसओ-12 जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे के तहत नौकरियों की सूची से संबंधित एक सरकारी आदेश है, जिसमें कथित अनियमितताओं का आरोप है। रणजोद सिंह इन गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और खेल भर्ती प्रक्रिया में सुधार की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
नुजहत गुल के तबादले की माँग क्यों की जा रही है?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से एक ही पद पर बनी हुई हैं, जबकि उनके अधीन कई अधिकारियों के तीन से चार बार तबादले हो चुके हैं। उनका कहना है कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता के विरुद्ध है।
भारतीय युवा कांग्रेस का इस आंदोलन में क्या रुख है?
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब प्रदर्शन में शामिल हुए और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा खेल मंत्री सतीश शर्मा से निष्पक्ष जांच की अपील की। उन्होंने विभागीय जांच को अपर्याप्त बताते हुए स्वतंत्र जांच की माँग का समर्थन किया।
क्या प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई हुई है?
उदय भानु चिब के अनुसार, आंदोलन को दबाने के लिए कथित तौर पर रणजोद सिंह और प्रदर्शनकारी युवाओं पर एफआईआर दर्ज करने और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने जैसे दबाव डाले जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खेल भर्ती में किस तरह की धांधली का आरोप है?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खेल मंत्रालय की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं और ओलंपिक खेलों की बजाय ऐसे खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) मान्यता नहीं देता। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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