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जम्मू-कश्मीर खेल कोटा भ्रष्टाचार: SO-12 जांच की मांग पर रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन जारी

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जम्मू-कश्मीर खेल कोटा भ्रष्टाचार: SO-12 जांच की मांग पर रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन जारी

सारांश

जम्मू में रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 10वें दिन भी जारी है — माँग है एसओ-12 सूची की निष्पक्ष जांच और खेल परिषद सचिव नुजहत गुल का तबादला। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने समर्थन दिया और आरोप लगाया कि आंदोलन दबाने के लिए एफआईआर और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का सहारा लिया जा रहा है।

मुख्य बातें

रणजोद सिंह की भूख हड़ताल 16 अगस्त 2025 को 10वें दिन में प्रवेश कर गई।
मुख्य माँग: एसओ-12 सूची में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच और जम्मू-कश्मीर खेल परिषद सचिव नुजहत गुल का तत्काल तबादला।
नुजहत गुल छह वर्षों से एक ही पद पर हैं; इस दौरान कई आईएएस अधिकारियों के 3-4 बार तबादले हो चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप — SAI -मान्यता-रहित खेलों को बढ़ावा देकर ओलंपिक खेलों की अनदेखी की जा रही है।
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने समर्थन देते हुए विभागीय जांच को अपर्याप्त बताया।
कथित तौर पर आंदोलन दबाने के लिए एफआईआर और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का दबाव डाला जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे के तहत भर्ती प्रक्रिया में कथित धांधली के विरोध में रणजोद सिंह की भूख हड़ताल रविवार, 17 अगस्त 2025 को अपने 10वें दिन में प्रवेश कर गई। रणजोद ने स्पष्ट किया कि जब तक एसओ-12 सूची में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और खिलाड़ियों के हितों को नुकसान पहुँचाने वाली नीतियाँ समाप्त नहीं की जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

मुख्य मांगें और आरोप

रणजोद सिंह की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल के तत्काल स्थानांतरण की माँग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से इसी पद पर बनी हुई हैं, जबकि इस दौरान उनके अधीन काम करने वाले कई आईएएस अधिकारियों के तीन से चार बार तक तबादले हो चुके हैं।

रणजोद ने आरोप लगाया कि खेल मंत्रालय में भर्ती प्रक्रिया में धांधली की गई है और ओलंपिक खेलों की बजाय पैंसिसलाड जैसे उन खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तक मान्यता नहीं देता। उन्होंने कहा, 'हमारी यह भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक स्पोर्ट्समैन को अंधकार में डालने वाली पॉलिसी का खात्मा नहीं किया जाता और एसओ-12 में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं होती।'

युवा कांग्रेस का समर्थन

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुँचे। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से अपील की कि वे रणजोद की निष्पक्ष जांच की माँग का समर्थन करें। उदय भानु ने कहा कि इस मामले में विभागीय जांच से कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलेगा और स्वतंत्र जांच ही एकमात्र विकल्प है।

उदय भानु ने यह भी आरोप लगाया कि इस आंदोलन को दबाने के लिए रणजोद और प्रदर्शनकारी युवाओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा है — जिसमें कथित तौर पर एफआईआर दर्ज करना और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाना शामिल है।

सरकार की प्रतिक्रिया

अब तक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रणजोद ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगी।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे की भर्ती प्रक्रिया पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि एसओ-12 सूची को लेकर पारदर्शिता की माँग काफी समय से की जा रही थी। यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन के और व्यापक होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर सीधा हमला है। सरकार की चुप्पी इस आग में घी डालने का काम कर रही है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसओ-12 विवाद क्या है और रणजोद सिंह क्यों भूख हड़ताल पर हैं?
एसओ-12 जम्मू-कश्मीर में खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों की एक सूची है, जिसमें कथित तौर पर धांधली हुई है। रणजोद सिंह इस सूची की निष्पक्ष जांच और खेल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
नुजहत गुल के तबादले की माँग क्यों की जा रही है?
जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल पिछले छह वर्षों से एक ही पद पर बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान उनके अधीन कई आईएएस अधिकारियों के तीन से चार बार तबादले हो चुके हैं, जो प्रशासनिक असंतुलन को दर्शाता है।
भारतीय युवा कांग्रेस इस आंदोलन में क्यों शामिल हुई?
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन में शामिल होकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा से निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने विभागीय जांच को अपर्याप्त बताते हुए स्वतंत्र जांच की माँग की।
SAI-मान्यता के बिना खेलों को बढ़ावा देने का मुद्दा क्या है?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खेल मंत्रालय में पैंसिसलाड जैसे उन खेलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) मान्यता नहीं देता। इससे ओलंपिक खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नुकसान हो रहा है।
क्या सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
अब तक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कथित तौर पर आंदोलन दबाने के लिए एफआईआर दर्ज करने और सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने का दबाव डाला जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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