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वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026: हीना राजगोर का गोल्ड, भारत 50 मेडल के साथ शीर्ष पर

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वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026: हीना राजगोर का गोल्ड, भारत 50 मेडल के साथ शीर्ष पर

सारांश

अहमदाबाद के ईकेए एरिना में पूर्व मिस गुजरात और पीएचडी शोधार्थी हीना राजगोर ने फॉरवर्ड बेंड में 43.50 अंक के साथ गोल्ड जीता। भारत 40 गोल्ड सहित 50 मेडल के साथ शीर्ष पर — यह सिर्फ मेजबानी का फायदा नहीं, बल्कि योगासन में भारत की निर्विवाद श्रेष्ठता का प्रमाण है।

मुख्य बातें

हीना राजगोर ने सीनियर बी महिला 'फॉरवर्ड बेंड' स्पर्धा में 43.50 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता।
भारत ने 40 गोल्ड, 8 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 50 मेडल जीतकर मेडल टैली में शीर्ष स्थान बरकरार रखा।
जापान 10 मेडल (3 गोल्ड) के साथ दूसरे और सिंगापुर 6 मेडल (2 गोल्ड) के साथ तीसरे स्थान पर है।
उज्बेकिस्तान के कमोलतदीन राखमनोव ने चैंपियनशिप में अपने देश का पहला गोल्ड जीता।
भारत के रोहित चव्हाण सुपाइन इंडिविजुअल सीनियर बी पुरुष में मात्र 0.01 अंक के अंतर से सिल्वर पर रहे।

वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में 7 जून को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में पूर्व मिस गुजरात सुपर मॉडल और योग में पीएचडी शोधार्थी हीना राजगोर ने सीनियर बी महिला 'फॉरवर्ड बेंड' स्पर्धा में 43.50 अंक हासिल कर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ मेजबान भारत ने मेडल टैली में अपनी बढ़त और पक्की कर ली तथा कुल 50 मेडल40 गोल्ड, 8 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज — के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।

हीना राजगोर की स्वर्णिम उपलब्धि

गुजरात के भुज की रहने वाली हीना राजगोर वर्तमान में योग विषय में पीएचडी कर रही हैं। उन्होंने सीनियर बी महिला 'फॉरवर्ड बेंड' स्पर्धा में 43.50 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ओमान की प्रीति जैमानी ने 38.15 अंक के साथ रजत और रूस की स्वेतलाना लुकाशोवा तथा जॉर्डन की माया अल अलोस्ताथ ने संयुक्त रूप से 36.96 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। गौरतलब है कि राजगोर ने मॉडलिंग की दुनिया से आगे बढ़कर योग को अपनी पहचान बनाई है, जो भारत में खेल और संस्कृति के संगम का एक अनूठा उदाहरण है।

भारत का मेडल टैली में दबदबा

ईकेए एरिना में जारी इस चैंपियनशिप में भारत ने 40 गोल्ड, 8 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 50 मेडल जीतकर टॉप पर अपनी पकड़ मज़बूत रखी है। जापान ने दो और गोल्ड जोड़कर कुल 3 गोल्ड और 10 मेडल के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। सिंगापुर 2 गोल्ड सहित कुल 6 मेडल के साथ तीसरे पायदान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार योग को वैश्विक स्तर पर एक खेल अनुशासन के रूप में स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।

मुख्य परिणाम

आर्टिस्टिक सिंगल स्पर्धाओं में भारत ने एकतरफा प्रदर्शन किया। सब जूनियर पुरुष वर्ग में रोहन तायडे (भारत) ने 110.13 अंक के साथ गोल्ड, प्रयास चौहान (नेपाल) ने 43.39 अंक के साथ सिल्वर और यतीश कृष्णथन (श्रीलंका) ने 24.35 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता। जूनियर पुरुष में तृप्ति डोंगरे (भारत) ने 112.63 अंक के साथ गोल्ड जीता। वरिष्ठ महिला वर्ग में रुद्राक्षी भावे (भारत) ने 114.25 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि वरिष्ठ पुरुष वर्ग में अर्जुन परमार (भारत) ने 99.50 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सुपाइन इंडिविजुअल में निशा चावड़ा (भारत) ने सीनियर ए महिला वर्ग में 38.92 अंक के साथ गोल्ड और विकास लाथेर (भारत) ने सीनियर ए पुरुष वर्ग में 39.59 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। सीनियर बी पुरुष वर्ग में हिसाशी वतनबे (जापान) ने 41.79 अंक के साथ जापान के लिए गोल्ड जीता, जबकि भारत के रोहित चव्हाण मात्र 0.01 अंक के अंतर से 41.78 अंक के साथ रजत पदक पर रहे। ट्रेडिशनल योगासन सब जूनियर महिला वर्ग में देवांशी गर्ग (भारत) ने 62.58 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता।

अन्य देशों का प्रदर्शन

जापान के हिसाशी वतनबे ने सुपाइन इंडिविजुअल सीनियर बी पुरुष और टोमाको शिमिज़ु ने लेग बैलेंस इंडिविजुअल सीनियर सी महिला वर्ग में गोल्ड जीते। रूस की स्वेतलाना लुकाशोवा ने सुपाइन इंडिविजुअल सीनियर बी महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। उज्बेकिस्तान के कमोलतदीन राखमनोव ने लेग बैलेंस इंडिविजुअल सीनियर सी पुरुष वर्ग में 37.33 अंक के साथ चैंपियनशिप में अपने देश का पहला गोल्ड मेडल जीता।

आगे की राह

चैंपियनशिप अभी जारी है और भारत की टीम अपनी बढ़त को और मज़बूत करने के लिए प्रतिस्पर्धा में बनी हुई है। 40 गोल्ड मेडल के साथ भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि योगासन में वह न केवल मेजबान, बल्कि निर्विवाद विश्व चैंपियन भी है। आने वाले दिनों में और स्पर्धाएँ होनी हैं, जो भारत के मेडल खाते को और समृद्ध कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पीएचडी शोधार्थी और विश्व चैंपियन हैं — यह दर्शाती है कि योग अब केवल आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धात्मक राष्ट्रीय संपत्ति बन रहा है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि चैंपियनशिप में भाग लेने वाले देशों की संख्या और उनके प्रशिक्षण स्तर की तुलना में भारत की बढ़त का सही मूल्यांकन होना चाहिए — ताकि यह उपलब्धि वैश्विक खेल मानचित्र पर योगासन को स्थायी जगह दिलाने की दिशा में ठोस आधार बने।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में हीना राजगोर ने कौन-सा मेडल जीता?
हीना राजगोर ने सीनियर बी महिला 'फॉरवर्ड बेंड' स्पर्धा में 43.50 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता। वे गुजरात के भुज की रहने वाली हैं और योग में पीएचडी कर रही हैं।
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारत की मेडल टैली क्या है?
भारत ने 40 गोल्ड, 8 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 50 मेडल जीते हैं और मेडल टैली में शीर्ष स्थान पर है। जापान 10 मेडल के साथ दूसरे और सिंगापुर 6 मेडल के साथ तीसरे स्थान पर है।
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 कहाँ आयोजित हो रही है?
यह चैंपियनशिप अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित हो रही है। भारत इस प्रतियोगिता का मेजबान देश है।
हीना राजगोर कौन हैं?
हीना राजगोर पूर्व मिस गुजरात सुपर मॉडल हैं जो गुजरात के भुज से हैं। वे वर्तमान में योग विषय में पीएचडी कर रही हैं और अब वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडलिस्ट बन चुकी हैं।
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में किन अन्य देशों ने गोल्ड मेडल जीते?
भारत के अलावा जापान ने 3, रूस ने 1 और उज्बेकिस्तान ने 1 गोल्ड मेडल जीता। उज्बेकिस्तान के कमोलतदीन राखमनोव ने लेग बैलेंस सीनियर सी पुरुष वर्ग में अपने देश का चैंपियनशिप में पहला गोल्ड जीता।
राष्ट्र प्रेस
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