लखनऊ में 'वाटर वूमेन' शिप्रा पाठक ने बड़े मंगल पर 55,000 हरे पत्तल बाँटे, प्लास्टिक मुक्त भविष्य का आह्वान

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लखनऊ में 'वाटर वूमेन' शिप्रा पाठक ने बड़े मंगल पर 55,000 हरे पत्तल बाँटे, प्लास्टिक मुक्त भविष्य का आह्वान

'वाटर वूमेन' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने 5 मई 2025 को लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर 55,000 हरे पत्तलों का निःशुल्क वितरण कर एक उल्लेखनीय पर्यावरण अभियान चलाया। उनकी संस्था 'पंचतत्व' के सदस्यों के साथ मिलकर शहर के प्रमुख भंडारा स्थलों पर पहुँचकर उन्होंने श्रद्धालुओं और आयोजकों को जैव-अपघटनीय पत्तलें सौंपीं और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। यह अभियान धार्मिक आयोजनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक ठोस सामुदायिक प्रयास के रूप में सामने आया।

अभियान की शुरुआत और मुख्य स्थल

शिप्रा पाठक ने इस अभियान की शुरुआत लखनऊ प्रेस क्लब से की, जहाँ उन्होंने मीडियाकर्मियों से संवाद कर इस मिशन को व्यापक जन-समर्थन दिलाने की अपील की। इसके बाद उनकी टीम ने दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, हजरतगंज, इंदिरानगर, गोमती नगर और हनुमान सेतु सहित अनेक स्थानों पर आयोजित भंडारों में पहुँचकर हरे पत्तल वितरित किए।

गौरतलब है कि बड़े मंगल पर लखनऊ में हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का आयोजन होता है, जिनमें बड़े पैमाने पर प्लास्टिक के दोने-पत्तलों का उपयोग होता है। यह प्लास्टिक कचरा बाद में नालियों और जलस्रोतों को प्रदूषित करता है।

स्वास्थ्य और जल प्रदूषण पर चेतावनी

शिप्रा पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्लास्टिक की पत्तलों में गर्म भोजन परोसने से हानिकारक रसायन निकलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से गोमती नदी का उल्लेख करते हुए चेताया,

राष्ट्र प्रेस
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