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6 नवंबर धनतेरस पंचांग: पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:49 से, खरीदारी के लिए हस्त नक्षत्र का योग

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6 नवंबर धनतेरस पंचांग: पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:49 से, खरीदारी के लिए हस्त नक्षत्र का योग

सारांश

6 नवंबर को धनतेरस पर हस्त नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का विशेष संयोग बन रहा है। पूजा के लिए शाम 5:49 से रात 8:23 तक और खरीदारी के लिए शाम 6:21 से रात 8:14 तक का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 से 12:22 तक रहेगा।

मुख्य बातें

6 नवंबर 2026 को धनतेरस है; त्रयोदशी तिथि सुबह 10:32 बजे से शुरू होगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5:49 से रात 8:23 बजे तक।
हस्त नक्षत्र में खरीदारी का विशेष संयोग: शाम 6:21 से रात 8:14 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:36 से दोपहर 12:22 बजे तक — नए कार्यों के लिए उत्तम।
राहुकाल : सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक — इस दौरान नए कार्य से बचें।
पश्चिम दिशा में दिशाशूल ; चंद्रमा कन्या राशि में; सूर्योदय 6:36 , सूर्यास्त 5:32 बजे ।

धनतेरस के पावन अवसर पर 6 नवंबर 2026 का पंचांग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और हस्त नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ और खरीदारी दोनों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की आराधना से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

6 नवंबर का तिथि और नक्षत्र विवरण

पंचांग के अनुसार, 6 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी, जो धनतेरस का मुख्य दिन है। इस दिन हस्त नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का विशेष संयोग रहेगा।

करण की दृष्टि से सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक तैतिल करण और उसके बाद गर करण प्रभावी रहेगा। शुक्रवार का यह दिन माता लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित है, जिससे धार्मिक कार्यों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति

नई दिल्ली के समयानुसार 6 नवंबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 32 मिनट पर होगा। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर ही दिन के शुभ और अशुभ समय की गणना की जाती है।

धनतेरस पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर पूजा और खरीदारी के लिए प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। विशेष रूप से शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक हस्त नक्षत्र में खरीदारी और पूजा के लिए अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष अवधि में माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है। धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन या अन्य धातु वस्तुओं की खरीदारी इसी मुहूर्त में करना शास्त्रसम्मत माना जाता है।

अभिजीत मुहूर्त — दिन का सर्वश्रेष्ठ समय

नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ या किसी भी शुभ कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त को सर्वोत्तम माना जाता है। 6 नवंबर को यह मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस लगभग 46 मिनट की अवधि में किए गए कार्य शुभ फलदायक माने जाते हैं।

राहुकाल और दिशाशूल — किससे बचें

6 नवंबर को राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कोई नया या मांगलिक कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए, हालाँकि पहले से चल रहे नियमित कार्य निर्बाध रूप से जारी रखे जा सकते हैं।

इस शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। मान्यता के अनुसार, इस दिन पश्चिम दिशा में यात्रा से यथासंभव बचना उचित माना गया है। यदि अत्यावश्यक यात्रा करनी हो, तो पारंपरिक धार्मिक उपाय अपनाकर घर से प्रस्थान किया जा सकता है।

धनतेरस का यह पर्व केवल खरीदारी का उत्सव नहीं, बल्कि आरोग्य, धन और समृद्धि की आराधना का विशेष अवसर है — और इस वर्ष हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग इसे और भी विशेष बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि शुक्र का लक्ष्मी से सीधा संबंध माना जाता है। ध्यान देने योग्य यह है कि राहुकाल की अवधि अभिजीत मुहूर्त के ठीक पहले समाप्त होती है, इसलिए श्रद्धालुओं को दोपहर 12 बजे के बाद ही नए कार्य आरंभ करने चाहिए। पंचांग-आधारित निर्णय भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं और इनकी प्रासंगिकता आधुनिक युग में भी बनी हुई है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस 2026 पर पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?
6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। यह प्रदोष काल की अवधि है, जो इस त्योहार पर सर्वाधिक शुभ मानी जाती है।
धनतेरस पर खरीदारी का सबसे शुभ समय कौन सा है?
धनतेरस 2026 पर खरीदारी के लिए शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक का समय सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इस दौरान हस्त नक्षत्र का विशेष शुभ संयोग बन रहा है। इस अवधि में सोना, चाँदी या धातु की खरीदारी करना शास्त्रसम्मत माना गया है।
6 नवंबर को राहुकाल कब है और इससे क्यों बचना चाहिए?
6 नवंबर को राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कोई नया या मांगलिक कार्य शुरू करना अशुभ माना जाता है, हालाँकि पहले से जारी नियमित कार्य किए जा सकते हैं।
6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। यह लगभग 46 मिनट की अवधि किसी भी नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम मानी जाती है।
6 नवंबर धनतेरस को कौन-सा नक्षत्र और योग रहेगा?
6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर हस्त नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग रहेगा। इसके साथ ही शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होने से इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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