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7 जून 2026 पंचांग: अधिक भानू सप्तमी पर द्विपुष्कर-रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त और पंचक-भद्रा का समय

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7 जून 2026 पंचांग: अधिक भानू सप्तमी पर द्विपुष्कर-रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त और पंचक-भद्रा का समय

सारांश

7 जून 2026 को पुरुषोत्तम मास की अधिक भानू सप्तमी पर द्विपुष्कर और रवि योग का दुर्लभ मेल बन रहा है — सुबह 5:23 से 7:55 बजे तक सूर्य उपासना का सर्वोत्तम समय। लेकिन पंचक पूरे दिन और भद्रा दोपहर 3:07 बजे तक रहने से मांगलिक कार्यों में सावधानी ज़रूरी है।

मुख्य बातें

7 जून 2026 (रविवार) को ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी पर अधिक भानू सप्तमी का दुर्लभ संयोग।
द्विपुष्कर योग और रवि योग सुबह 5:23 से 7:55 बजे तक एक साथ सक्रिय — सूर्य उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:02–4:42, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52–12:48, विजय मुहूर्त दोपहर 2:39–3:35 बजे।
पंचक पूरे दिन और भद्रा सुबह 5:23 से दोपहर 3:07 बजे तक — नए व मांगलिक कार्यों से बचें।
राहुकाल शाम 5:33–7:17, यमगंड दोपहर 12:20–2:04, गुलिक काल दोपहर 3:49–5:33 बजे।
सप्तमी तिथि 8 जून की सुबह 3:24 बजे तक; धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 7:55 बजे तक, इसके बाद शतभिषा ।

7 जून 2026 (रविवार) को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर अधिक भानू सप्तमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा की विशेष ग्रह-स्थिति के कारण द्विपुष्कर योग और रवि योग एक साथ सक्रिय रहेंगे, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्तमान में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है, जिससे इस सप्तमी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

अधिक भानू सप्तमी का महत्व

पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाली सप्तमी तिथि को अधिक भानू सप्तमी कहा जाता है। रविवार का दिन वैसे भी सूर्य देव की आराधना को समर्पित होता है, और इस दिन अधिक मास की सप्तमी का संयोग इसे विशेष रूप से फलदायी बनाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य उपासना, स्नान, दान और जप का विशेष विधान है।

शुभ योग और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार द्विपुष्कर योग और रवि योग दोनों सुबह 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक एक साथ सक्रिय रहेंगे। द्विपुष्कर योग में किए गए पुण्य कार्यों का फल दोगुना मिलता है, जबकि रवि योग सूर्य देव की विशेष कृपा का प्रतीक है। इस अवधि में स्नान, दान, जप, ध्यान और मंदिर दर्शन विशेष शुभ फलदायी माने जाते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 36 मिनट तक शुभ रहेगा।

तिथि, नक्षत्र और योग विवरण

सप्तमी तिथि पूरे दिन रहेगी और 8 जून की सुबह 3 बजकर 24 मिनट तक जारी रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। वैधृति योग सुबह 10 बजकर 2 मिनट तक और करण विष्टि दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 17 मिनट पर होगा।

अशुभ समय: पंचक, भद्रा और राहुकाल

रविवार को पंचक पूरे दिन बना रहेगा। पंचक काल में नया काम शुरू करना, शुभ कार्य करना और यात्रा पर जाना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा भद्रा सुबह 5 बजकर 23 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगी — इस अवधि में कोई भी मांगलिक या नया कार्य नहीं करना चाहिए।

राहुकाल शाम 5 बजकर 33 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक, यमगंड दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 2 बजकर 4 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा — इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचना उचित है।

क्या करें, क्या न करें

सुबह के शुभ योगों में सूर्य देव को अर्घ्य देना, तुलसी दल चढ़ाना और सूर्य चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। पंचक और भद्रा की छाया के कारण दिन के पूर्वार्ध में कोई भी नया संकल्प या मांगलिक कार्य टालना श्रेयस्कर है। अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य सिद्धिदायक माने जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिनचर्या का हिस्सा हैं — और यही इनकी Google Discover पर असाधारण पहुँच का कारण है। 7 जून का संयोग वास्तव में उल्लेखनीय है: पुरुषोत्तम मास में सप्तमी, उस पर द्विपुष्कर और रवि योग का एकसाथ आना, ऐसा बार-बार नहीं होता। हालाँकि पंचक और भद्रा की उपस्थिति इस दिन को 'पूर्णतः शुभ' नहीं बनाती — यह संतुलित तथ्य पाठक को सही निर्णय लेने में मदद करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर केवल शुभ पक्ष उजागर करती है; अशुभ समय का स्पष्ट उल्लेख ही विश्वसनीय पंचांग पत्रकारिता की पहचान है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 जून 2026 को अधिक भानू सप्तमी क्यों है?
वर्तमान में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है और इस मास में पड़ने वाली सप्तमी तिथि को अधिक भानू सप्तमी कहा जाता है। रविवार को सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व होने से यह तिथि और भी फलदायी मानी जाती है।
7 जून को द्विपुष्कर और रवि योग कितने बजे तक रहेगा?
दोनों योग सुबह 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक एक साथ सक्रिय रहेंगे। इस अवधि में स्नान, दान, जप और सूर्य अर्घ्य देना विशेष शुभ माना जाता है।
7 जून 2026 को पंचक और भद्रा कब तक रहेगी?
पंचक पूरे दिन बना रहेगा, इसलिए नया काम शुरू करना और यात्रा टालनी चाहिए। भद्रा सुबह 5 बजकर 23 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगी, जिसमें मांगलिक कार्य वर्जित हैं।
7 जून का राहुकाल किस समय है?
राहुकाल शाम 5 बजकर 33 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड दोपहर 12:20 से 2:04 बजे और गुलिक काल दोपहर 3:49 से 5:33 बजे तक रहेगा — इन अवधियों में महत्वपूर्ण कार्य न करें।
7 जून 2026 को सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त कौन-सा है?
सुबह 5:23 से 7:55 बजे तक द्विपुष्कर-रवि योग का संयुक्त मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:48 बजे और विजय मुहूर्त दोपहर 2:39 से 3:35 बजे तक भी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है।
राष्ट्र प्रेस
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