8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन को 69,000 रुपए करने की मांग, एनसी-जेसीएम का 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन को 69,000 रुपए करने की मांग, एनसी-जेसीएम का 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव

सारांश

8वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग की है। एनसी-जेसीएम ने 3.83 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है, जिससे न्यूनतम वेतन 69,000 रुपए तक पहुंच सकता है। जानिए इस प्रस्ताव के पीछे की जानकारी।

मुख्य बातें

फिटमेंट फैक्टर: 3.83 का प्रस्ताव न्यूनतम वेतन: 69,000 रुपए तक बढ़ने की संभावना प्रभावित कर्मचारी: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी पेंशनर्स: 65 लाख प्रभावित आधिकारिक निर्णय: एक वर्ष से अधिक का समय ले सकता है

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने 8वें वेतन आयोग को भेजे गए अपने साझा ज्ञापन में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि, एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी और अन्य लाभों का प्रस्ताव रखा है।

एनसी-जेसीएम, केंद्र सरकार (नियोक्ता) और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बातचीत के लिए सर्वोच्च संस्था है। एडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, इस संस्था ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष फिटमेंट फैक्टर को 3.833 रखने का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, 7वें वेतन आयोग का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए से बढ़कर 69,000 रुपए हो सकता है।

वेतन आयोग में, जीवन निर्वाह लागत और मुद्रास्फीति जैसे कारकों के आधार पर वेतन में संशोधन करने के लिए फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया जाता है, जिसे मौजूदा मूल वेतन पर लागू करके नए वेतन की गणना की जाती है।

एनसी-जेसीएम ने 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, पदोन्नति पर दो वेतन वृद्धि (कम से कम 10,000 रुपए के लाभ के अधीन) आदि का भी प्रस्ताव रखा है।

अगर यह बदलाव लागू किया जाता है तो इसका सीधे तौर पर केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स पर प्रभाव पड़ेगा।

फिटमेंट फैक्टर लागू होने से सभी स्तरों पर वेतन वृद्धि समान होती है। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया गया था। 6वें वेतन आयोग के तहत प्रवेश स्तर का मूल वेतन 7,000 रुपए था, जिसे इस फैक्टर से गुणा करने पर 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए हो गया।

वेतन मैट्रिक्स में कुल 18 स्तर हैं, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के लिए उच्च स्तर शामिल हैं। कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ-साथ एचआरए, भविष्य निधि और अन्य लाभ भी मिलते हैं।

राष्ट्रीय डाक संगठनों के संघ ने सरकार से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता को मूल वेतन में विलय करने और उसी तिथि से अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया है।

वेतन वृद्धि सरकार द्वारा अपनाए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसके विश्लेषकों के अनुसार 2.5 से अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कर्मचारी समूहों ने 3.15 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, हालांकि आधिकारिक निर्णय में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मार्च में संसद को बताया था कि 8वां वेतन आयोग केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों पर अपनी सिफारिशें देगा। उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 से 18 महीनों के भीतर अपनी कार्यवाही पूरी करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल वेतन में वृद्धि करेगा, बल्कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की भलाई के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिटमेंट फैक्टर क्या है?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है जिसका उपयोग वेतन संशोधन के लिए किया जाता है, इसे मौजूदा मूल वेतन पर लागू करके नए वेतन की गणना की जाती है।
कौन से संगठन ने इस प्रस्ताव को रखा है?
यह प्रस्ताव नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) ने रखा है।
केंद्र सरकार के कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे?
लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स इस प्रस्ताव से प्रभावित होंगे।
आधिकारिक निर्णय में कितना समय लगेगा?
आधिकारिक निर्णय में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता है।
क्या इस प्रस्ताव का असर पेंशनर्स पर भी पड़ेगा?
हाँ, यह प्रस्ताव पेंशनर्स पर भी सीधा प्रभाव डालेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले