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नागौर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दौरे पर आरएलपी का काले झंडों से विरोध, 9 कार्यकर्ता हिरासत में

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नागौर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दौरे पर आरएलपी का काले झंडों से विरोध, 9 कार्यकर्ता हिरासत में

सारांश

नागौर के कुचामन में BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के दौरे पर आरएलपी के काले झंडे विरोध ने तनाव पैदा किया — 9 कार्यकर्ता हिरासत में। भैराणा धाम भूमि विवाद की आग में यह नया मोड़ राजस्थान में BJP और बेनीवाल की आरएलपी के बीच बढ़ते टकराव की बानगी है।

मुख्य बातें

नागौर जिले के कुचामन में BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के दौरे के दौरान आरएलपी समर्थकों ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया।
पुलिस ने 9 आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया; भीड़ तितर-बितर करने के लिए मामूली बल का प्रयोग किया गया।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने हिरासत की निंदा की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया।
यह विरोध भैराणा धाम पर RIICO की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर BJP और आरएलपी के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ।
BJP प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने आरएलपी पर धार्मिक मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

राजस्थान के नागौर जिले के कुचामन शहर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के दौरे के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के समर्थकों ने 29 मई को काले झंडे दिखाकर तीखा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने 9 आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह घटना उस समय हुई जब राठौर एक दो दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुँचे थे।

मुख्य घटनाक्रम

मदन राठौर कुचामन में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए पहुँचे थे। शिविर स्थल के निकट पहले से मौजूद आरएलपी समर्थकों ने उनके वाहन का घेराव करते हुए नारेबाज़ी की और काले झंडे लहराए। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। बताया जाता है कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अधिकारियों ने मामूली बल का प्रयोग किया और 9 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

बेनीवाल की प्रतिक्रिया

आरएलपी संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने हिरासत की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'तानाशाही के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर किसी का अधिकार है, और सरकार लाठियों के बल पर हमारी आवाज को दबा नहीं सकती।' बेनीवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने का अनुरोध किया है।

भैराणा धाम विवाद की पृष्ठभूमि

यह झड़प भैराणा धाम मुद्दे पर BJP और आरएलपी के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में हुई। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में भैराणा धाम के संतों के आंदोलन को बेनीवाल ने समर्थन दिया था। प्रशासन द्वारा माँगें स्वीकार किए जाने के बाद बेनीवाल ने वह आंदोलन वापस ले लिया था। हालाँकि, दोनों दल एक-दूसरे पर इस धार्मिक मुद्दे से राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाते रहे हैं।

भाजपा का पलटवार

BJP की प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने बेनीवाल पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आरएलपी धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। मिर्धा ने दावा किया कि BJP सरकार पहले से ही साधु-संतों की चिंताओं को दूर करने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व न होने के बावजूद बेनीवाल अक्सर खुद को मुख्यमंत्री की तरह पेश करते हैं, और सार्वजनिक मंचों पर उनके कुछ बयान राजनीतिक मर्यादा के विपरीत रहे हैं।

आगे की स्थिति

हिरासत में लिए गए 9 आरएलपी कार्यकर्ताओं की रिहाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। भैराणा धाम विवाद और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए नागौर में BJP और आरएलपी के बीच तनाव बने रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में सत्तारूढ़ BJP के सामने विभिन्न क्षेत्रीय दलों की ओर से दबाव बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाता है कि जमीनी असंतोष संसदीय प्रतिनिधित्व से आगे जा सकता है। भैराणा धाम जैसे धार्मिक-भूमि मुद्दों पर जनभावना को भुनाने की रणनीति बेनीवाल के लिए कारगर रही है — और BJP का 'राजनीतिकरण' वाला जवाब इस कथा को काटने में अभी तक नाकाम रहा है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार इन विरोधों को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानती रहेगी, या जमीनी शिकायतों पर संवाद का रास्ता खोलेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागौर में आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
कुचामन में BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध करने पर पुलिस ने 9 आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। राठौर पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुँचे थे, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन का घेराव किया।
हनुमान बेनीवाल ने हिरासत पर क्या कहा?
नागौर सांसद और आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने हिरासत की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध हर नागरिक का अधिकार है और सरकार लाठियों से आवाज नहीं दबा सकती। उन्होंने राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया।
भैराणा धाम विवाद क्या है और इसका इस घटना से क्या संबंध है?
भैराणा धाम एक धार्मिक स्थल है जहाँ RIICO द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में संतों ने आंदोलन किया था। बेनीवाल ने उस आंदोलन का समर्थन किया था और प्रशासन की माँगें मानने के बाद उसे वापस लिया था। इसी मुद्दे पर BJP और आरएलपी के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच कुचामन में यह विरोध प्रदर्शन हुआ।
BJP ने आरएलपी के विरोध पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने आरएलपी पर धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP सरकार पहले से साधु-संतों की चिंताओं को दूर करने में लगी है और बेनीवाल के राजनीतिक आचरण पर भी सवाल उठाए।
क्या हिरासत में लिए गए आरएलपी कार्यकर्ता रिहा हुए?
रिपोर्टों के अनुसार बेनीवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से 9 हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया है। हालाँकि उनकी रिहाई की आधिकारिक पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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