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राजस्थान: मदन राठौड़ के खिलाफ काले झंडे दिखाने वाले 4 RLP कार्यकर्ताओं पर इनाम, बेनीवाल का विरोध

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राजस्थान: मदन राठौड़ के खिलाफ काले झंडे दिखाने वाले 4 RLP कार्यकर्ताओं पर इनाम, बेनीवाल का विरोध

सारांश

मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने वाले चार RLP कार्यकर्ताओं पर राजस्थान पुलिस ने इनाम घोषित किया — मुख्य आरोपी पर ₹5,000, तीन अन्य पर ₹2,100। हनुमान बेनीवाल ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि असहमति अपराध नहीं है। नागौर क्षेत्र में भाजपा-RLP टकराव का यह नया अध्याय राज्य सरकार की सहनशीलता पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

30 मई को कुचामन सिटी में मदन राठौड़ को RLP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे।
पुलिस ने भूराराम पर ₹5,000 और तीन अन्य पर ₹2,100 का इनाम घोषित किया है।
एसएचओ महावीर प्रसाद के अनुसार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई।
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा — “लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं है।” आरोपियों पर पहले शांति भंग, फिर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज हुआ था।

राजस्थान पुलिस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ 30 मई को हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में चार आरोपियों पर इनाम घोषित किया है, जिनमें मुख्य आरोपी पर ₹5,000 और तीन अन्य पर ₹2,100 का इनाम रखा गया है। कुचामन सिटी थाने में दर्ज इस मुकदमे के बाद से सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

30 मई को मदन राठौड़ के कुचामन सिटी दौरे के दौरान RLP कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध जताया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसी दिन विजय सिंह पालाडा और सीआई सतपाल सिंह की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी और जाँच को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह इनाम घोषणा की गई है।

किस पर कितना इनाम

पुलिस ने सुरेंद्रनगर निवासी भूराराम पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा हिराणी निवासी रामनिवास कांटिया, रासल निवासी मुकेश सारण और रानासर निवासी दिनेश कुकना पर ₹2,100 का इनाम रखा गया है। कुचामन सिटी के एसएचओ महावीर प्रसाद ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद की गई है, और जनता से सूचना देने की अपील की गई है — सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखे जाने का आश्वासन भी दिया गया है।

बेनीवाल का पलटवार

RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार की प्रतिक्रिया पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया था, लेकिन उन्हें पहले कथित तौर पर शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया और बाद में सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया।

बेनीवाल ने कहा, “अब उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की गई है, मानो वे कोई अपराधी हों। यह राज्य सरकार की सहनशीलता और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि बेनीवाल और भाजपा के बीच राजस्थान की सियासत में टकराव नया नहीं है। नागौर क्षेत्र, जहाँ कुचामन सिटी स्थित है, RLP का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है, और मदन राठौड़ की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक टकराव है। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं के खिलाफ प्रदर्शनों पर पुलिसिया कार्रवाई का यह पैटर्न राज्य में विपक्षी आवाज़ों पर दबाव बढ़ाने का संकेत है।

आगे क्या

पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में है, जबकि RLP ने इस मामले को बड़े राजनीतिक मंच पर ले जाने के संकेत दिए हैं। अब निगाहें इस पर हैं कि क्या राज्य सरकार बेनीवाल के आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण देती है या जाँच आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ₹5,000 तक की पुरस्कार राशि असमान दिखती है। बेनीवाल का सवाल राजनीतिक से अधिक प्रक्रियात्मक है — यदि हर विपक्षी प्रदर्शन पर यही पैमाना लागू हो, तो असहमति का संवैधानिक स्थान सिकुड़ता है। नागौर की ज़मीनी राजनीति में यह मामला RLP को नए सिरे से लामबंदी का अवसर भी दे सकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदन राठौड़ के खिलाफ प्रदर्शन मामला क्या है?
30 मई 2026 को राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन सिटी दौरे के दौरान RLP कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध किया था। इसके बाद कुचामन सिटी थाने में शांति भंग करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने किन-किन पर कितना इनाम घोषित किया है?
सुरेंद्रनगर निवासी भूराराम पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया है। इसके अलावा हिराणी निवासी रामनिवास कांटिया, रासल निवासी मुकेश सारण और रानासर निवासी दिनेश कुकना पर ₹2,100-₹2,100 का इनाम रखा गया है।
हनुमान बेनीवाल ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताया था। उन्होंने कहा कि इनाम घोषणा से राज्य सरकार की सहनशीलता और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
क्या आरोपी अब तक गिरफ्तार हुए हैं?
नहीं, मुकदमा दर्ज होने के बाद से चारों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से उनके ठिकाने की जानकारी देने की अपील की है और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।
शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 मई को विजय सिंह पालाडा और सीआई सतपाल सिंह की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इनाम की घोषणा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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