योगी सरकार के 9 साल: UP में 9 लाख सरकारी नौकरियाँ, ₹50 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव और 3 करोड़ MSME रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 वर्षों के शासन में रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए गए हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। लखनऊ से जारी इन आँकड़ों को सरकार उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी रोजगार मॉडल बताने के लिए प्रस्तुत कर रही है।
सरकारी भर्तियों का विस्तार
योगी सरकार के अनुसार, बीते 9 वर्षों में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियाँ पूरी की गई हैं और वर्ष 2026 में 80 हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग में 1.65 लाख से अधिक नियुक्तियाँ की गई हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच 53 हजार से अधिक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 47 हजार से अधिक भर्तियाँ पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पूरी करने का दावा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब रोजगार के आँकड़ों की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।
औद्योगिक विस्तार और MSME क्षेत्र
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पंजीकृत कारखानों की संख्या वर्ष 2017 से पहले के 14 हजार से बढ़कर अब 31 हजार से अधिक हो गई है। MSME क्षेत्र से प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। बीते 9 वर्षों में 4 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से ₹15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को क्रियान्वित किया गया है, जिनसे 60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का दावा किया जा रहा है।
युवा उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाएँ
मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹1,09,710 लाख से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत वर्ष 2024-25 से अब तक 1.47 लाख युवाओं को लाभ दिया गया है, जिससे 4.51 लाख लोगों को रोजगार मिला है। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में विस्तार से 4.63 लाख रोजगार सृजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति दी जा चुकी है।
महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका
बीसी सखी योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं ने बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में ₹42,711 करोड़ का लेन-देन किया और ₹116 करोड़ का लाभांश अर्जित किया। लखपति दीदी कार्यक्रम के माध्यम से 18.55 लाख महिलाएँ लखपति श्रेणी में पहुँच गई हैं। 1 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर रोजगार कर रही हैं और 64.34 लाख महिला किसान परिवारों को कृषि आजीविका संवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। कृषि क्षेत्र में महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
आगे की राह
सरकार का दावा है कि इन आँकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश का युवा अब रोजगार के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने ही प्रदेश में अवसर तलाश रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले वर्षों में निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन और रोजगार सृजन की गति इस दावे की असली कसौटी होगी।