चंद्रशेखर आज़ाद का ऐलान: 24 सितंबर को जंतर मंतर पर आरक्षण समर्थन में प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
आजाद समाज पार्टी (ASP) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए घोषणा की कि उनकी पार्टी 24 सितंबर को जंतर मंतर पर एक दिवसीय प्रदर्शन आयोजित करेगी। यह प्रदर्शन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण की लंबे समय से लंबित माँग को लेकर किया जाएगा, जो कथित तौर पर वर्ष 2012 से अनसुलझी पड़ी है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि और मुख्य माँगें
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि इस प्रदर्शन के ज़रिये वे सरकार से यह जानना चाहते हैं कि क्या वह SC, ST और OBC समुदायों की बात भी उसी गंभीरता से सुनेगी, जैसे वह आरक्षण का विरोध करने वाले पक्षों से संवाद करती रही है। उन्होंने कहा, "हम देखेंगे कि सरकार हमसे भी उसी तरह बातचीत करती है और उचित कार्रवाई करती है या नहीं, जैसे वह आरक्षण का विरोध करने वालों से बातचीत कर रही थी।" गौरतलब है कि पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों और केंद्र सरकार की नीति के बीच उलझा हुआ है।
बाराबंकी काफिले पर कथित हमले का विवाद
चंद्रशेखर ने बाराबंकी में उनके काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। वे निषाद समुदाय के व्यापारी विनोद कुमार साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे, जिनकी कथित तौर पर सोशल मीडिया विवाद के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना को उन्होंने 'साजिश' करार देते हुए कहा, "मुझे मारने की कोशिश की गई। मेरे साथियों को बार बार धमकियाँ दी गईं और कहा गया कि उनकी गाड़ियों को आग लगा दी जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के वाहनों पर लगी तस्वीरें और पोस्टर फाड़े गए, उन्हें पैरों तले रौंदा गया और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। उनके अनुसार, "यही उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति को दिखाता है।"
बाराबंकी पुलिस पर आरोप और FIR
चंद्रशेखर ने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई। उन्होंने जानकारी दी कि उनके ऊपर हुए कथित हमले के संबंध में 17 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें एक महिला उपनिरीक्षक, एक इंस्पेक्टर और एक एसीपी समेत संबंधित अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
उन्होंने माँग की कि दूसरी तहरीर भी दर्ज की जाए और नामित अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा, "जब तक वे अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सकते हैं।" साथ ही उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखने की अपील की, ताकि न्यायपालिका को मामले का संज्ञान लेने में कोई बाधा न आए।
पुलिस व्यवस्था पर संतुलित रुख
बावजूद इसके, चंद्रशेखर ने पूरी पुलिस व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने से परहेज़ किया। उन्होंने कहा, "हमारी पुलिस हमारा गौरव है। कुछ पुलिसकर्मी गलती कर सकते हैं, लेकिन सभी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।" यह रुख उनके उस बयान के साथ जुड़ता है जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी फिलहाल केवल संवैधानिक तरीकों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।
आगे का रास्ता
24 सितंबर 2026 को जंतर मंतर पर होने वाला प्रदर्शन यह देखने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा कि केंद्र सरकार SC, ST और OBC के आरक्षण समर्थकों की माँगों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है। बाराबंकी प्रकरण और पुलिस पर लगे आरोप इस आंदोलन को और व्यापक राजनीतिक आयाम दे सकते हैं।