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क्या आजसू ने 40वां स्थापना दिवस मनाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर हमला किया?

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क्या आजसू ने 40वां स्थापना दिवस मनाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर हमला किया?

सारांश

रांची में आजसू ने अपने 40वें स्थापना दिवस को बलिदान दिवस के रूप में मनाया, जहां उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक बदलाव की एक नई लहर का संकल्प लिया। क्या यह झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ लाएगा?

मुख्य बातें

आजसू ने 40वां स्थापना दिवस बलिदान दिवस के रूप में मनाया।
सुदेश महतो ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक बदलाव का संकल्प लिया।
चुनाव के दौरान सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप।
अलग झारखंड के आंदोलन में छात्रों का योगदान याद किया गया।

रांची, 22 जून (राष्ट्र प्रेस)। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी ने रांची में रविवार को अपना 40वां स्थापना दिवस बलिदान दिवस के रूप में मनाया। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न कोनों से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में कुर्बानी देने वाले छात्रों और युवाओं के योगदान को स्मरण करते हुए एक बार फिर से राजनीतिक बदलाव की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन खेलगांव के हरिवंश टाना भगत इनडोर स्टेडियम में हुआ, जहाँ पार्टी के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा कि आज झारखंड में अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वालों की सरकार है, लेकिन युवाओं को अपनी ही ज़मीन पर पहचान पाने में कठिनाई हो रही है। इस सरकार ने हर साल पाँच लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब तक उन्हें धोखा दिया गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले साढ़े पांच साल में यह सरकार कितने लोगों को नौकरी देने में सफल रही है? इस तरह के बड़े झूठ के साथ कोई कैसे शासन कर सकता है? आजसू के अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर ‘मंईयां सम्मान योजना’ के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव के समय लाखों महिलाओं के खाते में ढाई-ढाई हजार रुपये भेजकर सरकारी धन से चुनाव को प्रभावित किया गया।

सुदेश महतो ने कहा कि अब उन महिलाओं में से साढ़े छह लाख को इस योजना के लिए अयोग्य घोषित करने की बात चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके अधिकारियों से इस गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेने की मांग की। यह मुद्दा केवल सम्मेलन में नहीं उठाया जाएगा, बल्कि पूरे राज्य में इसे लेकर जाएंगे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1986 से 2000 तक आजसू का न तो कोई विधायक था और न ही सांसद, फिर भी हजारों छात्रों ने इस बैनर के तहत संघर्ष किया और अलग झारखंड की लड़ाई को आगे बढ़ाया। पार्टी के कार्यकर्ता एक बार फिर उसी जोश के साथ प्रदर्शन करेंगे।

कार्यक्रम में पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, महासचिव देवशरण भगत, वरिष्ठ नेता प्रवीण प्रभाकर सहित कई अन्य ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अलग राज्य के आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों की याद में शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित किए गए और उनके प्रति दो मिनट का मौन रखा गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देते हैं। क्या वास्तव में सरकार ने अपने वादों को पूरा किया है? यह सभी सवाल राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजसू का स्थापना दिवस कब मनाया गया?
आजसू का 40वां स्थापना दिवस 22 जून को मनाया गया।
सुदेश महतो ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
सुदेश महतो ने कहा कि सरकार ने युवाओं को नौकरी देने के वादे को पूरा नहीं किया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो, और कई अन्य नेता शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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