अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला: UP में 20+ पेपर लीक, आउटसोर्सिंग से 'कमीशन का खेल' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 21 सितंबर 2026 को लखनऊ में सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर रोज़गार, आरक्षण, पेपर लीक, आउटसोर्सिंग और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षति पहुँचाने के मुद्दों पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और इन घटनाओं के पीछे सरकारी भर्तियों की जगह आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने की कथित मंशा है।
पीडीए ऑडिट और आरक्षण के आरोप
अखिलेश यादव ने बताया कि सपा ने सरकारी नौकरियों और आरक्षण की स्थिति जाँचने के लिए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट किया था। उनके अनुसार, मई 2026 में जारी इस रिपोर्ट में 22 भर्तियों में 11,514 आरक्षित पदों के प्रभावित होने का आरोप लगाया गया था। अखिलेश ने कहा कि इन सवालों के बावजूद सरकार ने रिपोर्ट के एक भी पन्ने का जवाब नहीं दिया।
आउटसोर्सिंग पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने आउटसोर्सिंग को लेकर BJP सरकार पर सबसे तीखा निशाना साधा। उनका आरोप था कि सरकारी नौकरी में वेतन सीधे सरकारी बजट से दिया जाता है, जहाँ कमीशन की कोई गुंजाइश नहीं रहती, जबकि आउटसोर्सिंग में निजी कंपनियों के ज़रिए नियुक्ति और भुगतान होता है, जिससे कथित तौर पर 'कमीशन का रास्ता' बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इन सवालों का सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।
आंबेडकर प्रतिमाओं को नुकसान का मुद्दा
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि BJP शासन के दौरान उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में डॉ. आंबेडकर की 151 प्रतिमाओं को क्षति पहुँचाई गई। उनके अनुसार, सपा के पीडीए ऑडिट के आँकड़ों के मुताबिक इनमें से केवल 14 मामलों में गिरफ्तारी हुई, जबकि कई मामलों में आरोपी अज्ञात रहे और कई में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश ने यह भी कहा कि कई प्रतिमाओं में बाबा साहब के हाथ में संविधान की पुस्तक होती है और हमलों में उसी हिस्से को कथित तौर पर निशाना बनाया जाता है, जिसे उन्होंने संविधान और सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार बताया।
AI और वीडियो राजनीति पर तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में अखिलेश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के राजनीतिक इस्तेमाल पर BJP पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि AI का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि नकारात्मक प्रचार के लिए। उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यकर्ता भी जवाबी वीडियो तैयार कर रहे हैं, लेकिन यह किसी भुगतान पर नहीं, बल्कि स्वेच्छा से किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान BJP से जुड़े एक वीडियो और सपा समर्थन में तैयार वीडियो को स्क्रीन पर दिखाया भी गया।
पीडीए अभियान और संगठन की रणनीति
अखिलेश ने कहा कि पीडीए का अभियान आगे बढ़ रहा है और पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने के साथ-साथ उन सीटों पर भी रणनीति बना रही है, जहाँ पिछली बार अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। गौरतलब है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के स्तर पर तेज़ हो रही हैं और रोज़गार व आरक्षण के मुद्दे जनमानस में केंद्रीय बने हुए हैं।