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अखिलेश प्रताप सिंह का भाजपा पर हमला: पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा

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अखिलेश प्रताप सिंह का भाजपा पर हमला: पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा

सारांश

प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के मंच से कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने BJP को चारों तरफ से घेरा — पेपर लीक, झारखंड छात्र आंदोलन और कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा बनाम छात्रों की अनदेखी। उनका सवाल सीधा है: देश के भविष्य की आवाज कौन सुनेगा?

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने 8 अगस्त को प्रयागराज में BJP सरकार पर छात्र मुद्दों को लेकर हमला बोला।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को उन्होंने पिछले 5-6 वर्षों के छात्र-समर्थन अभियान की कड़ी बताया।
कांग्रेस ने पिछले वर्षों में देशभर के 100 से अधिक स्थानों पर छात्र मुद्दों पर प्रदर्शन किए।
2018 में CBSE पेपर लीक के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले मुद्दा उठाया — अखिलेश प्रताप सिंह का दावा।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर BJP के पोस्टरों की आलोचना; बातचीत के रास्ते को लोकतांत्रिक बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा का हवाला देते हुए छात्रों के प्रति भी संवेदनशीलता की माँग।

कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने 8 अगस्त को प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक की घटनाओं, झारखंड में छात्र आंदोलन और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

राहुल गांधी की भूमिका और 'छात्रों की गूंज' अभियान

अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पिछले 5-6 वर्षों से लगातार छात्रों के भविष्य को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, BJP सरकार की शिक्षा और परीक्षा नीति का लाभ समाज के सभी छात्रों को समान रूप से नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार छात्रों के साथ न्याय नहीं कर रही, तब राहुल गांधी उनकी आवाज बनने का काम कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने बताया कि पिछले 5-6 वर्षों में कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं। प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम इसी अभियान की अगली कड़ी है।

झारखंड में छात्र आंदोलन: BJP के पोस्टरों पर पलटवार

झारखंड में छात्र संगठनों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर BJP की ओर से लगाए गए पोस्टरों पर अखिलेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारों को आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, झारखंड में छात्रों के साथ पहले अधिकारी स्तर पर और फिर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत की गई — इसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की सही कार्यप्रणाली बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार असहमति रखने वाले आंदोलनों को बदनाम करने की कोशिश करती है और हर विरोध को विदेशी फंडिंग या किसी दूसरे देश से जोड़ने की परंपरा चल पड़ी है, जो पहले नहीं थी। उनके शब्दों में, 'झारखंड हो या कर्नाटक, मुख्यमंत्रियों को छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।'

पेपर लीक और शशि थरूर के बयान पर प्रतिक्रिया

पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान को लेकर अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि थरूर इस मामले में गलतफहमी में हैं और उन्हें अपना ज्ञान सुधारने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि 2018 में CBSE की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएं हाल के वर्षों में कई राज्यों में सामने आई हैं और छात्रों को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ी हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार, संसद में भी राहुल गांधी और विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाया।

कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा बनाम छात्रों की अनदेखी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा किए जाने पर तंज कसते हुए अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति भी इसी तरह की संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब कांवड़ियों पर फूल बरसाए जा सकते हैं, तो छात्रों की मांगों को सुनने में क्या बाधा है — क्योंकि छात्र भी देश और समाज का अभिन्न हिस्सा हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के धरने और प्रदर्शन के बाद संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और हॉस्टलों पर कार्रवाई की जाती है। उनके अनुसार, सरकार का काम छात्रों को दबाना या बदनाम करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।

आगे की राह

अखिलेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए कांग्रेस छात्र मुद्दों को संसद से सड़क तक उठाती रहेगी। उनका कहना है कि छात्र किसी भी देश का भविष्य होते हैं और उनकी आवाज को अनसुना करना देश के भविष्य को धूमिल करने के बराबर है। आलोचकों का कहना है कि अब देखना होगा कि सरकार इन माँगों पर ठोस कदम उठाती है या यह विमर्श केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की माँगें — पेपर लीक पर जवाबदेही, परीक्षा व्यवस्था में सुधार — वास्तविक और व्यापक हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को वर्षों से उठा रही है, पर सवाल यह है कि क्या पार्टी के पास इनका ठोस नीतिगत विकल्प भी है या यह केवल सरकार विरोधी विमर्श तक सीमित है। झारखंड में छात्रों से बातचीत को लोकतांत्रिक सफलता बताना उचित है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछती कि वहाँ की माँगें पूरी हुईं या नहीं। कांवड़ियों और छात्रों की तुलना एक तीखा राजनीतिक बिंदु है, पर असली परीक्षा यह होगी कि विपक्ष का यह दबाव नीतिगत बदलाव में बदलता है या चुनावी मौसम के साथ खत्म हो जाता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक अभियान है जिसके तहत छात्रों की शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसी समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाता है। प्रयागराज में 8 अगस्त को इसी अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अखिलेश प्रताप सिंह ने पेपर लीक पर क्या कहा?
उन्होंने दावा किया कि 2018 में CBSE पेपर लीक के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान को गलतफहमी पर आधारित बताते हुए कहा कि कांग्रेस और NSUI ने पिछले कई महीनों में इस मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन किए हैं।
झारखंड के छात्र आंदोलन पर BJP के पोस्टरों को लेकर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया रही?
अखिलेश प्रताप सिंह ने BJP के पोस्टरों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारों को आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने झारखंड में छात्रों से अधिकारी और मुख्यमंत्री स्तर पर हुई बातचीत को लोकतांत्रिक व्यवस्था की सही मिसाल बताया।
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा और छात्रों की तुलना क्यों की गई?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाने का हवाला देते हुए अखिलेश प्रताप सिंह ने तंज कसा कि सरकार को छात्रों के प्रति भी ऐसी ही संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उनका कहना था कि छात्र भी देश और समाज का हिस्सा हैं और उनकी माँगें सुनी जानी चाहिए।
कांग्रेस ने छात्र मुद्दों पर कितने प्रदर्शन किए हैं?
कांग्रेस नेता के अनुसार, पिछले 5-6 वर्षों में कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं। संसद में भी राहुल गांधी और विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की।
राष्ट्र प्रेस
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