अखिलेश प्रताप सिंह का भाजपा पर हमला: पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने 8 अगस्त को प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक की घटनाओं, झारखंड में छात्र आंदोलन और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
राहुल गांधी की भूमिका और 'छात्रों की गूंज' अभियान
अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पिछले 5-6 वर्षों से लगातार छात्रों के भविष्य को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, BJP सरकार की शिक्षा और परीक्षा नीति का लाभ समाज के सभी छात्रों को समान रूप से नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार छात्रों के साथ न्याय नहीं कर रही, तब राहुल गांधी उनकी आवाज बनने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने बताया कि पिछले 5-6 वर्षों में कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन किए हैं। प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम इसी अभियान की अगली कड़ी है।
झारखंड में छात्र आंदोलन: BJP के पोस्टरों पर पलटवार
झारखंड में छात्र संगठनों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर BJP की ओर से लगाए गए पोस्टरों पर अखिलेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारों को आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, झारखंड में छात्रों के साथ पहले अधिकारी स्तर पर और फिर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत की गई — इसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की सही कार्यप्रणाली बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार असहमति रखने वाले आंदोलनों को बदनाम करने की कोशिश करती है और हर विरोध को विदेशी फंडिंग या किसी दूसरे देश से जोड़ने की परंपरा चल पड़ी है, जो पहले नहीं थी। उनके शब्दों में, 'झारखंड हो या कर्नाटक, मुख्यमंत्रियों को छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।'
पेपर लीक और शशि थरूर के बयान पर प्रतिक्रिया
पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान को लेकर अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि थरूर इस मामले में गलतफहमी में हैं और उन्हें अपना ज्ञान सुधारने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि 2018 में CBSE की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के पेपर लीक होने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाएं हाल के वर्षों में कई राज्यों में सामने आई हैं और छात्रों को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ी हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार, संसद में भी राहुल गांधी और विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाया।
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा बनाम छात्रों की अनदेखी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा किए जाने पर तंज कसते हुए अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति भी इसी तरह की संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब कांवड़ियों पर फूल बरसाए जा सकते हैं, तो छात्रों की मांगों को सुनने में क्या बाधा है — क्योंकि छात्र भी देश और समाज का अभिन्न हिस्सा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के धरने और प्रदर्शन के बाद संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और हॉस्टलों पर कार्रवाई की जाती है। उनके अनुसार, सरकार का काम छात्रों को दबाना या बदनाम करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।
आगे की राह
अखिलेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए कांग्रेस छात्र मुद्दों को संसद से सड़क तक उठाती रहेगी। उनका कहना है कि छात्र किसी भी देश का भविष्य होते हैं और उनकी आवाज को अनसुना करना देश के भविष्य को धूमिल करने के बराबर है। आलोचकों का कहना है कि अब देखना होगा कि सरकार इन माँगों पर ठोस कदम उठाती है या यह विमर्श केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित रहता है।