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अखिलेश यादव का 53वें जन्मदिन पर BJP पर हमला: 'नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट'

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अखिलेश यादव का 53वें जन्मदिन पर BJP पर हमला: 'नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट'

सारांश

अपने 53वें जन्मदिन पर अखिलेश यादव ने BJP को 'डोनेशन फर्स्ट' पार्टी करार दिया — राम मंदिर विवाद, पेपर लीक और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग पर सीधा हमला बोला। साथ ही क्यूआर कोड से ₹20 न्यूनतम सहयोग वाला 'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान लॉन्च किया — 2027 चुनाव की तैयारी का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को अपने 53वें जन्मदिन पर लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन कर BJP पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि उसकी प्राथमिकता 'नेशन फर्स्ट' नहीं, 'डोनेशन फर्स्ट' है।
राम मंदिर विवाद, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरा।
'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान की घोषणा — क्यूआर कोड के ज़रिए समर्थकों से न्यूनतम ₹20 का सहयोग लिया जाएगा।
यादव ने कहा कि भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन, 1 जुलाई को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता देश नहीं, बल्कि चंदा है। साथ ही उन्होंने 'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान शुरू करने की घोषणा की।

मुख्य आरोप और बयान

अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा की नजर नेशन पर नहीं, डोनेशन पर है। इनके लिए नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट है।' उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवादों ने देशभर में गंभीर सवाल खड़े किए हैं और भाजपा ने आस्था व श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है। उनके अनुसार, भाजपा के 'शब्दकोष में न धर्म है और न शर्म।'

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना

सपा अध्यक्ष ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था कमज़ोर होने के कारण छात्र कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो गए हैं, और अब सरकार उन कोचिंग संस्थानों पर भी दबाव बना रही है।

सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

यादव ने आरोप लगाया कि जो भी सरकार से सवाल पूछता है, उसके खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि संतों का अपमान हो रहा है, प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं और मुख्यमंत्री के गृह जनपद तक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

राम मंदिर और संविधान पर रुख

राम मंदिर और संविधान का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के आदर्श हैं, जबकि संविधान लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धर्म, संविधान, आस्था और श्रद्धा — सभी के साथ विश्वासघात किया है। साथ ही कहा कि भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।

'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान की घोषणा

सपा अध्यक्ष ने पार्टी को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के उद्देश्य से 'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान के तहत क्यूआर कोड के माध्यम से समर्थकों से न्यूनतम ₹20 का सहयोग लिया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कोई नई राजनीतिक भाषा नहीं है — विपक्ष इस तर्ज पर BJP को वर्षों से घेरता रहा है। असली सवाल यह है कि क्या सपा इन मुद्दों को ज़मीनी आंदोलन में बदल पाएगी या यह महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहेगा। ₹20 के क्यूआर कोड वाला 'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान संगठन को जन-वित्त पोषण से जोड़ने की दिशा में एक रोचक प्रयोग है — लेकिन 2027 से पहले इसकी सफलता का मापदंड कार्यकर्ता जुड़ाव होगा, न केवल धनराशि। राम मंदिर पर अखिलेश का रुख राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और इसकी प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के हिंदी हृदयस्थल में किस तरह पड़ती है, यह देखने वाली बात होगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने BJP पर 'डोनेशन फर्स्ट' का आरोप क्यों लगाया?
अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को अपने 53वें जन्मदिन पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में BJP पर आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता देश नहीं, बल्कि चंदा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर विवाद, पेपर लीक और सरकारी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों को दबाया जा रहा है।
'पीडीए स्वाभिमान सहयोग' अभियान क्या है?
यह समाजवादी पार्टी द्वारा शुरू किया जाने वाला एक क्राउडफंडिंग अभियान है, जिसके तहत क्यूआर कोड के माध्यम से पार्टी समर्थकों से न्यूनतम ₹20 का सहयोग लिया जाएगा। इसका उद्देश्य पार्टी संगठन को आर्थिक रूप से मज़बूत करना है।
अखिलेश यादव ने पेपर लीक पर क्या कहा?
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन गंभीर मुद्दों को चंदे और अन्य विवादों के बीच दबाया जा रहा है।
अखिलेश यादव का राम मंदिर पर क्या रुख है?
अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम सनातन परंपरा के आदर्श हैं, लेकिन उनके अनुसार BJP उनके नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े विवादों ने देशभर में गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था कमज़ोर होने के कारण छात्र कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो गए हैं और सरकार उन कोचिंग संस्थानों पर भी दबाव बना रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद तक में PHC और CHC प्रभावित हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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