30 जुलाई 2026
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अमरावती में गरीबों के लिए एक भी PMAY घर नहीं माँगा: संसद में हुआ खुलासा, वाईएसआरसीपी का TDP पर हमला

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अमरावती में गरीबों के लिए एक भी PMAY घर नहीं माँगा: संसद में हुआ खुलासा, वाईएसआरसीपी का TDP पर हमला

सारांश

संसद में केंद्र सरकार के जवाब ने खुलासा किया कि आंध्र प्रदेश ने 107 शहरों के लिए PMAY-U 2.0 प्रस्ताव भेजे, लेकिन राजधानी अमरावती के गरीबों के लिए एक भी नहीं। वाईएसआरसीपी ने इसे TDP की 'रियल एस्टेट-फर्स्ट' नीति का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने संसद में पुष्टि की कि आंध्र प्रदेश ने अमरावती के लिए PMAY-U 2.0 के तहत कोई आवास प्रस्ताव नहीं भेजा।
राज्य को अब तक ₹882.32 करोड़ की केंद्रीय सहायता से 61,084 घरों की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अमरावती इससे बाहर है।
17 जून 2026 की बैठक में 107 शहरी निकायों के लिए ₹185.55 करोड़ से 12,370 घरों को मंजूरी — अमरावती फिर भी सूची से बाहर।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि TDP सरकार अमरावती को गरीबों के लिए नहीं, रियल एस्टेट निवेशकों के लिए विकसित कर रही है।
TDP नेतृत्व की ओर से इस विशेष आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 30 जुलाई 2026 को आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नीत गठबंधन सरकार ने राजधानी अमरावती में गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत एक भी मकान का प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा। यह खुलासा संसद में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर हुआ।

संसद में क्या सामने आया

लोकसभा में वाईएसआरसीपी सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति और राज्यसभा में मेडा रघुनाथ रेड्डी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्रालय ने पुष्टि की कि आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती राजधानी क्षेत्र के लिए PMAY-U 2.0 के अंतर्गत कोई भी आवास प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि PMAY-U 2.0 के तहत मंजूरी पूरी तरह राज्य सरकार के प्रस्तावों पर निर्भर है। इस प्रकार, यदि राज्य ने अमरावती के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा, तो केंद्र स्वतः कोई आवंटन नहीं कर सकता।

राज्य को मिली मंजूरी और अमरावती की अनुपस्थिति

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश को PMAY-U 2.0 के तहत ₹882.32 करोड़ की केंद्रीय सहायता से 61,084 घरों की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त, 17 जून 2026 को हुई केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति की बैठक में राज्य के 107 शहरी स्थानीय निकायों के लिए ₹185.55 करोड़ की केंद्रीय सहायता से 12,370 और घरों को अनुमति दी गई।

वाईएसआरसीपी का कहना है कि इन 107 शहरी निकायों की सूची में अमरावती को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया, जो कि राज्य की घोषित राजधानी है।

वाईएसआरसीपी के सवाल और आरोप

पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि राज्य भर के 107 कस्बों और शहरों के लिए प्रस्ताव भेजे जा सकते थे, तो केवल अमरावती को क्यों छोड़ा गया? वाईएसआरसीपी के अनुसार, इससे यह संदेह गहरा होता है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार अमरावती को मजदूरों, दिहाड़ी मज़दूरों, कमजोर वर्गों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए नहीं, बल्कि रियल एस्टेट निवेशकों और संपन्न वर्ग के हितों के लिए विकसित कर रही है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि TDP गठबंधन सरकार एक ओर अमरावती को 'वर्ल्ड-क्लास राजधानी' के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसने जानबूझकर सबसे गरीब परिवारों को उसी शहर में घर पाने के अवसर से वंचित कर दिया।

TDP सरकार का पक्ष

गठबंधन सरकार की ओर से इस विशेष आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। TDP नेतृत्व बार-बार यह दावा करता रहा है कि अमरावती 'सभी की राजधानी' है और इसका विकास समावेशी होगा।

आगे क्या होगा

यह मुद्दा आंध्र प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, विशेषकर तब जब राज्य में अमरावती के पुनर्निर्माण को लेकर पहले से ही विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। वाईएसआरसीपी ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर राजधानी अमरावती के लिए नहीं — महज़ प्रशासनिक चूक नहीं लगता। अमरावती के इर्द-गिर्द भूमि-अधिग्रहण और रियल एस्टेट की राजनीति का पुराना इतिहास इस चुप्पी को संदिग्ध बनाता है। TDP सरकार को स्पष्ट करना होगा कि क्या यह नीतिगत निर्णय था या प्रशासनिक विफलता — क्योंकि 'सबकी राजधानी' का नारा और गरीबों के लिए शून्य आवास प्रस्ताव एक साथ नहीं चल सकते। विपक्ष का यह हमला तब और धारदार हो जाता है जब केंद्र सरकार का अपना जवाब ही आरोपों की पुष्टि करता दिखता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती में PMAY-U 2.0 के तहत घर क्यों नहीं मिले?
केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि PMAY-U 2.0 के तहत मंजूरी पूरी तरह राज्य सरकार के प्रस्तावों पर आधारित है। आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा, इसलिए वहाँ कोई आवास स्वीकृत नहीं हुआ।
आंध्र प्रदेश को PMAY-U 2.0 के तहत कुल कितने घर मिले हैं?
आंध्र प्रदेश को PMAY-U 2.0 के तहत ₹882.32 करोड़ की केंद्रीय सहायता से 61,084 घरों की मंजूरी मिली है। 17 जून 2026 की बैठक में 107 शहरी निकायों के लिए ₹185.55 करोड़ से 12,370 अतिरिक्त घर भी स्वीकृत किए गए।
वाईएसआरसीपी का TDP पर क्या आरोप है?
वाईएसआरसीपी का आरोप है कि TDP सरकार ने जानबूझकर अमरावती को PMAY प्रस्तावों से बाहर रखा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमरावती को गरीबों के लिए नहीं, बल्कि रियल एस्टेट निवेशकों और संपन्न वर्ग के हितों के लिए विकसित किया जा रहा है।
संसद में यह मामला किसने उठाया?
लोकसभा में वाईएसआरसीपी सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति और राज्यसभा में मेडा रघुनाथ रेड्डी ने यह सवाल उठाए, जिनके जवाब में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
TDP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
इस विशेष मामले पर TDP गठबंधन सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। TDP नेतृत्व पहले कह चुका है कि अमरावती 'सभी की राजधानी' है।
राष्ट्र प्रेस
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