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जगन मोहन रेड्डी का ऐलान: अगला आंध्र चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' पर लड़ेगी YSRCP

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जगन मोहन रेड्डी का ऐलान: अगला आंध्र चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' पर लड़ेगी YSRCP

सारांश

जगन मोहन रेड्डी ने राजधानी विवाद को अगले आंध्र चुनाव का केंद्रीय मुद्दा घोषित कर दिया है — माविगुन बनाम अमरावती। YSRCP माविगुन को घोषणापत्र में लाएगी, जबकि अमरावती पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर TDP को सीधी चुनौती दी गई है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 1 जुलाई को घोषणा की कि अगला आंध्र प्रदेश चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
YSRCP माविगुन को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल करेगी; माविगुन में मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर शामिल हैं।
जगन ने अमरावती परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और ठेकेदारों को अत्यधिक दरों पर भुगतान का दावा किया।
TDP नेताओं पर जाति-धर्म के मुद्दे भड़काने का आरोप; चंद्रबाबू नायडू से स्पष्ट रुख की माँग।
कथित हिरासत में मौत ( साईं कृष्णा ) और YSRCP की किसान योजनाओं को बंद किए जाने का भी मुद्दा उठाया।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 1 जुलाई को अमरावती में स्पष्ट किया कि राज्य का अगला विधानसभा चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' के केंद्रीय मुद्दे पर लड़ा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि YSRCP माविगुन के पक्ष में है और इसे पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।

माविगुन क्या है

माविगुन जगन मोहन रेड्डी द्वारा प्रस्तावित एक राजधानी कॉरिडोर अवधारणा है, जिसमें मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर को एक साथ जोड़ा जाता है। रेड्डी का तर्क है कि माविगुन में पहले से मौजूद बुनियादी ढाँचा और प्राकृतिक लाभ हैं, जो इसे अमरावती की तुलना में अधिक व्यावहारिक विकल्प बनाते हैं।

रेड्डी ने कहा, 'अगला चुनाव माविगुन बनाम अमरावती के बीच होगा। हम माविगुन के साथ हैं। जो लोग माविगुन के पक्ष में हैं, वे YSRCP को वोट देंगे और जो अमरावती के पक्ष में हैं, वे चंद्रबाबू को वोट देंगे।'

अमरावती पर भ्रष्टाचार के आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने अमरावती को राज्य की राजधानी बनाने का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इस परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा, 'अमरावती के नाम पर ठेकेदारों को बहुत अधिक दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि माविगुन के पास प्राकृतिक फायदे और पहले से मौजूद बुनियादी ढाँचा है।' यह आरोप उन्होंने बिना स्वतंत्र सत्यापन के लगाए हैं; सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

टीडीपी पर जाति-धर्म भड़काने का आरोप

रेड्डी ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेताओं पर जाति और धर्म के मुद्दों को भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इस पर चुप हैं। उन्होंने माँग की कि TDP को इस संवेदनशील मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का सामाजिक दर्जा धर्म परिवर्तन से नहीं बदलता और YSRCP ने इस विषय पर पूर्व में विधानसभा में भी अपना पक्ष रखा है।

कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है और सरकार पर सवाल उठाने वालों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने साईं कृष्णा की कथित हिरासत में मौत का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि इस मामले को लंबे समय तक दबाने की कोशिश की गई।

किसानों और YSRCP योजनाओं का मुद्दा

रेड्डी ने किसानों की समस्याओं को लेकर भी वर्तमान सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि YSRCP के शासनकाल में शुरू की गई किसान-हितैषी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किया जा रहा है, जिससे किसान वर्ग सीधे प्रभावित हो रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में राजधानी विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में लौट आया है और अगले चुनाव की आहट के साथ दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ तेज़ कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि 2024 की करारी हार के बाद YSRCP को नए आख्यान की सख्त ज़रूरत है। हालाँकि, माविगुन की व्यावहारिकता पर कोई स्वतंत्र मूल्यांकन सार्वजनिक नहीं हुआ है और अमरावती पर भ्रष्टाचार के दावे अभी भी न्यायिक या लेखा परीक्षण से सत्यापित नहीं हैं। गौरतलब है कि राजधानी का सवाल आंध्र प्रदेश में एक दशक से राजनीतिक दलों के बीच पेंडुलम की तरह झूलता रहा है — हर सरकार पिछले निर्णय को पलटती रही है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या मतदाता इस बार राजधानी के मुद्दे को रोज़गार, किसान और कानून-व्यवस्था जैसे ठोस मुद्दों से ऊपर रखेंगे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माविगुन क्या है और इसे कौन प्रस्तावित करता है?
माविगुन वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा प्रस्तावित एक राजधानी कॉरिडोर अवधारणा है जिसमें मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर को एक साथ जोड़ा जाता है। YSRCP का तर्क है कि इस क्षेत्र में पहले से मौजूद बुनियादी ढाँचा और प्राकृतिक लाभ हैं, जो इसे अमरावती से बेहतर विकल्प बनाते हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने अमरावती पर क्या आरोप लगाए हैं?
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि अमरावती परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और ठेकेदारों को अत्यधिक दरों पर भुगतान किया जा रहा है। ये आरोप उन्होंने 1 जुलाई को अमरावती में दिए अपने बयान में लगाए; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
YSRCP अगले चुनाव में माविगुन को कैसे मुद्दा बनाएगी?
YSRCP माविगुन को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल करेगी और इसे TDP की अमरावती नीति के विरुद्ध मुख्य विकल्प के रूप में पेश करेगी। जगन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि माविगुन समर्थक मतदाता YSRCP को और अमरावती समर्थक TDP को वोट देंगे — यानी यह एक सीधा ध्रुवीकरण का प्रयास है।
जगन ने TDP पर जाति-धर्म के मुद्दे भड़काने का आरोप क्यों लगाया?
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि TDP नेता जाति और धर्म के मुद्दों को उकसा रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस पर मौन हैं। उन्होंने TDP से इस संवेदनशील विषय पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की माँग की।
साईं कृष्णा की कथित हिरासत में मौत का मामला क्या है?
जगन मोहन रेड्डी ने साईं कृष्णा की कथित हिरासत में मौत का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले को लंबे समय तक दबाने की कोशिश की गई। यह मामला राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस के कथित राजनीतिक दुरुपयोग की बहस के संदर्भ में उठाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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