अनिल बलूनी ने वन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात, गढ़वाल की लंबित परियोजनाओं पर माँगी शीघ्र मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
गढ़वाल लोकसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संचार प्रमुख अनिल बलूनी ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में वन स्वीकृतियों के अभाव में अटकी विकास परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। बलूनी ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय भूगोल की विशेष चुनौतियों को देखते हुए इन परियोजनाओं में और देरी स्थानीय जनता के लिए हानिकारक होगी।
बैठक में उठे मुख्य मुद्दे
सांसद बलूनी ने बैठक में विशेष रूप से वन भूमि हस्तांतरण और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े उन प्रकरणों को रेखांकित किया जो लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने बताया कि सड़क, संपर्क मार्ग और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित अनेक परियोजनाएँ केवल प्रक्रियागत अड़चनों के कारण ज़मीन पर नहीं उतर पा रही हैं।
बलूनी ने यह भी कहा कि गढ़वाल के दुर्गम एवं दूरस्थ इलाकों में इन परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन केवल विकास का प्रश्न नहीं, बल्कि वहाँ के नागरिकों की बुनियादी जरूरतों से सीधे जुड़ा विषय है।
संयुक्त बैठक का प्रस्ताव
सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार की संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उनका तर्क था कि आपसी समन्वय के बिना लंबित प्रकरणों की बाधाएँ दूर करना संभव नहीं होगा और एक साझा मंच पर निर्णय लेने से प्रक्रिया में तेज़ी आएगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में अधिकांश बुनियादी ढाँचे की परियोजनाएँ वन भूमि से होकर गुजरती हैं, जिससे वन विभाग की स्वीकृति एक अनिवार्य और अक्सर समय-साध्य प्रक्रिया बन जाती है।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सांसद द्वारा प्रस्तुत मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और इनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। हालाँकि, किसी विशेष समयसीमा या परियोजना-विशेष के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा इस बैठक में नहीं की गई।
आम जनता पर असर
बलूनी के अनुसार, लंबित परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने से गढ़वाल के सुदूर पर्वतीय गाँवों में सड़क संपर्क सुधरेगा, आधारभूत संरचना मज़बूत होगी और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ मिलेंगी। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन में वृद्धि के मद्देनज़र बेहतर कनेक्टिविटी की माँग लगातार बढ़ रही है।
बलूनी ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक सहयोग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को जल्द गति मिलेगी और पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।