28 जुलाई 2026
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लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा आज, राहुल-प्रियंका समेत इन नेताओं की होगी भागीदारी

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लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा आज, राहुल-प्रियंका समेत इन नेताओं की होगी भागीदारी

सारांश

लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक पर बड़ी बहस तय है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी विपक्ष की अगुवाई करेंगे, तो सत्ता पक्ष से अनुराग ठाकुर मोर्चा संभालेंगे। विधेयक में ₹10 करोड़ जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है।

मुख्य बातें

28 जुलाई 2026 को लोकसभा में दोपहर 2 बजे एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा निर्धारित।
विपक्ष से राहुल गांधी , प्रियंका गांधी , के.सी.
वेणुगोपाल और जोथिमानि सेन्निमलई बोलेंगे।
सत्ता पक्ष से अनुराग ठाकुर , शशांक मणि त्रिपाठी , भोला सिंह , संजय जयसवाल और विष्णु दत्त शर्मा भाग लेंगे।
विधेयक में दोषियों के लिए 10 वर्ष कारावास और ₹10 करोड़ जुर्माना का प्रावधान।
फास्ट-ट्रैक अदालतें 3 महीने में फैसला सुनाने के लिए बाध्य होंगी।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई।

लोकसभा में मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर बहस निर्धारित की गई है। विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और जोथिमानि सेन्निमलई अपने विचार रखेंगे, जबकि सत्ता पक्ष से अनुराग ठाकुर, शशांक मणि त्रिपाठी, भोला सिंह, संजय जयसवाल और विष्णु दत्त शर्मा बहस में भाग लेंगे।

विधेयक की पृष्ठभूमि

सोमवार को कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था। यह विधेयक 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में बदलाव करने के उद्देश्य से लाया गया है। गौरतलब है कि यह कदम नई दिल्ली सहित देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर कई हफ्तों तक चले व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही यह घोषणा कर चुके थे कि पेपर लीक के विरुद्ध सख्त प्रावधानों वाला एक व्यापक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विधेयक और उससे जुड़े प्रावधानों को पहले ही मंजूरी दे दी है।

विधेयक की मुख्य विशेषताएँ

प्रस्तावित संशोधन में कई कड़े प्रावधान शामिल हैं। दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक की कारावास और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त संपत्ति जब्त करने का अधिकार भी दिया गया है।

विधेयक में फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना का भी प्रावधान है, जिनके लिए तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा ईमानदारी बढ़ाना है।

सदन में हंगामा और स्थगन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदस्यों से प्रश्नकाल के दौरान कार्यवाही में बाधा न डालने की अपील की। हालाँकि, हंगामा जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह विधेयक उन लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और पेपर लीक जैसी अनियमितताओं से प्रभावित होते रहे हैं। विधेयक का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।

आगे क्या होगा

बहस के बाद विधेयक को मतदान के लिए रखा जाएगा। यदि यह लोकसभा में पारित होता है, तो इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा। दोनों सदनों की मंजूरी के बाद यह राष्ट्रपति की अनुमति के लिए जाएगा और कानून का रूप लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — न कि कानून बनाने की। भारत में पहले से ऐसे कानून मौजूद हैं जो परीक्षा धोखाधड़ी को अपराध घोषित करते हैं, फिर भी NEET और UGC-NET जैसे बड़े लीक हुए। सवाल यह है कि फास्ट-ट्रैक अदालतें कितनी जल्दी स्थापित होंगी और क्या राज्य सरकारें केंद्रीय ढाँचे के साथ तालमेल बैठाएंगी। विधेयक की कड़ी सजाएँ तब तक निवारक नहीं बनेंगी जब तक जाँच एजेंसियाँ मजबूत न हों।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 क्या है?
यह विधेयक 2024 के मूल पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन करने के लिए लाया गया है। इसमें दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ तक का जुर्माना और संपत्ति जब्ती का प्रावधान शामिल है, साथ ही फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए 3 महीने में फैसले की व्यवस्था है।
लोकसभा में इस विधेयक पर बहस कब होगी?
28 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा निर्धारित की गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वयं इसकी जानकारी दी, हालाँकि हंगामे के कारण सदन पहले स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष की ओर से बहस में कौन-कौन बोलेगा?
कांग्रेस की ओर से विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और जोथिमानि सेन्निमलई बहस में भाग लेंगे।
यह विधेयक छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को नुकसान पहुँचाया है। यह विधेयक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल हो सके।
यह विधेयक किसने पेश किया और इसकी पृष्ठभूमि क्या है?
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को यह विधेयक लोकसभा में पेश किया। यह कदम देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ व्यापक कानून बनाने का आश्वासन दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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