20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनुराधा पौड़वाल ने सुमन कल्याणपुर को दी श्रद्धांजलि, बोलीं- ‘उनकी विरासत अमर रहेगी’

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनुराधा पौड़वाल ने सुमन कल्याणपुर को दी श्रद्धांजलि, बोलीं- ‘उनकी विरासत अमर रहेगी’

सारांश

दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर अनुराधा पौड़वाल की इंस्टाग्राम श्रद्धांजलि भावुक कर देने वाली है। पौड़वाल ने लिखा- ‘महान लोग चले जाते हैं, पर उनकी विरासत अमर रहती है।' मोहम्मद रफ़ी के साथ 140 से अधिक युगल गीत गाने वाली कल्याणपुर का स्वर हिन्दी सिनेमा के स्वर्णिम युग की पहचान रहा है।

मुख्य बातें

गायिका अनुराधा पौड़वाल ने 3 जून को इंस्टाग्राम पर दिवंगत सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि दी।
कल्याणपुर ने 1950-60 के दशक में करियर शुरू किया; पौड़वाल को पहचान 1970-80 के दशक में मिली।
उन्होंने मोहम्मद रफ़ी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत रिकॉर्ड किए।
प्रसिद्ध गीतों में ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' शामिल हैं।
हिन्दी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और भोजपुरी में भी गाया।

दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर वरिष्ठ गायिका अनुराधा पौड़वाल ने बुधवार, 3 जून को इंस्टाग्राम के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पौड़वाल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि महान कलाकारों की विरासत समय के साथ और अधिक प्रखर होकर आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहती है।

सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट

अनुराधा पौड़वाल ने दिवंगत गायिका की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘भावपूर्ण श्रद्धांजलि। महान लोग भले ही इस दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहती है। आपके योगदान, अनुभव और प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।'

उन्होंने आगे जोड़ा, ‘आपने जो यादें, सीख और अनमोल योगदान दिया, उसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। आप हमेशा हमारी यादों में जीवित रहेंगे और आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। ऊं शांति।'

दो पीढ़ियों की गायिकाएँ

सुमन कल्याणपुर ने अपने सिने-सफ़र की शुरुआत 1950 और 60 के दशक में की थी, जबकि अनुराधा पौड़वाल को बतौर पार्श्व गायिका पहचान 1970 और 80 के दशक में मिली। गौरतलब है कि दोनों गायिकाओं की शैली और दौर अलग रहे, लेकिन हिन्दी फिल्म संगीत की मेलोडी-परंपरा से उनका जुड़ाव साझा रहा।

कल्याणपुर अपनी मखमली, भावपूर्ण और शास्त्रीय गायन शैली के लिए जानी जाती थीं, जो लता मंगेशकर की शैली से काफ़ी मिलती-जुलती मानी जाती थी। दूसरी ओर, पौड़वाल ने बॉलीवुड के रोमांटिक गानों और बाद में भक्ति-संगीत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

सुनहरे दौर के अमर गीत

सुमन कल्याणपुर के सबसे लोकप्रिय गीतों में ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसे नग़मे शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘पसंत आहे मुलगी' से की थी, और ‘भातुकलीच्या खलमांडिला' को उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत माना जाता है।

रफ़ी के साथ ऐतिहासिक जोड़ी

आंकड़ों के अनुसार, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी के बीच पारिश्रमिक को लेकर हुए मतभेद के दौर में सुमन कल्याणपुर ने रफ़ी के साथ 140 से अधिक युगल गीत गाए, जो हिन्दी फिल्म संगीत के एक विशिष्ट अध्याय के रूप में दर्ज है। हिन्दी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और भोजपुरी सहित कई भारतीय भाषाओं में फिल्मी गीत और संगीत एल्बम रिकॉर्ड किए।

विरासत जो आगे भी गूँजेगी

संगीत जगत में शोक की लहर के बीच कलाकारों और प्रशंसकों की ओर से श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी है। पौड़वाल की पोस्ट इस बात का संकेत है कि कल्याणपुर का स्वर भले ही शांत हो गया हो, उनकी गायन-परंपरा आने वाले वर्षों तक नई पीढ़ी के गायकों को प्रेरित करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे अक्सर लता-आशा के विमर्श में नज़रअंदाज़ कर दिया गया। लता-रफ़ी विवाद के दौर में उन्होंने जो स्थान भरा, वह इतिहासकारों के लिए शोध का विषय होना चाहिए, न कि महज़ ‘विकल्प गायिका' की संक्षिप्त टिप्पणी। पौड़वाल की श्रद्धांजलि एक ज़रूरी रेखांकन है कि भारतीय पार्श्व-गायन की विरासत किसी एक नाम से नहीं, बल्कि कई समानांतर स्वरों से बनी है। मुख्यधारा कवरेज को अब इन कलाकारों को उनके योगदान के आधार पर पुनर्मूल्यांकित करना चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमन कल्याणपुर कौन थीं?
सुमन कल्याणपुर हिन्दी और मराठी सिनेमा की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका थीं, जिन्होंने 1950 और 60 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की। वे अपनी मखमली, भावपूर्ण और शास्त्रीय गायन शैली के लिए जानी जाती थीं, जो लता मंगेशकर की शैली से मिलती-जुलती मानी जाती थी।
अनुराधा पौड़वाल ने सुमन कल्याणपुर के लिए क्या कहा?
अनुराधा पौड़वाल ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि महान लोग भले ही दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहती है। उन्होंने कल्याणपुर के योगदान, अनुभव और प्रेरणा को आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बताया।
सुमन कल्याणपुर के सबसे लोकप्रिय गीत कौन-से हैं?
उनके सर्वाधिक लोकप्रिय गीतों में ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए' शामिल हैं। उन्होंने मराठी फिल्म ‘पसंत आहे मुलगी' से करियर शुरू किया था।
सुमन कल्याणपुर ने मोहम्मद रफ़ी के साथ कितने गीत गाए?
रिपोर्टों के अनुसार, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी के बीच मतभेद के दौर में सुमन कल्याणपुर ने रफ़ी के साथ 140 से अधिक युगल गीत गाए। इन गीतों को हिन्दी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर का अहम हिस्सा माना जाता है।
सुमन कल्याणपुर ने किन भाषाओं में गाने गाए?
उन्होंने हिन्दी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और भोजपुरी सहित कई भारतीय भाषाओं में फिल्मी गीत और संगीत एल्बम रिकॉर्ड किए। उनका 1960 और 1970 का दशक करियर का स्वर्णिम काल माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले