सुमन कल्याणपुर के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक, कहा— 'भारतीय संगीत को समृद्ध बनाया'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फिल्म संगीत की सुरीली आवाज़ सुमन कल्याणपुर का 1 जून 2026 को मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। 89 वर्ष की आयु में उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया।
PM मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर गायिका के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया।' मोदी ने आगे लिखा, 'उन्होंने अपने गीतों के ज़रिए संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ऊँ शांति।'
स्वर्णिम करियर और विरासत
सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी और उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल रहा, जब उन्होंने हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं में 740 से अधिक गीत गाए।
उनकी आवाज़ की मधुरता लता मंगेशकर से इतनी मिलती-जुलती थी कि श्रोता अक्सर भ्रमित हो जाते थे। गौरतलब है कि जब लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी के बीच मतभेद हुए, तब सुमन कल्याणपुर ने रफ़ी साहब के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए — जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा और पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
अविस्मरणीय गीत
उनके लोकप्रिय गीतों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसे सदाबहार नग़मे शामिल हैं, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हैं।
सम्मान और पुरस्कार
सुमन कल्याणपुर को महाराष्ट्र सरकार सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में उन्हें सबसे सम्मानित गायिकाओं में गिना जाता है।
अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार 1 जून 2026 को मुंबई में किया जाएगा। संगीत जगत ने एक ऐसी आवाज़ खो दी है जो दशकों तक भारतीय सिनेमा की आत्मा रही — उनकी विरासत उनके गीतों में हमेशा जीवित रहेगी।