सुमन कल्याणपुर के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु का शोक — 'कला जगत की अपूरणीय क्षति'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फिल्म संगीत की सुरीली आवाज़ सुमन कल्याणपुर का 1 जून 2026 को मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय संगीत जगत में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की संवेदनाएँ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुमन जी ने हिंदी और मराठी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपने मधुर गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। राष्ट्रपति ने उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गायिका के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए कहा, 'प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया।' उन्होंने आगे लिखा, 'उन्होंने अपने गीतों के ज़रिए संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ॐ शांति।'
स्वर्णिम करियर और संगीत विरासत
सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल रहा, जब उन्होंने एक के बाद एक सदाबहार गीत दिए।
उनके लोकप्रिय गीतों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसी रचनाएँ शामिल हैं, जो आज भी श्रोताओं के दिलों में बसी हैं। शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकप्रिय फिल्मी गीतों तक, उनका योगदान अत्यंत व्यापक और प्रभावशाली रहा।
रफी के साथ 140 युगल गीत — एक ऐतिहासिक साझेदारी
गौरतलब है कि लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी साहब के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए। यह साझेदारी भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है। उनकी आवाज़ की मिठास और सुरों की गहराई ने उन्हें भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में स्थान दिलाया।
पुरस्कार और सम्मान
सुमन कल्याणपुर को पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनका निधन भारतीय संगीत की उस पीढ़ी के एक और सितारे का अस्त होना है, जिसने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग को अपनी आवाज़ से अमर किया। संगीत प्रेमी और उनके परिजन उनकी यादों को सँजोए रखेंगे।