17 जुलाई 2026
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सुमन कल्याणपुर के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु का शोक — 'कला जगत की अपूरणीय क्षति'

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सुमन कल्याणपुर के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु का शोक — 'कला जगत की अपूरणीय क्षति'

सारांश

भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग की आवाज़ सुमन कल्याणपुर अब नहीं रहीं। 1 जून को मुंबई में उनके निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु ने 'अपूरणीय क्षति' बताया, PM मोदी ने तस्वीर साझा कर श्रद्धांजलि दी। रफी के साथ 140+ युगल गीत और पद्म भूषण — एक अमिट विरासत।

मुख्य बातें

प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन 1 जून 2026 को मुंबई स्थित आवास पर हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर इसे 'भारतीय कला जगत की अपूरणीय क्षति ' बताया।
PM नरेंद्र मोदी ने गायिका के साथ तस्वीर साझा कर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ 140 से अधिक युगल गीत गाए थे।
सुमन कल्याणपुर को पद्म भूषण सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त थे।

भारतीय फिल्म संगीत की सुरीली आवाज़ सुमन कल्याणपुर का 1 जून 2026 को मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय संगीत जगत में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की संवेदनाएँ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुमन जी ने हिंदी और मराठी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपने मधुर गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। राष्ट्रपति ने उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गायिका के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए कहा, 'प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया।' उन्होंने आगे लिखा, 'उन्होंने अपने गीतों के ज़रिए संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ॐ शांति।'

स्वर्णिम करियर और संगीत विरासत

सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल रहा, जब उन्होंने एक के बाद एक सदाबहार गीत दिए।

उनके लोकप्रिय गीतों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसी रचनाएँ शामिल हैं, जो आज भी श्रोताओं के दिलों में बसी हैं। शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकप्रिय फिल्मी गीतों तक, उनका योगदान अत्यंत व्यापक और प्रभावशाली रहा।

रफी के साथ 140 युगल गीत — एक ऐतिहासिक साझेदारी

गौरतलब है कि लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी साहब के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए। यह साझेदारी भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है। उनकी आवाज़ की मिठास और सुरों की गहराई ने उन्हें भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में स्थान दिलाया।

पुरस्कार और सम्मान

सुमन कल्याणपुर को पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनका निधन भारतीय संगीत की उस पीढ़ी के एक और सितारे का अस्त होना है, जिसने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग को अपनी आवाज़ से अमर किया। संगीत प्रेमी और उनके परिजन उनकी यादों को सँजोए रखेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमन कल्याणपुर कौन थीं और उनका निधन कब हुआ?
सुमन कल्याणपुर भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग की प्रमुख पार्श्वगायिका थीं, जिन्होंने हिंदी, मराठी और अन्य भारतीय भाषाओं में सैकड़ों गीत गाए। उनका निधन 1 जून 2026 को मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुमन कल्याणपुर के निधन पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने गायिका के परिवार और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।
सुमन कल्याणपुर के सबसे प्रसिद्ध गीत कौन से थे?
'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल हैं। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल रहा।
सुमन कल्याणपुर और मोहम्मद रफी की जोड़ी क्यों खास थी?
लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक युगल गीत गाए, जो भारतीय फिल्म संगीत इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण साझेदारी मानी जाती है।
सुमन कल्याणपुर को कौन-कौन से पुरस्कार मिले थे?
सुमन कल्याणपुर को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी।
राष्ट्र प्रेस
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