अबूबकर के 'महिलाएं घर में रहें' बयान पर बिहार मंत्री अशोक चौधरी का पलटवार — 'आधी आबादी को एकांत में नहीं बिठा सकते'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने 31 अगस्त 2026 को भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने महिलाओं को घरों तक सीमित रहने की वकालत की थी। चौधरी ने स्पष्ट कहा कि बिना महिलाओं की भागीदारी के देश न तो अमृतकाल में प्रवेश कर सकता है और न ही पुनः 'सोने की चिड़िया' बन सकता है।
विवादास्पद बयान की पृष्ठभूमि
कोच्चि में आयोजित 'हुब्बुल रसूल सम्मेलन' में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद ने कहा था कि महिलाओं को अपने घरों तक ही सीमित रहना चाहिए। इस टिप्पणी ने राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छेड़ दी। यह ऐसे समय में आया है जब महिला सशक्तिकरण भारत की नीतिगत प्राथमिकताओं के केंद्र में है।
मंत्री चौधरी की प्रतिक्रिया
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, 'अगर हिंदुस्तान को अमृतकाल में ले जाना है, देश को वापस सोने की चिड़िया बनाना है, तो महिलाओं को पुरुषों के साथ मिलकर काम करना होगा।' उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग ऐसी बातें करते हैं, वे पुरुष प्रधान मानसिकता से ग्रसित हैं और देश को आगे ले जाना है तो बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं होना चाहिए।
बिहार की राजनीतिक हलचल
मंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्रीय सहयोग की अपेक्षा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बार-बार मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से भी भेंट की थी। उन्होंने बताया कि नेपाल से आने वाली बाढ़ और गाद प्रबंधन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार राष्ट्रीय गाद नीति की माँग उठाते रहे हैं। सांसद संजय झा ने संसद में यह मुद्दा उठाया था कि फरक्का जल संधि की समयसीमा समाप्त होने वाली है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संकट उत्पन्न कर सकती है।
जहरीली शराब और कानून-व्यवस्था पर रुख
राज्य में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के मामले में चौधरी ने कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि देश में गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों की कमी नहीं है, लेकिन सरकार इस पर सख्त कदम उठाएगी।
अभिषेक बनर्जी नोटिस मामले पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुई हाथापाई के संबंध में पुलिस नोटिस पर चौधरी ने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है — यह सामान्य कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बनर्जी नोटिस पर उपस्थित नहीं होते, तो पुलिस न्यायालय से वारंट प्राप्त करेगी। महिला सशक्तिकरण की यह बहस आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेने की संभावना है।