डीजल तस्करी रोकने पर परेशान की गई एएसआई सुप्रिया मुखर्जी ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल से लगाई गुहार
सारांश
मुख्य बातें
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुप्रिया मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल में डीजल की अवैध तस्करी रोकने के बाद कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उत्पीड़न का सामना किया। उन्होंने शनिवार, 17 मई 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर से न्याय की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
एएसआई सुप्रिया मुखर्जी के अनुसार, वे अंडाल पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में डीजल की अवैध तस्करी रोकने की कार्रवाई कर रही थीं। इस दौरान पकड़े गए बदमाशों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि अंडाल पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज के साथ उनकी 'सेटिंग' है। जाँच में पप्पू नामक एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया।
एएसआई मुखर्जी का आरोप है कि जब ऑफिसर-इन-चार्ज ने घटना का वीडियो देखा, तो वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर बदमाशों को रिहा कर दिया गया। इसके बाद उन्हें उनकी नियमित जिम्मेदारी से हटाकर हेल्प डेस्क पर तैनात कर दिया गया — जिसे वे जानबूझकर दिया गया कम महत्वपूर्ण कार्यभार मानती हैं।
मंत्री से संपर्क और शिकायत
उत्पीड़न का सामना करने के बाद एएसआई मुखर्जी ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल से सीधे संपर्क किया। उन्होंने अंडाल पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज और संबंधित बदमाशों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत कमिश्नरेट स्तर पर भी भेजी गई है।
व्यापक पुलिस सुधार का संदर्भ
गौरतलब है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस प्रशासन को असामाजिक और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। इसी माहौल में एएसआई मुखर्जी की यह कार्रवाई सामने आई है।
यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब शुक्रवार को मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य संचालित आरजीकर मेडिकल कॉलेज में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में भारतीय पुलिस सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। निलंबित किए गए अधिकारियों में कोलकाता पुलिस के तत्कालीन कमिश्नर विनीत कुमार गोयल, तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ डिवीज़न) अभिषेक गुप्ता और तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तीनों निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जाँच शुरू करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि आरजीकर मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।
क्या होगा आगे
एएसआई मुखर्जी की शिकायत पर कमिश्नरेट स्तर पर जाँच की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल के हस्तक्षेप के बाद इस मामले पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह घटना बंगाल में पुलिस सुधार और भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की असली परीक्षा बन सकती है।