3 नवंबर 2026
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असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 कुत्तों के बचाव की घोषणा की, पशु तस्करी पर कड़ी कार्रवाई का संकल्प

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असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 कुत्तों के बचाव की घोषणा की, पशु तस्करी पर कड़ी कार्रवाई का संकल्प

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर 26 कुत्तों के बचाव की घोषणा करते हुए पशु तस्करी के खिलाफ राज्य का दृढ़ रुख दोहराया। असम पुलिस की सराहना की गई और बचाए गए जानवरों को चिकित्सा देखभाल दी जा रही है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 नवंबर 2026 को 26 कुत्तों के बचाव की घोषणा एक्स पर की।
बचाए गए जानवरों को सुरक्षित केंद्र में रखा गया है और चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
असम पुलिस ने बचाव अभियान में समन्वित भूमिका निभाई, मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की।
सरमा ने कहा — 'किसी भी जीवन को वस्तु की तरह नहीं समझा जाना चाहिए'; पशु तस्करी के खिलाफ सख्त रुख दोहराया।
बचाव के सटीक स्थान और परिस्थितियों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को घोषणा की कि 26 कुत्तों को अवैध व्यापार और शोषण के चंगुल से बचाकर उन्हें सुरक्षित आश्रय दिया गया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार निर्दोष जानवरों के हर प्रकार के शोषण के विरुद्ध दृढ़ता से खड़ी है।

मुख्यमंत्री का संदेश और बचाव की जानकारी

मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि बचाए गए इन 26 प्यारे दोस्तों को अब देखभाल, दया और आशा से भरा नया अध्याय मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'किसी भी जीवन को वस्तु की तरह नहीं समझा जाना चाहिए।' पोस्ट के साथ साझा तस्वीरों में एक देखभाल केंद्र में कई कुत्ते दिखाई दे रहे थे, जिन्हें बचाव के बाद चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही थी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान के सटीक स्थान और उन परिस्थितियों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया, जिनमें ये जानवर बरामद किए गए।

असम पुलिस की भूमिका और सराहना

मुख्यमंत्री ने असम पुलिस की विशेष प्रशंसा की, जिसने बचाव अभियान में समन्वित कार्रवाई करते हुए इन जानवरों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों का यह समन्वित प्रयास पशु कल्याण की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बचाए गए जानवरों को अभी चिकित्सा देखभाल दी जा रही है और उन्हें खुशहाल तथा स्थायी जीवन उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।

पशु क्रूरता और अवैध व्यापार की पृष्ठभूमि

यह बचाव अभियान ऐसे समय में आया है जब देशभर में पशु तस्करी, क्रूरता और पशु संरक्षण कानूनों के कमज़ोर क्रियान्वयन को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। असम में भी पशु अवैध व्यापार की घटनाएँ चर्चा में रही हैं। राज्य सरकार का यह कदम पशु कल्याण के प्रति बढ़ती जागरूकता और सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।

गौरतलब है कि भारत में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं के अवैध व्यापार और दुर्व्यवहार पर दंड का प्रावधान है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इसका क्रियान्वयन अभी भी अपेक्षाकृत कमज़ोर है।

राज्य सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई

सरमा के इस बयान से राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जानवरों को व्यावसायिक वस्तु की तरह नहीं देखा जाएगा। उन्होंने पशु तस्करी और शोषण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखने का भरोसा दिलाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बचाव अभियान न केवल पीड़ित जानवरों को राहत देते हैं, बल्कि अवैध पशु व्यापार नेटवर्क पर अंकुश लगाने में भी सहायक होते हैं।

आने वाले समय में असम पुलिस की इस दिशा में कार्रवाई और तेज़ होने की उम्मीद है, और बचाए गए जानवरों के पुनर्वास की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल यह है कि बचाव अभियान की परिस्थितियाँ — कहाँ, कैसे और किसके नेटवर्क से — सार्वजनिक क्यों नहीं की गईं। पारदर्शिता के बिना ऐसी घोषणाएँ जागरूकता का अवसर खो देती हैं। भारत में पशु क्रूरता कानूनों का क्रियान्वयन दशकों से कमज़ोर रहा है; एक बयान और कुछ तस्वीरें उस ढाँचागत कमी को नहीं भरतीं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या असम पुलिस तस्करी नेटवर्क पर एफआईआर दर्ज करती है और अभियोजन तक पहुँचती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में 26 कुत्तों को कहाँ से बचाया गया?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बचाव अभियान के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया। उन्होंने केवल इतना बताया कि 26 कुत्तों को अवैध व्यापार और शोषण से बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है।
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने यह घोषणा कब और कहाँ की?
मुख्यमंत्री सरमा ने 3 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की। उनकी पोस्ट में बचाए गए कुत्तों की तस्वीरें भी थीं, जिनमें उन्हें देखभाल केंद्र में दिखाया गया था।
बचाए गए 26 कुत्तों की अभी क्या स्थिति है?
बचाए गए जानवरों को एक सुरक्षित केंद्र में रखा गया है और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन जानवरों के लिए देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है।
असम सरकार पशु तस्करी के खिलाफ क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है कि पशु अवैध व्यापार और शोषण के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों का समन्वित प्रयास जारी रहेगा। असम पुलिस को इस बचाव अभियान के लिए सराहा गया है।
भारत में पशु क्रूरता पर क्या कानून है?
भारत में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं के दुर्व्यवहार और अवैध व्यापार पर दंड का प्रावधान है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस कानून का क्रियान्वयन अभी भी कई राज्यों में कमज़ोर है।
राष्ट्र प्रेस
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