असम में बाढ़ पीड़ितों को राहत: पीएम सूर्य घर योजना के 9,289 लाभार्थियों को ₹41.67 करोड़ की सब्सिडी मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 31 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 9,289 लाभार्थियों के लिए 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत बकाया राज्य सब्सिडी के रूप में ₹41.67 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। यह निर्णय उस समय आया है जब असम के चार जिले बाढ़ की ताज़ा लहर से बुरी तरह प्रभावित हैं और राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
सब्सिडी का सीधा हस्तांतरण
मुख्यमंत्री सरमा ने बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) स्वीकृत सब्सिडी राशि को मंगलवार तक सभी 9,289 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दे। यह सुनिश्चित किया गया है कि बाढ़ की विपदा में परिवारों को योजना का लाभ बिना किसी विलंब के मिले।
सरकार की प्रतिबद्धता
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'असम के चार जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, इसलिए हमारी सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब्सिडी पहले से जारी राहत और पुनर्वास कार्यों के अतिरिक्त है — न कि उनके स्थान पर।
बचाव दलों की सराहना
मुख्यमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और अन्य एजेंसियों के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा, 'बाढ़ शुरू होने के बाद से बचाव टीमें बिना थके काम कर रही हैं। वे मुश्किल हालात के बावजूद लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने और फँसे लोगों तक ज़रूरी राहत सामग्री पहुँचाने का काम कर रही हैं।'
ज़मीनी राहत की स्थिति
प्रभावित जिलों में अधिकारी भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। NDRF और SDRF के जवान अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं और जीवनरक्षक सामग्री पहुँचा रहे हैं। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ बड़े पैमाने पर जन-जीवन को प्रभावित करती है और यह राहत पहल उस दीर्घकालिक चुनौती से निपटने की दिशा में एक सक्रिय कदम है।
आगे की राह
APDCL को मंगलवार की समयसीमा तक सब्सिडी हस्तांतरण पूरा करना है। राज्य सरकार का यह कदम पीएम सूर्य घर जैसी केंद्रीय योजनाओं को आपदा राहत से जोड़ने का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे बाढ़ प्रभावित परिवारों को दोहरा लाभ मिल सके।