15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईडी अधिकारियों पर हमला: तिरुवनंतपुरम अदालत ने 5 आरोपियों की जमानत खारिज, कुल गिरफ्तारियां 25

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईडी अधिकारियों पर हमला: तिरुवनंतपुरम अदालत ने 5 आरोपियों की जमानत खारिज, कुल गिरफ्तारियां 25

सारांश

तिरुवनंतपुरम अदालत ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में पाँच आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। कुल गिरफ्तारियां 25 पहुँच चुकी हैं। गृह मंत्री ने डीजीपी को जल्द आरोप-पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं — यह मामला केरल में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर तेज हो रहा है।

मुख्य बातें

तिरुवनंतपुरम की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने निधिन राज, मनोज, जीवन, श्रीजीत और शाहीन की जमानत याचिकाएं खारिज कीं।
आरोपियों पर हत्या के प्रयास और पीडीपीपी अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
पूर्व अट्टुकल पार्षद उन्नीकृष्णन सहित गुरुवार रात 6 और आरोपी गिरफ्तार; कुल गिरफ्तारियां 25 हुईं।
गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने डीजीपी को शीघ्र आरोप-पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

तिरुवनंतपुरम की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने 31 मई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के मामले में गिरफ्तार पहले पाँच आरोपियों — निधिन राज, मनोज, जीवन, श्रीजीत और शाहीन — की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय जाँच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता।

आरोपियों पर क्या धाराएं लगाई गई हैं

पाँचों आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्य-निर्वहन से रोकने, तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने संबंधी कानून (पीडीपीपी अधिनियम) के तहत मामले दर्ज हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जाँच अभी अपने शुरुआती और अत्यंत महत्त्वपूर्ण चरण में है, और आरोपियों को जमानत मिलने से जाँच की दिशा प्रभावित हो सकती है।

बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं अंततः जाँच में टिक नहीं पाएंगी। हालाँकि अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।

गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी

इस बीच तिरुवनंतपुरम शहर पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार रात पूर्व अट्टुकल पार्षद उन्नीकृष्णन सहित छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 25 हो गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। जाँच एजेंसियां हमले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हैं। शहर के पुलिस आयुक्त ने बताया कि जाँच तेजी से आगे बढ़ रही है और कई संदिग्धों को निगरानी में रखा गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मामले के राजनीतिक और कानूनी रूप से संवेदनशील होने के मद्देनज़र गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आरोप-पत्र शीघ्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य उच्च अदालतों में आरोपियों द्वारा राहत माँगे जाने से पहले अभियोजन पक्ष की स्थिति को मजबूत करना है।

मामले का राजनीतिक संदर्भ

ईडी अधिकारियों पर हुए इस हमले ने केरल में व्यापक राजनीतिक बहस छेड़ दी है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय जाँच एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच अधिकार-क्षेत्र को लेकर तनाव पहले से चर्चा में रहा है। गौरतलब है कि ईडी अधिकारियों पर सीधे हमले की घटनाएं देश में विरल हैं, जो इस प्रकरण को और अधिक गंभीर बनाती हैं।

आगे क्या होगा

अदालत द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किया जाना इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के लिए पहला बड़ा न्यायिक झटका माना जा रहा है। अब आरोपी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। साथ ही अभियोजन पक्ष द्वारा शीघ्र आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामले की अगली सुनवाई की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित प्रतिरोध का संकेत हो सकती है — जिसकी जाँच की परतें अभी खुलनी बाकी हैं। अदालत का जमानत खारिज करना अभियोजन पक्ष के लिए शुरुआती जीत है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं उच्च न्यायालय की कसौटी पर परखी जाएंगी। गृह मंत्री का त्वरित आरोप-पत्र का निर्देश राजनीतिक दबाव को दर्शाता है, पर यह भी सवाल उठाता है कि क्या जल्दबाजी में दाखिल आरोप-पत्र अभियोजन को कमज़ोर कर सकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवनंतपुरम में ईडी अधिकारियों पर हमले का मामला क्या है?
यह मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हुए हमले से संबंधित है। आरोपियों पर हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य से रोकने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
अदालत ने जमानत याचिकाएं क्यों खारिज कीं?
तिरुवनंतपुरम की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि केंद्रीय जाँच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला गंभीर अपराध है। अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जाँच अभी शुरुआती चरण में है और जमानत मिलने से जाँच प्रभावित हो सकती है, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक इस मामले में कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार रात पूर्व अट्टुकल पार्षद उन्नीकृष्णन सहित छह और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह संख्या 25 पहुँची। पुलिस सूत्रों के अनुसार और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
केरल सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आरोप-पत्र शीघ्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य उच्च अदालतों में आरोपियों द्वारा जमानत माँगे जाने से पहले अभियोजन की स्थिति को मज़बूत करना है।
आरोपियों के लिए आगे क्या विकल्प बचे हैं?
निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद आरोपी केरल उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। साथ ही अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामले की अगली न्यायिक दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले