29 जून 2026
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केरल सरकार ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया

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केरल सरकार ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया

सारांश

केरल सरकार ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया — यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर 28 मई की छापेमारी के बाद शुरू हुआ था। साथ ही ईडी ने नौवें आरोपी की जमानत रद्द करने के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है।

मुख्य बातें

केरल सरकार ने 29 जून 2026 को अधिवक्ता ए.
संतोष कुमार को अपराध संख्या 762/2026 में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया।
यह मामला 28 मई 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी के बाद अधिकारियों पर हुए हमले से जुड़ा है।
ईडी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच कर रही थी।
तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय ने नौवें आरोपी हरीश कुमार को 24 जून 2026 को जमानत दी थी।
ईडी ने केरल उच्च न्यायालय में हरीश कुमार की जमानत रद्द करने की याचिका दायर की है।

केरल सरकार ने 29 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 762/2026 के लिए अधिवक्ता ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। यह मामला उस कथित हमले से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर सीपीआईएम समर्थकों ने हमला किया था। आरोप है कि यह हमला तब हुआ जब ईडी की टीम पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना टी. से पूछताछ के बाद लौट रही थी।

नियुक्ति का सरकारी आदेश

केरल सरकार की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, ए. संतोष कुमार को राज्य की ओर से सक्षम न्यायालय में इस मामले का मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया है। उन्हें केरल सरकार के लॉ ऑफिसर्स (नियुक्ति और सेवा की शर्तें) और केस संचालन नियम, 1978 के नियम 32 की मद 10 में निर्धारित फीस का भुगतान किया जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी की टीम कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच कर रही थी। इसी सिलसिले में एजेंसी ने 28 मई 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद लौट रही टीम पर कुछ लोगों ने हमला किया और अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार, इस हमले में सीपीआईएम के कुछ समर्थकों की भूमिका सामने आई है और कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ईडी की उच्च न्यायालय में याचिका

प्रवर्तन निदेशालय ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले के नौवें आरोपी हरीश कुमार को दी गई जमानत रद्द करने की माँग की है। तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय ने 24 जून 2026 को हरीश कुमार को जमानत दी थी। ईडी ने आशंका जताई है कि जमानत याचिका पर विचार के दौरान अदालत को गलत जानकारी दी गई होगी, जिसके परिणामस्वरूप जमानत मंजूर हो गई।

जाँच का दायरा और आगे की राह

ईडी को यह भी आशंका है कि इस कथित हमले की साजिश में कुछ अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी अभी तक जाँच नहीं हुई है। स्पेशल प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति के साथ यह मामला अब केरल की राजनीति और केंद्रीय जाँच एजेंसियों के बीच टकराव का नया केंद्र बन गया है। उच्च न्यायालय में ईडी की याचिका पर सुनवाई का परिणाम इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही सरकार अब मुकदमा चलाने की जिम्मेदारी संभाल रही है — यह हितों के टकराव का एक स्पष्ट प्रश्न खड़ा करता है। ईडी का यह आरोप कि सत्र न्यायालय को जमानत के समय गलत जानकारी दी गई, अभियोजन तंत्र की निष्पक्षता पर भी संदेह की छाया डालता है। इस मामले की असली परीक्षा यह होगी कि क्या स्पेशल प्रॉसिक्यूटर राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर पाएँगे।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में ईडी अधिकारियों पर हमले का मामला क्या है?
28 मई 2026 को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास समेत कई स्थानों पर कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद लौट रही टीम पर कुछ लोगों ने हमला किया और वाहनों में तोड़फोड़ की; पुलिस के अनुसार इसमें सीपीआईएम समर्थकों की भूमिका सामने आई है।
ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर क्यों नियुक्त किया गया?
केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 762/2026 में राज्य की ओर से अदालत में मुकदमा चलाने के लिए ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति केरल सरकार के लॉ ऑफिसर्स नियम 1978 के तहत की गई है।
हरीश कुमार कौन है और ईडी ने उसकी जमानत रद्द करने की माँग क्यों की?
हरीश कुमार इस हमले के मामले में नौवाँ आरोपी है, जिसे तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय ने 24 जून 2026 को जमानत दी थी। ईडी ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह जमानत रद्द करने की माँग की है, यह आशंका जताते हुए कि जमानत याचिका पर विचार के दौरान अदालत को गलत जानकारी दी गई होगी।
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड मामला क्या है?
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला वह मूल जाँच है जिसके तहत ईडी ने 28 मई 2026 को पिनाराई विजयन के आवास सहित कई जगहों पर छापेमारी की थी। इसी छापेमारी के दौरान वीना टी. से भी पूछताछ की गई थी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
केरल उच्च न्यायालय में ईडी की जमानत-रद्द याचिका पर सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी। साथ ही, ईडी को आशंका है कि हमले की साजिश में कुछ अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी जाँच अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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