केरल सरकार ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने 29 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 762/2026 के लिए अधिवक्ता ए. संतोष कुमार को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। यह मामला उस कथित हमले से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर सीपीआईएम समर्थकों ने हमला किया था। आरोप है कि यह हमला तब हुआ जब ईडी की टीम पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना टी. से पूछताछ के बाद लौट रही थी।
नियुक्ति का सरकारी आदेश
केरल सरकार की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, ए. संतोष कुमार को राज्य की ओर से सक्षम न्यायालय में इस मामले का मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया है। उन्हें केरल सरकार के लॉ ऑफिसर्स (नियुक्ति और सेवा की शर्तें) और केस संचालन नियम, 1978 के नियम 32 की मद 10 में निर्धारित फीस का भुगतान किया जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी की टीम कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच कर रही थी। इसी सिलसिले में एजेंसी ने 28 मई 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद लौट रही टीम पर कुछ लोगों ने हमला किया और अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार, इस हमले में सीपीआईएम के कुछ समर्थकों की भूमिका सामने आई है और कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ईडी की उच्च न्यायालय में याचिका
प्रवर्तन निदेशालय ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले के नौवें आरोपी हरीश कुमार को दी गई जमानत रद्द करने की माँग की है। तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय ने 24 जून 2026 को हरीश कुमार को जमानत दी थी। ईडी ने आशंका जताई है कि जमानत याचिका पर विचार के दौरान अदालत को गलत जानकारी दी गई होगी, जिसके परिणामस्वरूप जमानत मंजूर हो गई।
जाँच का दायरा और आगे की राह
ईडी को यह भी आशंका है कि इस कथित हमले की साजिश में कुछ अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी अभी तक जाँच नहीं हुई है। स्पेशल प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति के साथ यह मामला अब केरल की राजनीति और केंद्रीय जाँच एजेंसियों के बीच टकराव का नया केंद्र बन गया है। उच्च न्यायालय में ईडी की याचिका पर सुनवाई का परिणाम इस मामले की दिशा तय करेगा।