अयोध्या दीपोत्सव 2024: पुष्पक विमान से उतरे श्रीराम, CM योगी ने रथ खींचकर किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के अवसर पर 7 नवंबर 2024 को रामनगरी में त्रेतायुग की स्मृतियाँ साकार हो उठीं। पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप रामकथा पार्क के निकट अस्थायी हेलीपैड पर उतरे, जिससे पूरा परिसर 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से स्वयं रथ खींचकर प्रभु का भव्य स्वागत किया।
मुख्य कार्यक्रम और गणमान्य अतिथि
दीपोत्सव के केंद्रीय आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रामकथा पार्क पहुँचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित मंत्रिमंडल के अनेक सहयोगी भी इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद रहे।
गुरु वशिष्ठ की भूमिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के साथियों के साथ भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों की अगवानी की। इसके बाद उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। धार्मिक परंपरा के अनुसार श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को रथ पर विराजमान कराया गया, और मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री ने स्वयं रथ खींचा — यह दृश्य देख उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
भव्य शोभायात्रा और 21 झाँकियाँ
साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय कर यह यात्रा रामकथा पार्क पहुँची। इसमें कुल 21 झाँकियाँ शामिल थीं — 7 झाँकियाँ रामायण के सातों कांडों पर और 14 झाँकियाँ केंद्र व प्रदेश सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित थीं।
रामायण की झाँकियों में बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक की गाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। किष्किंधाकांड में सुग्रीव और हनुमान से मिलन, सुंदरकांड में बजरंगबली के पराक्रम और लंकाकांड में रावण के साथ युद्ध के दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने।
लोकसंस्कृति और परंपराओं का संगम
शोभायात्रा के दौरान रामपथ पर लोकसंस्कृति का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर पारंपरिक धुनों पर थाप दी। ढोल, नगाड़ों और ताशों की गूँज के बीच लोक कलाकारों के नृत्य और करतबों ने उत्सव की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने भी उपस्थित जनसमूह का ध्यान खींचा।
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से इस नगरी का धार्मिक और पर्यटन महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक बढ़ गया है। गौरतलब है कि यह 10वाँ दीपोत्सव अब तक के सबसे भव्य आयोजनों में से एक रहा।
आम जनता पर असर
रामपथ पर उमड़ी भीड़ में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दिया। श्रद्धालु जगह-जगह रुककर झाँकियों को निहारते और कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। दसवें दीपोत्सव की इस शोभायात्रा ने जहाँ प्राचीन भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक दी, वहीं सरकारी योजनाओं पर आधारित झाँकियों ने आधुनिक अयोध्या और प्रदेश के विकास का चित्र भी प्रस्तुत किया। आने वाले वर्षों में इस आयोजन के और भव्य होने की संभावना है, क्योंकि अयोध्या का पर्यटन बुनियादी ढाँचा तेज़ी से विकसित हो रहा है।