5 नवंबर 2026
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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी: सुप्रीम कोर्ट ने नकारी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट 16 नवंबर को करेगा सुनवाई

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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी: सुप्रीम कोर्ट ने नकारी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट 16 नवंबर को करेगा सुनवाई

सारांश

समाजवादी पार्टी नेता आजम खान को सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली — अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय 16 नवंबर को उनकी ईडी गिरफ्तारी वाली याचिका की सुनवाई करेगा। वकील कपिल सिब्बल ने 80 वर्षीय आजम खान की जमानत की गुहार लगाई, लेकिन फिलहाल वे डासना जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 5 नवंबर 2026 को आजम खान की याचिका पर राहत देने से इनकार किया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय 16 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगा; सभी अभिलेख 2 दिनों में स्थानांतरित करने का आदेश।
आजम खान पर जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग समेत कुल 28 मामले दर्ज बताए गए।
गाज़ियाबाद की विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा; अभी डासना जेल में हैं।
वकील कपिल सिब्बल ने 80 वर्षीय आजम खान की उम्र और 2006 की घटना पर 2019 में दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए जमानत की अपील की।

समाजवादी पार्टी (SP) नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय से 5 नवंबर 2026 को कोई राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई 16 नवंबर को वहीं होगी।

मुख्य घटनाक्रम

जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने आजम खान को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी को उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की और रजिस्ट्री को आदेश दिया कि मामले के समस्त अभिलेख दो दिनों के भीतर इलाहाबाद उच्च न्यायालय को स्थानांतरित किए जाएँ।

इस बीच, मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में गाज़ियाबाद की विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसके बाद उन्हें डासना जेल स्थानांतरित किया गया है।

वकील की दलीलें

आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ के समक्ष दलील दी कि उनके मुवक्किल पर 28 मामले दर्ज हैं, जिनमें एक मनी लॉन्ड्रिंग का है। सिब्बल ने कहा, 'यह सरासर उत्पीड़न है।' उन्होंने बताया कि 2006 की एक घटना के लिए एफआईआर 2019 में दर्ज की गई, जब आजम खान किसी पद पर नहीं थे।

सिब्बल ने आजम खान की 80 वर्ष की आयु का हवाला देते हुए जमानत की अपील की और चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही तो उनके मुवक्किल जेल में ही दम तोड़ देंगे।

सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी

पीठ ने टिप्पणी की कि आजम खान पर आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की ज़मीन जबरन ली गई थी। अदालत ने स्वीकार किया कि घटना 2006 की और एफआईआर 2019 की है, लेकिन यह भी संकेत दिया कि यह दलील दी जा सकती है कि देरी उनके कथित प्रभाव के कारण हुई। इस पर सिब्बल ने पुनः स्पष्ट किया कि उस दौर में आजम सत्ता में नहीं थे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे रहे हैं और उनके खिलाफ दर्ज मामले वर्षों से विवादास्पद रहे हैं। समाजवादी पार्टी इन सभी मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताती है, जबकि जाँच एजेंसियों का रुख यह है कि कार्रवाई साक्ष्य-आधारित है। यह मामला ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी हलचल के बीच विपक्षी नेताओं के खिलाफ जाँच एजेंसियों की सक्रियता राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई है।

आगे की राह

इलाहाबाद उच्च न्यायालय अब 16 नवंबर 2026 को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले के सभी रिकॉर्ड दो दिनों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। फिलहाल आजम खान डासना जेल में न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत अर्जी पर अब उच्च न्यायालय ही अंतिम निर्णय लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला एक बड़े सवाल को उठाता है — क्या विपक्षी नेताओं के खिलाफ जाँच एजेंसियों की कार्रवाई में एक पैटर्न उभर रहा है? आजम खान पर 28 मामले और रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तारी — यह संयोग न्यायिक दायरे से परे राजनीतिक प्रश्न खड़े करता है। 2006 की घटना पर 2019 में दर्ज एफआईआर की समयसीमा पर पीठ की स्वयं की जिज्ञासा यह बताती है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं, संवैधानिक निगरानी की भी परीक्षा है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजम खान की ईडी गिरफ्तारी किस मामले में हुई है?
आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के लिए किसानों की ज़मीन जबरन ली गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की याचिका पर क्या फैसला किया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 5 नवंबर 2026 को आजम खान को राहत देने से इनकार करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया। अदालत ने रजिस्ट्री को सभी अभिलेख दो दिनों में उच्च न्यायालय को भेजने का आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट कब सुनवाई करेगा?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय 16 नवंबर 2026 को आजम खान की याचिका पर सुनवाई करेगा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर मामले के सभी दस्तावेज़ पहले ही स्थानांतरित किए जाएँगे।
आजम खान अभी किस जेल में हैं?
गाज़ियाबाद की विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद उन्हें डासना जेल स्थानांतरित किया गया है। वे रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए थे।
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में क्या दलीलें दीं?
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि आजम खान पर 28 मामले दर्ज हैं और 2006 की घटना के लिए 2019 में एफआईआर दर्ज करना उत्पीड़न है। उन्होंने 80 वर्षीय आजम खान की आयु और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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