आजमगढ़ हत्याकांड: दो पुजारियों की हत्या पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, BJP बोली — कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दो पुजारियों की हत्या और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर को लेकर 23 सितंबर 2026 को प्रदेश की राजनीति तेज़ी से गरमा गई। विपक्षी दलों ने इस घटना को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय मॉडल करार दिया।
विपक्ष का हमला: कांग्रेस और सपा ने साधा निशाना
लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'दो पुजारियों की हत्या की यह भयानक घटना उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दिखाती है। यह दिखाता है कि अपराधी कितने बेखौफ हो गए हैं और एनकाउंटर भी उन्हें कैसे नहीं रोक पा रहे हैं।' उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा, 'पुलिस को अपराधियों को गिरफ्तार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें संविधान के अनुसार सजा मिले, चाहे वह कठोर कारावास हो या मौत की सजा। लेकिन पुलिस भी अपराधियों के साथ अपराधियों जैसा ही बर्ताव कर रही है।'
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी इस घटना को व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा, 'आप लगातार देख सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। आजमगढ़, गाजीपुर या गाजियाबाद को ही देख लीजिए — महिलाओं को परेशान किया जा रहा है, हत्याएँ हो रही हैं। फिर भी भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है और दावा कर रही है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कई ज़िलों से हत्या और उत्पीड़न की खबरें आती रही हैं।
BJP का पलटवार: योगी मॉडल की हुई तारीफ
बलरामपुर से BJP विधायक पलटू राम ने इस हत्याकांड को कानून-व्यवस्था की विफलता मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'इस घटना को कानून-व्यवस्था से नहीं जोड़ सकते। अपने ही परिवार के सदस्यों और पुजारी की इस तरह हत्या कोई मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति ही कर सकता है। कोई भी व्यक्ति जो मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ है, ऐसा काम नहीं कर सकता।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के प्रशासनिक कार्य की सराहना करते हुए कहा, 'पिछले 10 सालों में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैसे काम किया है, यह जगज़ाहिर है। आज अगर आप मध्य प्रदेश या हरियाणा जाएँ, तो वहाँ सीएम योगी के कानून-व्यवस्था मॉडल की चर्चा होती है।'
एनकाउंटर पर उठे सवाल
गौरतलब है कि हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने एनकाउंटर की कार्रवाई की, जिसे विपक्ष ने सवालों के घेरे में रखा। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, एनकाउंटर-आधारित पुलिसिंग संविधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और इससे अपराध पर दीर्घकालिक अंकुश नहीं लगाया जा सकता। यह इस वर्ष उत्तर प्रदेश में हुए उन कई एनकाउंटरों में से एक है, जिन पर मानवाधिकार संगठन और विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं।
क्या होगा आगे
आजमगढ़ हत्याकांड अब विधानसभा के अगले सत्र तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है। विपक्ष ने मामले की न्यायिक जाँच की माँग की है, जबकि सरकार का रुख अभी तक इस बारे में स्पष्ट नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कानून-व्यवस्था का मुद्दा दोनों पक्षों के लिए निर्णायक राजनीतिक हथियार बनने की संभावना है।