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कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का भाजपा पर हमला: संसद, UP कानून-व्यवस्था और राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए सवाल

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कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का भाजपा पर हमला: संसद, UP कानून-व्यवस्था और राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए सवाल

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने एक साथ तीन मोर्चों पर भाजपा को घेरा — 12 साल से संसद में व्यवधान का आरोप, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में UP में 396+ दंगों का हवाला, और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर शंकराचार्यों व अखाड़ों को शामिल करने की माँग। यह बयान मानसून सत्र से ठीक पहले आया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 19 जुलाई 2026 को लखनऊ में भाजपा पर संसद, UP कानून-व्यवस्था और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर तीखे आरोप लगाए।
राजपूत का आरोप — भाजपा पिछले 12 वर्षों से संसद की कार्यवाही बाधित करती रही है और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देती।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के हवाले से दावा — उत्तर प्रदेश में 396 से अधिक दंगे दर्ज हैं।
संभल , बहराइच और कासगंज में सांप्रदायिक तनाव और UP में महिलाओं-दलितों की असुरक्षा पर सवाल।
माँग — राम मंदिर ट्रस्ट भंग कर शंकराचार्यों , रामानुजाचार्यों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों को शामिल कर नया धार्मिक ट्रस्ट बनाया जाए।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 19 जुलाई 2026 को लखनऊ में तीखे बयान जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक साथ तीन मोर्चों पर निशाना साधा — संसद के संचालन, उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर भाजपा सरकारें जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर खुली बहस से लगातार बचती आ रही हैं।

संसद के मानसून सत्र पर भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

आगामी मानसून सत्र की कार्यवाही को लेकर राजपूत ने स्पष्ट कहा कि सदन के सुचारु संचालन की पूरी जिम्मेदारी भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा लगातार संसद की कार्यवाही को बाधित करती रही है — कभी खुद व्यवधान उत्पन्न करके, कभी ऐसा माहौल बनाकर जिसमें जनहित के विषयों पर चर्चा संभव न हो सके।

राजपूत ने कहा, 'सच्चाई यह है कि भाजपा जनता के मुद्दों को संसद में आने ही नहीं देती। अगर विपक्ष को जनता की समस्याएं उठाने से रोका जाएगा तो यह माना जाएगा कि भाजपा की लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

UP में कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राजपूत ने कहा कि यदि राज्य सरकार का दावा है कि माफिया राज समाप्त हो चुका है, तो प्रदेश में रोज हत्याएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने संभल, बहराइच और कासगंज जैसे जिलों में सांप्रदायिक तनाव और दंगों की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार की विफलता को रेखांकित किया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में 396 से अधिक दंगों का उल्लेख है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिलाओं और दलितों के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल है और बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की माँग

अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट के मुद्दे पर राजपूत ने आरोप लगाया कि मौजूदा ट्रस्ट राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहा है और इसका पुनर्गठन अनिवार्य है। उन्होंने माँग की कि वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर इसे पूर्णतः धार्मिक स्वरूप में नए सिरे से गठित किया जाए।

राजपूत के अनुसार, नए ट्रस्ट में शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि राम मंदिर का संचालन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप और व्यापक प्रतिनिधित्व के साथ हो सके।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि कांग्रेस की यह तीन-आयामी आक्रामकता संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आई है, जो विपक्ष की रणनीतिक तैयारी को दर्शाती है। भाजपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की माँग एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की माँग सबसे जोखिम भरी है — यह भाजपा को हिंदू भावनाओं का रक्षक बताने का अवसर दे सकती है। UP में 396 दंगों का आँकड़ा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट पर आधारित बताया गया है, जो इसे महज राजनीतिक आरोप से अलग करता है — लेकिन संदर्भ और परिभाषा महत्वपूर्ण हैं। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को संसद के भीतर उतनी ही ऊर्जा से उठाएगा जितनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई देती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेंद्र राजपूत ने संसद के संचालन पर भाजपा को क्यों घेरा?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से संसद की कार्यवाही बाधित करती रही है और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देती। उन्होंने आगामी मानसून सत्र के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाली।
UP में 396 दंगों का दावा किस रिपोर्ट पर आधारित है?
राजपूत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 396 से अधिक दंगे दर्ज हैं। उन्होंने संभल, बहराइच और कासगंज जैसे जिलों को उदाहरण के रूप में उद्धृत किया।
कांग्रेस राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की माँग क्यों कर रही है?
कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने माँग की है कि इसे भंग कर शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए पूर्णतः धार्मिक स्वरूप में पुनर्गठित किया जाए।
UP की कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार के माफिया-मुक्त दावों के बावजूद प्रदेश में रोज हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश महिलाओं और दलितों के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में है और बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने में सरकार विफल रही है।
भाजपा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
राजपूत के बयान के समय तक भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह बयान संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आया है, जब विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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