26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल की जनता को ओवैसी और हुमायूं कबीर से सतर्क रहने की सलाह: नसीम सिद्दीकी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल की जनता को ओवैसी और हुमायूं कबीर से सतर्क रहने की सलाह: नसीम सिद्दीकी

सारांश

बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, नसीम सिद्दीकी ने ओवैसी और कबीर के गठबंधन पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि जनता को इन नेताओं से सतर्क रहना चाहिए। इस विवादास्पद गठबंधन के पीछे के तथ्य जानें।

मुख्य बातें

नसीम सिद्दीकी ने ओवैसी और कबीर के गठबंधन पर सवाल उठाए हैं।
बंगाल की जनता को इन नेताओं से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
मालेगांव धमाके की जांच की पारदर्शिता की आवश्यकता है।
सिद्दीकी का मानना है कि न्यायपालिका पर भी लोगों का विश्वास कम हो रहा है।
भाजपा के वोटरों को बेवकूफ नहीं कहा जा सकता।

मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान, जब प्रत्याशी नामांकन जमा कर रहे हैं, असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर के बीच गठबंधन के तार खुल गए हैं। जैसे ही यह गठबंधन टूटता है, एनसीपी (एसपी) के नेता नसीम सिद्दीकी ने कटाक्ष किया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता को इन दोनों मुस्लिम नेताओं से सतर्क रहना चाहिए।

मुंबई में एनसीपी (एसपी) के नेता नसीम सिद्दीकी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हुमायूं कबीर भाजपा का आदमी है। मुझे तो यह भी संदेह है कि क्या वे वास्तव में मुस्लिम हैं। हुमायूं कबीर भाजपा के लिए काम कर रहा है। जब एक ओर बाबरी मस्जिद को नष्ट किया गया था, तो अब अगर कोई बाबरी मस्जिद बनाने की मांग करता है, तो उससे बड़ा बेवकूफ या भाजपा का एजेंट कोई और नहीं हो सकता। ओवैसी की बात करें, तो वे भी भाजपा की टीम का हिस्सा हैं।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि हुसैन दलवई जो पहले सांसद रह चुके हैं, उन्हें समझना चाहिए कि वोटर्स का अपमान नहीं किया जा सकता। वोट देना हर नागरिक का अधिकार है। हम प्रयास करेंगे कि उनकी विचारधारा में परिवर्तन हो, ताकि वे सांप्रदायिकता की जगह सेक्युलर आधार पर वोट करें, लेकिन भाजपा के वोटरों को बेवकूफ नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने मालेगांव धमाका मामले में बरी होने के बाद कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नति मिलने पर कहा कि मालेगांव विस्फोट एक गंभीर घटना थी। जब यह विस्फोट हुआ, तब मैं खुद महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन था। मुझे लगता है कि अगर हेमंत करकरे की हत्या नहीं हुई होती, तो आज दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता।

नसीम सिद्दीकी ने कहा कि वर्तमान सरकार से लोगों का विश्वास धीरे-धीरे उठता जा रहा है। न्यायपालिका से भी लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। मैं जानना चाहता हूं कि यदि ये निर्दोष हैं, तो मालेगांव धमाके का असली दोषी कौन है। सरकार को सच्चाई का सामना करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब सरकार बदलेगी, तो पिछले 20 वर्षों में हुए सभी विस्फोटों और उनकी जांचों को फिर से करवाने का कार्य करेंगे और सच्चाई को सामने लाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी और हुमायूं कबीर का गठबंधन क्यों टूटा?
नसीम सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि यह गठबंधन भाजपा के एजेंडे का हिस्सा है, जिससे उसे राजनीतिक लाभ हो रहा है।
नसीम सिद्दीकी ने किस बात पर चिंता जताई?
उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता को ओवैसी और कबीर जैसे नेताओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
क्या ओवैसी भाजपा के सहयोगी हैं?
नसीम सिद्दीकी का कहना है कि ओवैसी भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं, जो उनके विचारों से स्पष्ट होता है।
मालेगांव धमाके के संदर्भ में सिद्दीकी का क्या कहना है?
सिद्दीकी ने कहा कि मालेगांव धमाका एक गंभीर घटना थी और इसकी जांच में पारदर्शिता होनी चाहिए।
क्या नसीम सिद्दीकी की बातों का राजनीतिक महत्व है?
हाँ, उनका दृष्टिकोण बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों को इंगित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले