1 अगस्त 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: महागठबंधन में दरार, कांग्रेस ने तेजस्वी और राजद की रणनीति पर उठाए सवाल

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बांकीपुर उपचुनाव: महागठबंधन में दरार, कांग्रेस ने तेजस्वी और राजद की रणनीति पर उठाए सवाल

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही महागठबंधन में亀 दरारें दिखने लगी हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने तेजस्वी यादव की 'रुचि की कमी' और राजद-भाजपा के बीच 'अंदरूनी समझ' के कथित आरोप लगाए — बिना ठोस प्रमाण के। बिहार विपक्ष की एकता एक बार फिर कठघरे में है।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने 1 अगस्त को राजद और तेजस्वी यादव की बांकीपुर उपचुनाव रणनीति पर सवाल उठाए।
आरोप: पूरे चुनाव अभियान में इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रभावी प्रदर्शन नहीं हुआ।
कांग्रेस ने कथित तौर पर राजद-BJP के बीच 'अंदरूनी समझ' का आरोप लगाया — हालांकि कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।
राजद के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बैंक में बिखराव का दावा किया गया।
राजद की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही महागठबंधन में आंतरिक तनाव उभर आया है। कांग्रेस ने गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए हैं। 1 अगस्त को पटना से आए इन बयानों ने बिहार की विपक्षी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

कांग्रेस के आरोप: क्या कहा प्रवक्ता ने

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल होने के नाते राजद की जिम्मेदारी भी सबसे अधिक बनती है। उनके अनुसार, पूरे चुनाव अभियान के दौरान महागठबंधन या इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रभावी प्रदर्शन नहीं किया गया।

तिवारी ने कहा, 'यह समझ से परे है कि ऐसा क्यों हुआ। संभव है कि इस मामले में तेजस्वी यादव की पर्याप्त रुचि नहीं रही हो।' यह बयान सीधे तौर पर राजद नेतृत्व की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है।

भाजपा से 'अंदरूनी समझ' का कथित आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि राजद के भीतर ही इस बात को लेकर चर्चाएं हो रही हैं कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ किसी तरह की अंदरूनी समझ बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि इस संबंध में उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यह आरोप कथित तौर पर गठबंधन के भीतर फैली अफवाहों पर आधारित बताया गया।

एम-वाई वोट बैंक में बिखराव की चिंता

तिवारी ने यह भी कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में राजद के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बैंक में बिखराव देखने को मिला। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को भी पूरी तरह संभालने में सफल नहीं दिखे। गौरतलब है कि यही वोट बैंक राजद की चुनावी ताकत की बुनियाद माना जाता है।

पिछले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि

कांग्रेस प्रवक्ता ने पिछले विधानसभा चुनाव का भी हवाला दिया, जब कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' की स्थिति बनी थी और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं। यह पहली बार नहीं है जब महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठे हों — आलोचकों का कहना है कि गठबंधन में सीट-बंटवारे और प्रचार रणनीति को लेकर तनाव पुराना है।

राजद की प्रतिक्रिया और आगे की राह

कांग्रेस के इस बयान पर राजद की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। महागठबंधन के भीतर यह तनाव ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं। राजद नेतृत्व यदि इन आरोपों का जवाब नहीं देता, तो गठबंधन की एकजुटता पर और सवाल उठ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना प्रमाण के ऐसे आरोप गठबंधन को कमज़ोर करते हैं और विरोधियों को मुफ्त में राजनीतिक हथियार देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की नींव रखी जा रही है — और विपक्षी एकता ही भाजपा को चुनौती देने का एकमात्र रास्ता है। महागठबंधन की असली परीक्षा यह है कि क्या यह तनाव खुलकर संवाद से सुलझाया जाएगा, या सार्वजनिक बयानबाज़ी से और बढ़ाया जाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में महागठबंधन के भीतर विवाद क्यों हुआ?
कांग्रेस प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि राजद ने बांकीपुर उपचुनाव में इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रभावी इस्तेमाल नहीं किया और तेजस्वी यादव की इस चुनाव में पर्याप्त रुचि नहीं दिखी। इससे महागठबंधन के भीतर आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गए।
कांग्रेस ने राजद पर भाजपा से 'अंदरूनी समझ' का आरोप क्यों लगाया?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राजद के भीतर ही यह चर्चा है कि क्या भाजपा के साथ कोई अंदरूनी समझ बनी हुई है। हालांकि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि इस आरोप के समर्थन में उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
राजद के एम-वाई वोट बैंक में बिखराव का क्या मतलब है?
मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बैंक राजद की पारंपरिक चुनावी ताकत की बुनियाद माना जाता है। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव में इस वोट बैंक में एकजुटता नहीं दिखी, जिससे राजद की स्थिति कमज़ोर हुई।
राजद ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या कहा?
कांग्रेस के बयान के बाद राजद की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। राजद नेतृत्व की चुप्पी ने बिहार की विपक्षी राजनीति में नई चर्चा को हवा दी है।
बिहार महागठबंधन में पहले भी इस तरह के विवाद हुए हैं?
हाँ, कांग्रेस प्रवक्ता ने खुद पिछले विधानसभा चुनाव का हवाला दिया, जब कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' की स्थिति बनी थी। समन्वय की कमी और सीट-बंटवारे को लेकर तनाव महागठबंधन में पुरानी समस्या रही है।
राष्ट्र प्रेस
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