बांकीपुर उपचुनाव: महागठबंधन में दरार, कांग्रेस ने तेजस्वी और राजद की रणनीति पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही महागठबंधन में आंतरिक तनाव उभर आया है। कांग्रेस ने गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए हैं। 1 अगस्त को पटना से आए इन बयानों ने बिहार की विपक्षी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस के आरोप: क्या कहा प्रवक्ता ने
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल होने के नाते राजद की जिम्मेदारी भी सबसे अधिक बनती है। उनके अनुसार, पूरे चुनाव अभियान के दौरान महागठबंधन या इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रभावी प्रदर्शन नहीं किया गया।
तिवारी ने कहा, 'यह समझ से परे है कि ऐसा क्यों हुआ। संभव है कि इस मामले में तेजस्वी यादव की पर्याप्त रुचि नहीं रही हो।' यह बयान सीधे तौर पर राजद नेतृत्व की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है।
भाजपा से 'अंदरूनी समझ' का कथित आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि राजद के भीतर ही इस बात को लेकर चर्चाएं हो रही हैं कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ किसी तरह की अंदरूनी समझ बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि इस संबंध में उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यह आरोप कथित तौर पर गठबंधन के भीतर फैली अफवाहों पर आधारित बताया गया।
एम-वाई वोट बैंक में बिखराव की चिंता
तिवारी ने यह भी कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में राजद के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बैंक में बिखराव देखने को मिला। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को भी पूरी तरह संभालने में सफल नहीं दिखे। गौरतलब है कि यही वोट बैंक राजद की चुनावी ताकत की बुनियाद माना जाता है।
पिछले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि
कांग्रेस प्रवक्ता ने पिछले विधानसभा चुनाव का भी हवाला दिया, जब कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' की स्थिति बनी थी और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं। यह पहली बार नहीं है जब महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठे हों — आलोचकों का कहना है कि गठबंधन में सीट-बंटवारे और प्रचार रणनीति को लेकर तनाव पुराना है।
राजद की प्रतिक्रिया और आगे की राह
कांग्रेस के इस बयान पर राजद की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। महागठबंधन के भीतर यह तनाव ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं। राजद नेतृत्व यदि इन आरोपों का जवाब नहीं देता, तो गठबंधन की एकजुटता पर और सवाल उठ सकते हैं।